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इंस्पेक्टर का शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम,हादसे में हुई मौत
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Sun, 09 Apr 2017 08:47 PM IST
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मृत
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पकड़ी निवासी जितेंद्र कुमार सिंह सेंगर का शव रविवार की सुबह जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा। वैसे ही गांव सहित क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। महिलाओं का रोते-रोते बुरा हाल था। पत्नी पुष्पा बार-बार बेहोश हो जा रही थी। बूढ़ा बाप आंखों में आंसू लिए एक-दूसरे को टकटकी लगाए रहे।
मालूम हो कि पकड़ी गांव निवासी जितेंद्र कुमार सिंह सेंगर यूपी पुलिस में कानपुर में इंस्पेक्टर के पद पर बिल्लौर कोतवाली में तैनात थे। जिनकी मृत्यु शनिवार की दोपहर ड्यूटी से अवकाश लेकर घर जाते वक्त काकोरी में आगरा एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना में हो गई थी।
इसकी खबर मिलते ही पूरे गांव व क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घरवालों का रोते-रोते बुरा हाल था। ग्रामीणों की माने तो जितेंद्र काफी मिलनसार थे। मृतक जितेंद्र अपने तीन भाईयों में सबसे बड़े थे। घर में बड़े होने के नाते परिवार के मुखिया भी थे। मृतक अपने पीछे पत्नी पुष्पा व पुत्र अनुग्रह व राजा को छोड़ गए।
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इनके अलावा परिवार में और कोई कमाऊ सदस्य नहीं है। मृतक के बूढ़े पिता का कहना था कि 10 अप्रैल को घर पूजा होने वाला था। जिसमें भाग लेने के लिए इंडको कार से वह अकेले कानपुर से लखनऊ के इंदिरा नगर के तकरोही स्थित जा आवास पर जा रहे थे।
जहां से पत्नी पुष्पा को लेकर घर आने वाले थे। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।
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मालूम हो कि पकड़ी गांव निवासी जितेंद्र कुमार सिंह सेंगर यूपी पुलिस में कानपुर में इंस्पेक्टर के पद पर बिल्लौर कोतवाली में तैनात थे। जिनकी मृत्यु शनिवार की दोपहर ड्यूटी से अवकाश लेकर घर जाते वक्त काकोरी में आगरा एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना में हो गई थी।
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इसकी खबर मिलते ही पूरे गांव व क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। घरवालों का रोते-रोते बुरा हाल था। ग्रामीणों की माने तो जितेंद्र काफी मिलनसार थे। मृतक जितेंद्र अपने तीन भाईयों में सबसे बड़े थे। घर में बड़े होने के नाते परिवार के मुखिया भी थे। मृतक अपने पीछे पत्नी पुष्पा व पुत्र अनुग्रह व राजा को छोड़ गए।
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इनके अलावा परिवार में और कोई कमाऊ सदस्य नहीं है। मृतक के बूढ़े पिता का कहना था कि 10 अप्रैल को घर पूजा होने वाला था। जिसमें भाग लेने के लिए इंडको कार से वह अकेले कानपुर से लखनऊ के इंदिरा नगर के तकरोही स्थित जा आवास पर जा रहे थे।
जहां से पत्नी पुष्पा को लेकर घर आने वाले थे। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।