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गैर इरादतन हत्या में दंपती को सात वर्ष की कैद
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Tue, 31 Jan 2017 08:29 PM IST
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करीब दो वर्ष पूर्व नाबदान का पानी फेंकने के विवाद को लेकर एक व्यक्ति को लाठी-डंडे से मारकर घायल कर दिया गया था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पति-पत्नी के विरुद्ध दोष साबित पाकर सात वर्ष का सश्रम कारावास व सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विनोद कुमार सिंह तृतीय की अदालत में हुई।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादी मुकदमा सुखपुरा थाना क्षेत्र के बसंतपुर निवासी राजेंद्र बिंद ने सुखपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 31जनवरी 2014 को छह बजे शाम को नाबदान का पानी गिरने की बात को लेकर अभियुक्तगण धनजी बिंद व उसकी पत्नी तेतरी देवी से कहासुनी होने लगी।
इस बीच दिनेश बिंद ने उन्हें मना किया तो अभियुक्तों ने लाठी-डंडे से मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। हनुमानगंज चट्टी पर इलाज के दौरान दसकी मौत हो गई। इस मामले में दौरान विचारण साक्ष्य का न्यायिक परिसीलन करते हुए कोर्ट ने आरोपी पति-पत्नी के गैर इरादतन हत्या का दोष साबित पाकर सात वर्ष के सश्रम कारावास तथा सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी हर्ष नारायण प्रसाद व हरदयाल सिंह यादव तथा बचाव पक्ष से शंभूनाथ उपाध्याय ने पैरवी किया।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादी मुकदमा सुखपुरा थाना क्षेत्र के बसंतपुर निवासी राजेंद्र बिंद ने सुखपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 31जनवरी 2014 को छह बजे शाम को नाबदान का पानी गिरने की बात को लेकर अभियुक्तगण धनजी बिंद व उसकी पत्नी तेतरी देवी से कहासुनी होने लगी।
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इस बीच दिनेश बिंद ने उन्हें मना किया तो अभियुक्तों ने लाठी-डंडे से मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। हनुमानगंज चट्टी पर इलाज के दौरान दसकी मौत हो गई। इस मामले में दौरान विचारण साक्ष्य का न्यायिक परिसीलन करते हुए कोर्ट ने आरोपी पति-पत्नी के गैर इरादतन हत्या का दोष साबित पाकर सात वर्ष के सश्रम कारावास तथा सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी हर्ष नारायण प्रसाद व हरदयाल सिंह यादव तथा बचाव पक्ष से शंभूनाथ उपाध्याय ने पैरवी किया।
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