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झोपड़ी में लगी आग के दौरान फटा सिलिंडर,ढाई दर्जन परिवारों की गृहस्थी खासिलिंडर फटने से लगी आग, 30 परिवारों की झोपड़ियां जलीं
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रेवती क्षेत्र के जमधरवा गांव में लगी आग को बुझाते ग्रामीण।
- फोटो : BALLIA
रेवती थाना क्षेत्र के जमधरवा ग्राम सभा के लाली के डेरा नामक बस्ती में सिरिसिया गांव की गोंड-बिंद बस्ती में बुधवार को दिन में एक बजे सिलेंडर फटने से लगी आग में 30 परिवारों की लगभग पांच दर्जन झोपड़ियां जलकर खाक हो गयीं। दो घंटे से अधिक समय तक की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। घटना के करीब दो घंटे बाद अग्निशमन दस्ता मौके पर पहुंचा। तब तक सबकुछ स्वाहा हो चुका था।
जानकारी के अनुसार बस्ती के रघु बिंद के रिहायशी झोपड़ी में अचानक आग लग गई। इस दौरान आग की चपेट में आने से झोपड़ी में रखा एक सिलिंडर तेज आवाज के साथ फट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फटे सिलिंडर का जलता एक टुकड़ा एक किलोमीटर दूर मरौटी के एक गड्ढे में गिरा तथा दूसरा टुकड़ा जमधरावा के मेजन यादव के घर पर गिरा। जिससे वहां भी आग लग गई, लेकिन मौके पर उपस्थित लोगों ने आग को तुरंत बुझा दिया।
उधर रघु समेत महेश, चिखुरी बिंद, हरवंश, त्रिलोकी, कन्हाई की चार, कमलेश, संतोष, जागेश्वर, मंशी, सुभाष, अवधेश की तीन, जीतन, सविता पुत्री जनेश्वर, सनयोगिया, शनिचरी, रजिंदर, मुटूरी, जनार्दन, सविता, चांद गोविंद की दो, संतोष, रामदेव, रमेश, मुन्नीलाल, पंचदेव, पूनम देवी, मीरा देवी, कुसुम देवी, बोदला देवी की एक-एक झोपड़ियां और उनमें रखा दैनिक उपयोग के सारे सामान जलकर खाक हो गया।
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जानकारी के अनुसार बस्ती के रघु बिंद के रिहायशी झोपड़ी में अचानक आग लग गई। इस दौरान आग की चपेट में आने से झोपड़ी में रखा एक सिलिंडर तेज आवाज के साथ फट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फटे सिलिंडर का जलता एक टुकड़ा एक किलोमीटर दूर मरौटी के एक गड्ढे में गिरा तथा दूसरा टुकड़ा जमधरावा के मेजन यादव के घर पर गिरा। जिससे वहां भी आग लग गई, लेकिन मौके पर उपस्थित लोगों ने आग को तुरंत बुझा दिया।
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उधर रघु समेत महेश, चिखुरी बिंद, हरवंश, त्रिलोकी, कन्हाई की चार, कमलेश, संतोष, जागेश्वर, मंशी, सुभाष, अवधेश की तीन, जीतन, सविता पुत्री जनेश्वर, सनयोगिया, शनिचरी, रजिंदर, मुटूरी, जनार्दन, सविता, चांद गोविंद की दो, संतोष, रामदेव, रमेश, मुन्नीलाल, पंचदेव, पूनम देवी, मीरा देवी, कुसुम देवी, बोदला देवी की एक-एक झोपड़ियां और उनमें रखा दैनिक उपयोग के सारे सामान जलकर खाक हो गया।
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