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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Cyclonic Storm: 34 mm of rainfall in 24 hours; schools to remain closed today.

चक्रवाती तूफान : 24 घंटे में 34 मिमी बारिश, आज बंद रहेंगे स्कूल

Fri, 25 Sep 2026 11:14 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:14 PM IST
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Cyclonic Storm: 34 mm of rainfall in 24 hours; schools to remain closed today.
बारिश के चलते नगरा क्षेत्र ​स्थित खेत मेें गिरी धान की फसल। संवाद
बलिया। बंगाल की खाड़ी के चक्रवाती तूफान का असर दो दिनों से जिले में दिखाई दिया। शुक्रवार को भी रिमझिम तो कभी तेज बारिश का दौर चलता रहा। मौसम विभाग और प्रशासन ने 26 और 27 सितंबर को तेज आंधी, भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए जिलेवासियों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस कारण जनपद में सभी बोर्ड के आठवीं तक के िवद्यालय शनिवार को बंद रहेंगे। ये जानकारी बीएसए मनीष कुमार सिंह ने दी है।
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24 घंटे के अंदर 34 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, दिन भर 10 से 12 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम में बदलाव से 48 घंटे में पांच डिग्री तापमान गिर गया। उधर, तेज हवाओं से जगह-जगह तारों पर पेड़ और डालियां गिरने से बिजली व्यवस्था बेपटरी रही। रात में हुई बारिश से बलिया-सिकंदरपुर मार्ग पर हनुमानगंज व धरहरा के बीच तीन जगहों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया।
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शुक्रवार को अधिकतम तापमान 26. 5 व न्यूनतम 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम 24.5 डिग्री दर्ज किया गया था। बारिश के कारण जन जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया। मकानों के निर्माण कार्य ठप होने से श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बाजारों में भी लोगों की भीड़ कम देखी गई।
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शहर में सिविल लाइन, मिशन रोड, जापलिनगंज में 10 से 12 बार बिजली आई-गई। हर बार 15 से 30 मिनट का कट लगा। ग्रामीण क्षेत्र के बांसडीह, बैरिया, रसड़ा और सिकंदरपुर में 7 से 10 घंटे सप्लाई बाधित रही। पेड़ गिरने से कई जगह तार टूटे। तेज हवा से टहनियां टूटकर तारों पर गिरीं। बारिश से इंसुलेटर में फॉल्ट होते रहे। बिजली के बार-बार ट्रिपिंग से पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई। मोबाइल चार्ज न होने और इन्वर्टर डाउन होने से छात्र-व्यापारी परेशान रहे। अधिशासी अभियंता ऋषिकेष यादव ने बताया कि सभी गैंग फील्ड में रहने के निर्देश दिए गए हैं, जहां तार टूटा है, वहां जोड़ने का काम चल रहा है।
अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने जनपदवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। कहा है कि आंधी-बारिश के दौरान लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से बिजली के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। आपातकालीन स्थिति में जिला आपदा कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9454417979, टोल फ्री नंबर 1077 तथा पुलिस सहायता के लिए 112 पर संपर्क करने का निर्देश जारी किया है।
वर्जन
तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना को लेकर 25 से 27 सितंबर येलो अलर्ट जारी है। तेज हवाओं के साथ कई हिस्सों में व्यापक वर्षा और आंधी-तूफान का अनुमान है। बारिश धान की फसल के लिए अच्छी मानी जा रही है। प्रो. सुरेश सिंह, मौसम विशेषज्ञ

धान की फसल को नुकसान की चिंता
पूर। क्षेत्र में लगातार तीन दिनों से हो रही अनवरत बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दैनिक कामकाज प्रभावित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार की रात करीब दो बजे से सुबह आठ बजे तक क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित रही। बारिश के कारण क्षेत्र के कई स्थानों पर जलजमाव की स्थिति बन गई है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। कच्चे और निचले रास्तों पर पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ गई है। पशुओं को सुरक्षित रखने के साथ ही उनके लिए चारा और सूखा स्थान उपलब्ध कराने में दिक्कत हो रही है। किसानों ने बताया कि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो खेतों से पानी निकालना मुश्किल हो सकता है। इससे धान की फसल के गिरने और सड़ने का खतरा बना रहेगा।
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बारिश ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के 62 हजार आबादी की बढ़ाई मुश्किलें
मझौवां। गंगा नदी का पानी बाढ़ प्रभावित बस्तियों से लौट चुका है, लेकिन लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। क्षेत्र के बादिलपुर, रुद्रपुर बेलहरी प्रबोधपुर शुक्ल छपरा गरया धरमपुरा मझौवां डांगरबाद सुघर छपरा दूबे छपरा गोपालपुर उदई छपरा प्रसाद छपरा, पाण्डेयपुर, टेंगरही, नौरंगा भुआल छपरा चक्की नौरंगा, उपाध्याय टोला आदि दर्जनों गांवों के 62 हजार की आबादी से बाढ़ का पानी उतरने के बाद हुई बारिश ने ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। जगह-जगह जमा पानी, कीचड़ और सड़न से उठ रही दुर्गंध के बीच लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। गांवों की गलियां दलदल में तब्दील हो गई हैं और कई जगहों पर बारिश का पानी फिर से जमा होने लगा है।
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सड़ांध से सांस लेना भी हुआ मुश्किल
मझौवां। बाढ़ का पानी कई दिनों तक जमा रहने के कारण जगह-जगह कूड़ा-कचरा, घास-फूस और अन्य गंदगी सड़ने लगी है। तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद इससे उठने वाली दुर्गंध ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। शाम होते ही मच्छरों के झुंड से लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो जाता है।

खेती-किसानी पर भी बारिश की मार
मझौवां। बाढ़ के पानी से पहले ही खेतों में लगी फसलें प्रभावित हो चुकी हैं। पानी उतरने के बाद किसानों को खेतों से गाद और कीचड़ हटाने की चिंता सता रही है। इसके बीच लगातार बारिश होने से खेतों में दोबारा पानी भरने का खतरा बना हुआ है। सब्जी और हरी फसलों की खेती करने वाले किसानों की मुश्किलें सबसे अधिक हैं।

बारिश के चलते नगरा क्षेत्र स्थित खेत मेें गिरी धान की फसल। संवाद

बारिश के चलते नगरा क्षेत्र स्थित खेत मेें गिरी धान की फसल। संवाद

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