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मनरेगा के संविदाकर्मियों का ब्योरा होगा ऑनलाइन
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बलिया। अब मनरेगा के तहत कार्यरत संविदा कर्मियों का पूरा ब्योरा ऑनलाइन किया जाएगा। शुक्रवार को ग्राम विकास उपायुक्त का निर्देश जिले को प्राप्त हुआ है। निर्देश है कि संविदा कर्मियों का पूरा ब्योरा निर्धारित पोर्टल पर दो दिनों के अंदर फीड किया जाए। इससे जहां संविदा कर्मियों को राहत मिलेगी वहीं मानदेय भुगतान में हो रहे खेल पर भी लगाम लगेगी।
जिले में वर्ष 2007-08 में मनरेगा योजना की शुरुआत की गई। योजना संचालन के लिए संविदा पर अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, लेखा सहायक, कम्प्यूटर ऑपरेटर के अलावा रोजगार सेवकों की तैनाती की गई। तैनाती के बाद से ही समय-समय पर यह संविदा कर्मी मानदेय को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। आज भी जिले के रोजगार सेवकों का पिछले कई माह का मानदेय बकाया है। इसको दुरुस्त करने के लिए शासन ने अब पहल की है। ग्राम विकास उपायुक्त अजय प्रकाश ने बताया है कि समय-समय पर इन संविदा कर्मियों के मानदेय के बाबत सूचनाएं मांगी जाती हैं। बताया जाता है कि जिले स्तर से सूचनाएं समय से नहीं पहुंचने के कारण मानदेय की धनराशि का हस्तांतरण प्रभावित होता था। इसको देखते हुए शासन ने सभी संविदाकर्मियों का ब्योरा ऑनलाइन करने का निर्देश दिया है। इसके तहत मनरेगा डॉट एनआईसी डॉट इन पर ब्लॉक का नाम, कुल ग्राम पंचायतों की संख्या, ग्राम पंचायत का नाम, संविदा कर्मी का नाम व मोबाइल नंबर फीड करने का निर्देश जारी किया गया है।
752 संविदाकर्मियों को भी मिलेगी राहत : बलिया। मनरेगा के तहत कार्य करने वाले कुल 752 संविदा कर्मियों को हर माह मानदेय के लिए जूझना पड़ता है। इसमें 687 रोजगार सेवकों के अलावा अन्य कर्मी हैं। खासकर रोजगार सेवकों के मानदेय में ब्लॉकों से खूब खेल किया जाता है। कई ऐसे रोजगार सेवकों के नाम पर भी कई बार मानदेय का भुगतान किया गया जो सालों तक कोई काम नहीं किए और गैरहाजिर रहे। अब इस व्यवस्था के लागू होने के बाद इस खेल पर लगाम लग सकेगा। इसके अलावा मानदेय के लिए बार-बार शासन को भी सूचनाएं नहीं मांगनी पड़ेगी।
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मनरेगा के प्रभारी डीसी डीएन दुबे ने बताया कि मनरेगा के तहत कार्यरत संविदाकर्मियों का ब्योरा शासन की ओर से निर्धारित पोर्टल अपलोड किया जाएगा। इसके लिए सभी ब्लॉकों को निर्देश जारी कर दिया गया है।
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जिले में वर्ष 2007-08 में मनरेगा योजना की शुरुआत की गई। योजना संचालन के लिए संविदा पर अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, लेखा सहायक, कम्प्यूटर ऑपरेटर के अलावा रोजगार सेवकों की तैनाती की गई। तैनाती के बाद से ही समय-समय पर यह संविदा कर्मी मानदेय को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। आज भी जिले के रोजगार सेवकों का पिछले कई माह का मानदेय बकाया है। इसको दुरुस्त करने के लिए शासन ने अब पहल की है। ग्राम विकास उपायुक्त अजय प्रकाश ने बताया है कि समय-समय पर इन संविदा कर्मियों के मानदेय के बाबत सूचनाएं मांगी जाती हैं। बताया जाता है कि जिले स्तर से सूचनाएं समय से नहीं पहुंचने के कारण मानदेय की धनराशि का हस्तांतरण प्रभावित होता था। इसको देखते हुए शासन ने सभी संविदाकर्मियों का ब्योरा ऑनलाइन करने का निर्देश दिया है। इसके तहत मनरेगा डॉट एनआईसी डॉट इन पर ब्लॉक का नाम, कुल ग्राम पंचायतों की संख्या, ग्राम पंचायत का नाम, संविदा कर्मी का नाम व मोबाइल नंबर फीड करने का निर्देश जारी किया गया है।
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752 संविदाकर्मियों को भी मिलेगी राहत : बलिया। मनरेगा के तहत कार्य करने वाले कुल 752 संविदा कर्मियों को हर माह मानदेय के लिए जूझना पड़ता है। इसमें 687 रोजगार सेवकों के अलावा अन्य कर्मी हैं। खासकर रोजगार सेवकों के मानदेय में ब्लॉकों से खूब खेल किया जाता है। कई ऐसे रोजगार सेवकों के नाम पर भी कई बार मानदेय का भुगतान किया गया जो सालों तक कोई काम नहीं किए और गैरहाजिर रहे। अब इस व्यवस्था के लागू होने के बाद इस खेल पर लगाम लग सकेगा। इसके अलावा मानदेय के लिए बार-बार शासन को भी सूचनाएं नहीं मांगनी पड़ेगी।
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मनरेगा के प्रभारी डीसी डीएन दुबे ने बताया कि मनरेगा के तहत कार्यरत संविदाकर्मियों का ब्योरा शासन की ओर से निर्धारित पोर्टल अपलोड किया जाएगा। इसके लिए सभी ब्लॉकों को निर्देश जारी कर दिया गया है।