ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे: अगले माह शुरू हो सकता है सीमांकन, बलिया में किसानों से यूपीडा खरीदेगी भूमि
गाजीपुर से बलिया मांझीघाट ग्रीनफील्ड परियोजना के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के बीच बुधवार को अनुबंध (एमओयू) हुआ है।
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गाजीपुर से बलिया के मांझीघाट तक बनने वाले ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे लिए अगले माह भूमि के सीमांकन का कार्य शुरू हो सकता है। एनएचएआई और यूपीडा के बीच बुधवार को एमओयू साइन होने के साथ ही इसका मार्ग प्रशस्त हो गया। यूपीडा और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम भूमि का सीमांकन करेगी। इसके लिए संबंधित तहसील के एसडीएम और तहसीलदार को आदेश भेजा जा चुका है।
इसके बाद किसानों से एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि की खरीद शुरू की जाएगी। पुराने एनएच-31 के स्थान पर अब गाजीपुर से मांझीघाट कर चार लेन के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जाना है। पुराने एनएच-31 को स्टेट के हवाले कर दिया जाएगा। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे लगभग 118 किमी लंबा होगा और ये गोरखपुर-वाराणसी एनएच 29 पर गाजीपुर के जंगीपुर के पास से निकलेगा।
गाजीपुर के तहसील सदर और मोहम्मदाबाद से होते हुए यह बलिया जनपद की सीमा में प्रवेश करेगा। एक्सप्रेस-वे जनपद में तहसील सदर के 72 और बैरिया के 16 गांवों से होकर गुजरेगा और मांझी घाट पुल से जुड़ेगा। मांझीघाट पर जयप्रभा सेतु से सटे एक और टू लेन का पुल बनाया जाएगा।
मार्च 2022 से पहले भूमि की खरीद पूरा करने का किया था दावा
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण और कंस्ट्रक्शन पर पांच हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। विभाग की ओर से मार्च 2022 से पहले भूमि की खरीद पूरा करने का दावा किया गया था। अप्रैल 2022 से ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य शुरू करने की बात कही गई थी।
तीन वर्ष में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। सदर और बैरिया तहसील के गांवों के किसानों से लगभग 765 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी जाएगी। भूमि खरीद के लिए थ्री डी का प्रकाशन काफी पहले हो गया है। इस बीच पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से ग्रीनफील्ड को जोड़ा भी जाना है। विशेष भूमि अध्यप्ति कार्यालय के अनुसार सीमांकन का कार्य अगले माह शुरू हो सकता है।
इसके लिए संबंधित एसडीएम और तहसील को आदेश भेजा जा चुका है। यूपीडा और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम भूमि का सीमांकन करेगी। इसके बाद किसानों से भूमि की खरीद शुरू की जाएगी।
अवनीश अवस्थी से फोन पर बातचीत के बाद बैरिया स्थित कार्यालय पर सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को मांझी तक नहीं पहुंचने का मलाल बलिया जनपद के लोगों को था। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनाए जाने के कार्य में गतिशीलता आएगी।