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सहारनपुर की काष्ठकला ने ददरी मेले में मचाई धूम
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Mon, 07 Dec 2015 09:48 PM IST
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ऐतिहासिक ददरी मेले में सोमवार को भी भारी भीड़ रही। लोगों ने मेले में खूब खरीदारी की। बच्चों ने जहां झूलों का मजा लिया वहीं महिलाओं और युवतियों ने खाने के स्टॉल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सोमवार को मेले में सहारनपुर की काष्ठकला आकर्षण का केंद्र रही। मेले में लोगों ने झूला, सर्कस, मौत का कुआं, जादू आदि का भरपूर आनंद लिया। मिड्ढी निवासी आदर्श का कहना है कि काष्ठकला की कलाकृति वास्तव में एक अद्भुत सा अहसास है।
क्राकरी, चीनी मिट्टी, स्टील और विभिन्न मेटलों के सामानों के साथा काष्ठ कलाकृति की कोई तुलना है। एक-एक कलाकृति की फिनिशिंग इतनी अच्छी है पता ही नहीं चलता यह कलाकृति लकड़ी के ऊपर बनाई गई।
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काष्ठकला के क्रम में खिलौने से लेकर बांसुरी, बेना, चम्मच, छनौटा, पलटा, डलिया, शृंगार का सामान आदि की खरीदारी हुई। सुबह से ही मेले में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। जिसमें लोगों ने गुड़ही जलेबी, चाट आदि का आनंद लिया।
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सोमवार को मेले में सहारनपुर की काष्ठकला आकर्षण का केंद्र रही। मेले में लोगों ने झूला, सर्कस, मौत का कुआं, जादू आदि का भरपूर आनंद लिया। मिड्ढी निवासी आदर्श का कहना है कि काष्ठकला की कलाकृति वास्तव में एक अद्भुत सा अहसास है।
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क्राकरी, चीनी मिट्टी, स्टील और विभिन्न मेटलों के सामानों के साथा काष्ठ कलाकृति की कोई तुलना है। एक-एक कलाकृति की फिनिशिंग इतनी अच्छी है पता ही नहीं चलता यह कलाकृति लकड़ी के ऊपर बनाई गई।
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काष्ठकला के क्रम में खिलौने से लेकर बांसुरी, बेना, चम्मच, छनौटा, पलटा, डलिया, शृंगार का सामान आदि की खरीदारी हुई। सुबह से ही मेले में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। जिसमें लोगों ने गुड़ही जलेबी, चाट आदि का आनंद लिया।