दयाशंकर सिंह की फिर बढ़ीं मुश्किलें
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मायावती के खिलाफ टिप्पणी करने के बाद सुर्खियों में आए दयाश्ंाकर के खिलाफ महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के उपप्रबंधक वादी सुबोध कुमार सिन्हा ने कोर्ट में शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि दयाशंकर सिंह तथा उनके भाई धर्मेंद्र सिंह के नाम से कोतवाली क्षेत्र के हैबतपुर में ट्रैक्टर एवं पार्ट की अक्षता एजेंसी संचालित है। जिसमें दयाशंकर सिंह और धर्मेंद्र पार्टनर है।
शिकायत की गई है कि एजेंसी द्वारा क्रेडिट पर वाहन क्रय करने के लिए कंपनी की ओर से बैंक गारंटी के लिए आग्रह किया गया। जिस पर एजेंसी की ओर से 11 मार्च 2014 को 60 लाख रुपये की बैंक गारंटी कंपनी को दी गई, जो सुखपुरा की एसबीआई शाखा द्वारा निर्गत थी। समय-समय पर इसका विस्तार किया जाता रहा। अक्षता एजेंसी द्वारा क्रेडिट लिमिट 60 लाख होने के बाद पांच अगस्त 2015 को कंपनी द्वारा खाता डिटेल तथा पुष्टि संबंधी पत्र भेजा गया। जिस पर फर्म की ओर से महेंद्रा एंड महेंद्रा कंपनी को भरोसा दिलाया गया कि उक्त धनराशि का जल्द ही भुगतान करा दिया जाएगा।
31 दिसंबर 2015 तक अक्षता एजेंसी पर 72 लाख 94 हजार बकाया हो गया। सूचना कंपनी की ओर से फर्म को दे दी गई लेकिन फर्म की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। बकाया वसूली के लिए 14 फरवरी 2016 को सुखपुरा के शाखा प्रबंधक को बैंक गारंटी के 60 लाख रुपये के नकदीकरण का पत्र लिखा गया। जिस पर बैंक ने यह लिखकर दिया कि गारंटी आस्तित्व में नहीं है।
बैंक ने इस संबंध में फर्म के पार्टनर धर्मेंद्र सिंह को भी पत्र भेजा। कंपनी ने आशंका जाहिर किया कि दयाशंकर सिंह तथा धर्मेंद्र सिंह ने गंभीर अपराधिक कृत्य किया है। इस पर कोतवाली में तहरीर दिए जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित की ओर से दाखिल 153 (3) के तहत दाखिल मुकदमे में आदेश होने के बाद 9 सितंबर को कोतवाली में 419,420, 467, 468, 471, 409 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। इसे बारे में शहर कोतवाल डीके श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी जाएगी।