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सीएसपी संचालक का कर्मचारी ही निकला लूट का साजिशकर्ता
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बलिया। सीएसपी संचालक का कर्मचारी मनीष यादव ही 1.70 लाख रुपये की लूट का साजिशकर्ता निकला। उसने यू-ट्यूब देख दोस्त के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। मनियर पुलिस व स्वॉट टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बुधवार को मनीष और दोस्त को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर गांव स्थित मड़हे से लूट के 1.66 लाख रुपये, बाइक व मोबाइल बरामद किया।
बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन के सभागार में खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक डा. विपिन ताडा ने बताया कि मामला लूट का नहीं, बल्कि धोखाधड़ी का है। अख्तर अंसारी निवासी मुड़ियारी थाना मनियर ने 25 जनवरी को तहरीर दी थी कि उसका कर्मचारी सोमवार की सुबह बैंक से 1.70 लाख रुपये निकाल कर सीएसपी (ग्राहक सेवा केंद्र) ला रहा था। कोटवा महेंद्रा ढाले पर अज्ञात बाइक सवार बदमाश रुपये, बाइक और मोबाइल लूट लिए। पुलिस लूट का मुकदमा दर्ज छानबीन कर रही थी। इसके लिए तीन टीमें गठित की गईं थी। टीम ने स्थानीय एवं सर्विलांस के माध्यम से जांच की तो पता चला कि वादी अख्तर अंसारी का कर्मचारी बांसडीह के खादीपुर निवासी मनीष यादव ही घटना का साजिशकर्ता व मुख्य सूत्रधार है। उसने दोस्त के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से 1.70 लाख रुपये, मोबाइल व बाइक खादीपुर निवासी इंद्रजीत यादव उर्फ गोलू को दे दिया। इसके बाद अख्तर अंसारी को लूट की जानकारी दी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना की कहानी यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर बनाई थी। एसपी ने बताया कि अब विवेचना में लूट के मुकदमे को धोखाधड़ी में परिवर्तित करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। एसपी ने पकड़ने वाली टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में नागेश उपाध्याय थाना मनियर, उप निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, उप निरीक्षक प्रभाकर शुक्ल, हेड कांस्टेबल नागेंद्र पांडेय, विनय कुशवाहा, कांस्टेबल पंकज सिंह, बलराम सिंह आदि रहे।
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बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन के सभागार में खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक डा. विपिन ताडा ने बताया कि मामला लूट का नहीं, बल्कि धोखाधड़ी का है। अख्तर अंसारी निवासी मुड़ियारी थाना मनियर ने 25 जनवरी को तहरीर दी थी कि उसका कर्मचारी सोमवार की सुबह बैंक से 1.70 लाख रुपये निकाल कर सीएसपी (ग्राहक सेवा केंद्र) ला रहा था। कोटवा महेंद्रा ढाले पर अज्ञात बाइक सवार बदमाश रुपये, बाइक और मोबाइल लूट लिए। पुलिस लूट का मुकदमा दर्ज छानबीन कर रही थी। इसके लिए तीन टीमें गठित की गईं थी। टीम ने स्थानीय एवं सर्विलांस के माध्यम से जांच की तो पता चला कि वादी अख्तर अंसारी का कर्मचारी बांसडीह के खादीपुर निवासी मनीष यादव ही घटना का साजिशकर्ता व मुख्य सूत्रधार है। उसने दोस्त के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से 1.70 लाख रुपये, मोबाइल व बाइक खादीपुर निवासी इंद्रजीत यादव उर्फ गोलू को दे दिया। इसके बाद अख्तर अंसारी को लूट की जानकारी दी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना की कहानी यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर बनाई थी। एसपी ने बताया कि अब विवेचना में लूट के मुकदमे को धोखाधड़ी में परिवर्तित करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। एसपी ने पकड़ने वाली टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में नागेश उपाध्याय थाना मनियर, उप निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, उप निरीक्षक प्रभाकर शुक्ल, हेड कांस्टेबल नागेंद्र पांडेय, विनय कुशवाहा, कांस्टेबल पंकज सिंह, बलराम सिंह आदि रहे।
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