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जिला जेल में बंदियों ने किया पथराव, तोड़फोड़, डाक्टर और डिप्टी जेलर घायल

Tue, 21 Apr 2020 10:03 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2020 10:03 PM IST
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Detainees hurled stones, doctors and deputy jailer injured in district jail
जिला कारागार गेट के बाहर तैनात पुलिसकर्मी। - फोटो : BALLIA
बलिया। जिला जेल में सोमवार को बाउंड्री के अंदर फेंके गए मोबाइल को जिला प्रशासन की ओर से जब्त किए जाने से नाराज बंदियों ने मंगलवार को बवाल किया। मंगलवार की दोपहर बंदियों ने पथराव किया जिसमें डिप्टी जेलर डॉ. विनय दुबे और जेल चिकित्सक डॉ. देवेश कुमार चोटहिल हो गए। बंदियों ने तोड़फोड़ भी की जिसमें सीसी कैमरे क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस फोर्स ने बल प्रयोग कर बंदियों को काबू किया। बाद में जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही और पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ भी जेल में पहुंचे। जेल सूत्रों की मानें तो बंदियों का आरोप था कि लॉक डाउन के दौरान जेल प्रशासन की ओर से घर बात कराने पर अधिक पैसे की वसूल करते हैं। इसको लेकर मामला भड़का था। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। मामले में जेल प्रशासन संबंधित बंदियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रहा है।
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जिला कारागार परिसर में बाहर से सोमवार को कुछ बंदियों के लिए मोबाइल आदि फेंके गए थे। इसका पता चलने पर जेल प्रशासन ने जेल में चेकिंग की और कुछ बंदियों के पास से मोबाइल बरामद कर जब्त किया। इसको लेकर नाराज बंदियों ने विरोध भी किया था। इसके बाद बंदियों ने योजना बनाकर मंगलवार को दोपहर में हंगामा शुरू कर दिया। जब तक जेलकर्मी कुछ समझते बंदियों ने जेल में तोड़फोड़ शुरू कर दी और सीसी कैमरे, अस्पताल और बैरकों में शीशे व खिड़कियां आदि तोड़ दी। बंदी रक्षकों ने रोकने का प्रयास किया तो बंदी पथराव करने लगे। इस दौरान डिप्टी जेलर डॉ. विनय दुबे और जेल चिकित्सक डॉ. देवेश कुमार चोटहिल हो गए। यह देख जेल प्रशासन ने जिला प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद कई थानों की पुलिस के साथ सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार के साथ सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश पाल जेल में पहुंचे। बाहर से पहुंची फोर्स और बंदी रक्षकों ने एक साथ बल प्रयोग कर कैदियों पर काबू किया और उन्हें बैरकों में पहुंचाया। इसके बाद बंदियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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इसकी सूचना मिलने पर जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही और पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ जेल में पहुंचे और बंदियों से बात की। जेल सूत्रों की मानें तो कैदियों ने अधिकारी द्वय के सामने कई आरोप लगाए। उनका कहना था कि जेल में ठीक से भोजन नहीं दिया जा रहा है। यहां की व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। उनका आरोप था कि लॉकडाउन में घर बात करने पर चार्ज बढ़ा दिया गया है। इस समय हर कार्य के लिए डबल पैसे लिए जा रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जेल अधीक्षक से बात की और उन्हें कैदियों की व्यवस्था के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। हालांकि जेल से बाहर निकले जिलाधिकारी ने कहा कि बंदियों ने जेल प्रशासन की ओर से मोबाइल आदि जब्त करने के विरोध में ही बवाल किया था। उन्हें काबू कर लिया गया है और संबंधित बंदियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए जेल प्रशासन को निर्देश दिया गया है।
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सोमवार को जेल की बाउंड्री से कुछ बंदियों के लिए मोबाइल आदि फेंके गए थे जिन्हें जेल प्रशासन ने जब्त कर लिया था। इसके विरोध में मंगलवार को बंदियों ने एकजुट होकर तोड़फोड़ की और पथराव किया। बंदियों को काबू कर लिया गया है और सख्त कार्रवाई की जा रही है।-श्रीहरि प्रताप शाही, जिलाधिकारी।
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