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पशु तस्करी पर नहीं लग पा रही प्रभावी लगाम
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:39 AM IST
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गाय तस्करी
- फोटो : Reuters
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पशुतस्करी को रोकने के लिए एसपी द्वारा क्राइम मीटिंग में सभी एसओ को बार-बार कड़ी हिदायत दी जाती है। बावजूद इसके पशु तस्करी रुक नहीं रही है। सूत्रों की माने तो सिकंदरपुर से सप्ताह में तीन दिन बड़ी संख्या में भैंसों को ट्रक से बंगाल भेजा जाता है।क्षेत्र में पशुतस्करी का आलम यह है कि गत दो माह में करीब 40 पशु और 10 पशु तस्करों को पुलिस ने पकड़ा थ। पशु तस्करों का चालान कर दिया गया है। पशु तस्करों के पकड़े जाने की कई घटनाओं के बाद पशु तस्करी रुक नहीं रही है।
गत सोमवार की देर रात जलालीपुर बगीचे में भैंसों को पहले लादने को लेकर दो लोग आपस में भिड़ गए थे, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया था। सूत्रों के मुताबिक पशु तस्करी से जुड़े लोग शनिवार, बुधवार और सोमवार की रात में दरौली घाट कुतुमगंज घाट, डूहा बिहरा, जमुई के रास्ते पशुओं को नदी पार कराते हैं। पुलिस को भी उनकी सूचना होती है पर इन रास्तों कभी बड़ी कार्रवाई नहीं होती है।
गत सोमवार की देर रात जलालीपुर बगीचे में भैंसों को पहले लादने को लेकर दो लोग आपस में भिड़ गए थे, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया था। सूत्रों के मुताबिक पशु तस्करी से जुड़े लोग शनिवार, बुधवार और सोमवार की रात में दरौली घाट कुतुमगंज घाट, डूहा बिहरा, जमुई के रास्ते पशुओं को नदी पार कराते हैं। पुलिस को भी उनकी सूचना होती है पर इन रास्तों कभी बड़ी कार्रवाई नहीं होती है।
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