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Ballia News: 29 दिन में विवेचना, 21 दिन की सुनवाई में सुनाई सजा
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बलिया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कांत की अदालत ने नाबालिग से छेड़खानी के मामले में पिता के खिलाफ दोष सिद्ध पाते हुए छह वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार का जुर्माना लगाया। अर्थदंड न देने की दशा में तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामले में 29 दिन में विवेचक ने विवेचना पूरी की और आरोप पत्र दाखिल होने के बाद 21 दिन की सुनवाई में सजा सुनाई गई।
पीड़ता की मां ने थाना नगर में शिकायत की थी कि 24 अक्तूबर 2023 को पति शराब पीकर आया। घर में घुसकर पीड़िता के साथ जबरदस्ती करने लगा। पिटाई भी की। आए दिन ऐसी हरकतें करते था। उस समय पीड़िता कक्षा 10 की छात्रा थी। थाना नगरा में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में नौ जनवरी को आरोप तय हुआ। 30 जनवरी को सुनवाई पूरी कर ली गई। अभियोजन के तरफ से विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार पांडेय और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद अभियुक्त के खिलाफ दोष सिद्ध पाया और उक्त सजा सुनाई।
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पीड़ता की मां ने थाना नगर में शिकायत की थी कि 24 अक्तूबर 2023 को पति शराब पीकर आया। घर में घुसकर पीड़िता के साथ जबरदस्ती करने लगा। पिटाई भी की। आए दिन ऐसी हरकतें करते था। उस समय पीड़िता कक्षा 10 की छात्रा थी। थाना नगरा में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में नौ जनवरी को आरोप तय हुआ। 30 जनवरी को सुनवाई पूरी कर ली गई। अभियोजन के तरफ से विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार पांडेय और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद अभियुक्त के खिलाफ दोष सिद्ध पाया और उक्त सजा सुनाई।
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