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तथ्यों को छिपाकर नामांतरण करने में कई नपेंगे
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:08 AM IST
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बलिया। सोहांव ब्लाक के भरौली गांव के एक किसान के 11 मौजे के जमीनों पर तथ्यों को छिपाकर नामांतरण के मामले में कई कर्मियों पर गाज गिरनी तय है। जांच में नामांतरण को गलत पाए जाने पर निरस्त करने के बाद अब तहसील प्रशासन मास्टर माइंड पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गया है। एसडीएम के निर्देश पर मामले की जांच शुुरु हो चुकी है और तहसील प्रशासन बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है।
भरौली गांव निवासी सिद्धनाथ का विवाद पट्टीदारों से काफी दिनों से चल रहा है। कुछ वाद तहसील न्यायालय में कुछ दीवानी कोर्ट में हैं। लेकिन इसी बीच फेफना के राजस्व निरीक्षक के आदेश पर लेखपालों ने 11 मौजे की जमीनों पर नामांतरण कर दिया। इसकी जानकारी जब सिद्धनाथ को हुई तो उन्होंने जांच कर नामांतरण निरस्त करने की गुहार डीएम से लगाई। डीएम ने एसडीएम को जांच कर कार्रवाई करने को कहा। एसडीएम ने इस मामले में जहां तहसीलदार से पूरी रिपोर्ट मांगी वहीं नामांतरित लोगों को बुलाकर भी पड़ताल की।
नामांतरण गलत पाए जाने पर तहसील प्रशासन ने उसे 24 अगस्त को निरस्त कर दिया था। अब तहसील प्रशासन फर्जीवाड़ा को अंजाम देने वाले मास्टर माइंड को तलाशने में जुट गया है। एसडीएम की मानें तो मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि तथ्यों को छिपाकर नामांतरण करने वाले को चिह्नित किया जा सके। इसको अंजाम तक पहुंचाने के लिए वाद की पत्रावलियां और नामांतरण से संबधित फाइलों को खंगाला जा रहा है।
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कोट
नामांतरण गलत पाए जाने पर निरस्त हो चुका है लेकिन इस तरह के कार्य को अंजाम देने वालों पर कार्रवाई को लेकर जांच की जा रही है। जल्द ही गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
निखिल टीकाराम फुंडे, एसडीएम
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भरौली गांव निवासी सिद्धनाथ का विवाद पट्टीदारों से काफी दिनों से चल रहा है। कुछ वाद तहसील न्यायालय में कुछ दीवानी कोर्ट में हैं। लेकिन इसी बीच फेफना के राजस्व निरीक्षक के आदेश पर लेखपालों ने 11 मौजे की जमीनों पर नामांतरण कर दिया। इसकी जानकारी जब सिद्धनाथ को हुई तो उन्होंने जांच कर नामांतरण निरस्त करने की गुहार डीएम से लगाई। डीएम ने एसडीएम को जांच कर कार्रवाई करने को कहा। एसडीएम ने इस मामले में जहां तहसीलदार से पूरी रिपोर्ट मांगी वहीं नामांतरित लोगों को बुलाकर भी पड़ताल की।
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नामांतरण गलत पाए जाने पर तहसील प्रशासन ने उसे 24 अगस्त को निरस्त कर दिया था। अब तहसील प्रशासन फर्जीवाड़ा को अंजाम देने वाले मास्टर माइंड को तलाशने में जुट गया है। एसडीएम की मानें तो मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि तथ्यों को छिपाकर नामांतरण करने वाले को चिह्नित किया जा सके। इसको अंजाम तक पहुंचाने के लिए वाद की पत्रावलियां और नामांतरण से संबधित फाइलों को खंगाला जा रहा है।
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नामांतरण गलत पाए जाने पर निरस्त हो चुका है लेकिन इस तरह के कार्य को अंजाम देने वालों पर कार्रवाई को लेकर जांच की जा रही है। जल्द ही गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
निखिल टीकाराम फुंडे, एसडीएम