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सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत सीएससी संचालकों ने निकाली बाइक रैली
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बलिया। यातयात नियमों के प्रति बृहद स्तर पर जागरूकता अभियान संचालित हो रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में पुलिस और परिवहन परिवहन विभाग के अधिकारी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। मगर शहर की सड़कों पर यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
परिवहन व यातायात विभाग का मानना है कि यातायात नियमों की जानकारी होने पर लोग उनका पालन करेंगे और हादसों में कमी आएगी। इस दौरान सारा जोर स्कूलों-कॉलेजों में छात्रों को जागरूक करने रहता है। हकीकत यह है कि यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है, जिससे लोग नियमों को धताबताते रहते हैं। चित्तू पांडेय चौराहे पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए के ट्रैफिक पुलिस तैनात रहती है और उनके सामने ही वाहन चालक दिन भर यातायात नियमों का उल्लंघन करते रहते हैं।
जिला पुरुष व महिला अस्पताल से स्टेशन के बीच की सड़क पर रोजाना जाम लगता है। यातायात पुलिस का विशेष दस्ता यहां तैनात किया गया है। एक पुलिस और पांच पीआरडी के जवान तैनात रहते हैं लेकिन हालत यह है कि मोटरसाइकिलों पर तीन सवारियां, बगैर हेलमेट के बाइक सवार और बिना सीट बेल्ट लगाए कार सवार आते-जाते हैं।
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बलिया। लोग जान जोखिम में डालकर कर गंगा स्नान के लिए जाते हैं। ट्रैक्टर-ट्राली पर ठूंस कर सवारियां भरी रहती हैं। अक्सर इनके पलटे से हादसे होतें या ट्रैक्टर उछलने पर लोग गिरकर घायल होते हैं। इसके बाद भी खटारा ट्रैक्टर-ट्राली पर दर्जनों भर लोगों को बैठाकर लंबा सफर कराने वालों पर नियंत्रण नहीं लग रहा है। ट्रैक्टर-ट्राली पर कितने लोगों को बैठना है। इसका कोई मानक तय नहीं है। शहर में बृहस्पतिवार को मुंडन संस्कार कर वापसी में महावीर घाट होते हुए जिला अस्पताल मार्ग पर ट्रैक्टर सवार महिलाएं और बच्चे बैठे थे। किसी ने उनको रोकने की जरूरत नहीं समझी।
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परिवहन व यातायात विभाग का मानना है कि यातायात नियमों की जानकारी होने पर लोग उनका पालन करेंगे और हादसों में कमी आएगी। इस दौरान सारा जोर स्कूलों-कॉलेजों में छात्रों को जागरूक करने रहता है। हकीकत यह है कि यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है, जिससे लोग नियमों को धताबताते रहते हैं। चित्तू पांडेय चौराहे पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए के ट्रैफिक पुलिस तैनात रहती है और उनके सामने ही वाहन चालक दिन भर यातायात नियमों का उल्लंघन करते रहते हैं।
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जिला पुरुष व महिला अस्पताल से स्टेशन के बीच की सड़क पर रोजाना जाम लगता है। यातायात पुलिस का विशेष दस्ता यहां तैनात किया गया है। एक पुलिस और पांच पीआरडी के जवान तैनात रहते हैं लेकिन हालत यह है कि मोटरसाइकिलों पर तीन सवारियां, बगैर हेलमेट के बाइक सवार और बिना सीट बेल्ट लगाए कार सवार आते-जाते हैं।
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बलिया। लोग जान जोखिम में डालकर कर गंगा स्नान के लिए जाते हैं। ट्रैक्टर-ट्राली पर ठूंस कर सवारियां भरी रहती हैं। अक्सर इनके पलटे से हादसे होतें या ट्रैक्टर उछलने पर लोग गिरकर घायल होते हैं। इसके बाद भी खटारा ट्रैक्टर-ट्राली पर दर्जनों भर लोगों को बैठाकर लंबा सफर कराने वालों पर नियंत्रण नहीं लग रहा है। ट्रैक्टर-ट्राली पर कितने लोगों को बैठना है। इसका कोई मानक तय नहीं है। शहर में बृहस्पतिवार को मुंडन संस्कार कर वापसी में महावीर घाट होते हुए जिला अस्पताल मार्ग पर ट्रैक्टर सवार महिलाएं और बच्चे बैठे थे। किसी ने उनको रोकने की जरूरत नहीं समझी।