Dengue cases: डेंगू वार्ड पर ताला, अन्य मरीजों के साथ संक्रमितों का हो रहा इलाज, ये कैसी व्यवस्था?
माल्देपुर निवासी सरिता देवी डेंगू की मरीज हैं। शुक्रवार को अचानक तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंची। वहां उन्हें स्पेशल वार्ड में भर्ती न कर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर दिया।
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बलिया में डेंगू मरीजों की संख्या 160 के पार हो गई है। जिला अस्पताल में पॉजीटिव मरीजों के इलाज के नाम पर 10 बेड व स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच बेड का स्पेशल वार्ड बनाया गया है। वहां ताला बंद रहता है। अस्पताल प्रशासन मरीजों के नहीं होने की बात कहता है। वहीं, डेंगू के पॅाजीटिव मरीजों का इलाज अन्य मरीजों के बीच इमरजेंसी व मेडिकल वार्ड में चल रहा है। अस्पताल प्रशासन की यह लापरवाही दूसरे मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग सभी मरीजों की हालत बेहतर होने का दावा करता है। डेंगू के पॅाजीटिव मरीज तेज बुखार व दस्त की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहां उन्हें स्पेशल वार्ड में भर्ती न कर बीमार व कम इम्युनिटी वाले मरीजों के बीच भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। वहां बचाव का कोई संसाधन मौजूद नहीं होता है। अस्पताल प्रशासन स्पेशल वार्ड के नाम पर सरकार व आमजन को बरगला रहा है। डेंगू के मरीजों के प्रति स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही घातक बनी है। जिला प्रशासन भी मौन है। जिले के जनप्रतिनिधि भी इसको संज्ञान नहीं ले रहे हैं।
माल्देपुर निवासी सरिता देवी डेंगू की मरीज हैं। शुक्रवार को अचानक तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंची। वहां उन्हें स्पेशल वार्ड में भर्ती न कर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर दिया। बेहतर इलाज न मिलने पर स्वजन उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उनके पति सत्येंद्र ने कहा कि विभाग डेंगू को लेकर काफी लापरवाह है।
भोजपुर बैरिया निवासी पंकज कुमार डेंगू पॅाजीटिव है। तेज बुखार होने पर अस्पताल के इमरजेंसी पहुंचे, वहां चिकित्सक ने पानी चढ़ाने की सलाह दी। वह मेडिकल वार्ड के बेड संख्या 12 पर भर्ती है। वहीं दूसरी तरफ मरीज के अभाव में डेंगू वार्ड पर ताला लटका था।
बैरिया निवासी नासिर आलम का प्लेटलेट्स 15 हजार था। पेट दर्द होने पर इमरजेंसी पहुंचे, वहां चिकित्सकों ने डेंगू खतरनाक स्थिति में होने की बात कह वाराणसी की जगह मऊ जाने की सलाह दी। स्वजन कहीं न ले जाकर मेडिकल वार्ड में भर्ती हो गए। हालत में सुधार होने पर शनिवार को घर चले गए।
डेंगू मरीजों के बेहतर इलाज के लिए स्पेशल दस बेड का वार्ड बना है। अगर किसी डेंगू संक्रमित को अन्य वार्ड में भर्ती किया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। - डाॅ. एसके यादव, सीएमएस, जिला अस्पताल।