{"_id":"5710fd264f1c1b40094a6ab9","slug":"bacche-ki-bali-ka-prayas","type":"story","status":"publish","title_hn":"तांत्रिकों ने किया बच्चे की बलि देने का प्रयास ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तांत्रिकों ने किया बच्चे की बलि देने का प्रयास
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 15 Apr 2016 08:09 PM IST
विज्ञापन
रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थाना क्षेत्र के कस्बे में तीन तांत्रिकों द्वारा एक बच्चे की बलि देने का प्रयास किया गया। मामला का पता चलते ही आस पास के लोगों ने बच्चे को वहां से भगाकर उसकी जान बचाई। उधर मासूम बच्चे के माता-पिता की शिकायत पर पूजा कर रहे तांत्रिकों को पुलिस पकड़कर थाने ले आई और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया।
बताया जाता है कि कस्बे में तीन तांत्रिक पहुंचे। उन्होंने जमीन में धन गड़े होने की बात एक परिवार से बताई। इसके बाद उनकी रजामंदी पर नवरात्र की अष्टमी की शाम तांत्रिकों ने घर से दूर अहाते में एक विशेष पूजा का आयोजन भी किया।
इस बीच उनमें से एक तांत्रिक शुक्रवार को एक आठ वर्षीय मासूम को कहीं से बहला-फुसलाकर फूलवारी में चल रही विशेष पूजा में लेकर आया और उस पर इत्र और फूल छिड़कने लगा। तब तक आम की पत्तियां तोड़ने के तांत्रिक गया।
विज्ञापन
इस सब हरकतों को वहां खड़ा एक आदमी देख रहा था। ऐसे में बच्चे की जान पर खतरा भांपकर उसने भागने का इशारा किया और बच्चा वहां से भाग निकला। मासूम सीधे अपने घर पहुंचा और परिवार वालों को सारा वाकया सुनाया।
पूरी घटना के बारे में सुनकर परिवार के सदस्य के पैरों तले जमीन खिसक गई और बच्चे को लेकर थाने पहुंचे। इधर पूजा स्थल पर बच्चे की खोज चल रही थी कि तबतक पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। वहां से तांत्रिकों को पकड़कर थाने ले आई। फिर थोड़ी देर तक उन्हें थाने में रखने के बाद पूछताछ कर छोड़ दिया। इस संबंध में पूछे जाने पर एसओ मनियर संजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि पूछताछ के लिए कुछ लोगों को थाने लाया गया था।
पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उधर मामले में मुकदमा तक दर्ज नहीं किया जाना लोगों के बीच चरचा का विषय बना हुआ है। उधर इस संबंध में अपर पुलिस कप्तान रामयज्ञ यादव ने कहा कि आरोपी तांत्रिकों के विरुद्घ कार्यवाही की जाएगी। मैँने पुलिस को इस संबंध में निर्देश दिया है।
विज्ञापन
बताया जाता है कि कस्बे में तीन तांत्रिक पहुंचे। उन्होंने जमीन में धन गड़े होने की बात एक परिवार से बताई। इसके बाद उनकी रजामंदी पर नवरात्र की अष्टमी की शाम तांत्रिकों ने घर से दूर अहाते में एक विशेष पूजा का आयोजन भी किया।
विज्ञापन
इस बीच उनमें से एक तांत्रिक शुक्रवार को एक आठ वर्षीय मासूम को कहीं से बहला-फुसलाकर फूलवारी में चल रही विशेष पूजा में लेकर आया और उस पर इत्र और फूल छिड़कने लगा। तब तक आम की पत्तियां तोड़ने के तांत्रिक गया।
विज्ञापन
इस सब हरकतों को वहां खड़ा एक आदमी देख रहा था। ऐसे में बच्चे की जान पर खतरा भांपकर उसने भागने का इशारा किया और बच्चा वहां से भाग निकला। मासूम सीधे अपने घर पहुंचा और परिवार वालों को सारा वाकया सुनाया।
पूरी घटना के बारे में सुनकर परिवार के सदस्य के पैरों तले जमीन खिसक गई और बच्चे को लेकर थाने पहुंचे। इधर पूजा स्थल पर बच्चे की खोज चल रही थी कि तबतक पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। वहां से तांत्रिकों को पकड़कर थाने ले आई। फिर थोड़ी देर तक उन्हें थाने में रखने के बाद पूछताछ कर छोड़ दिया। इस संबंध में पूछे जाने पर एसओ मनियर संजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि पूछताछ के लिए कुछ लोगों को थाने लाया गया था।
पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उधर मामले में मुकदमा तक दर्ज नहीं किया जाना लोगों के बीच चरचा का विषय बना हुआ है। उधर इस संबंध में अपर पुलिस कप्तान रामयज्ञ यादव ने कहा कि आरोपी तांत्रिकों के विरुद्घ कार्यवाही की जाएगी। मैँने पुलिस को इस संबंध में निर्देश दिया है।