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लाल बालू की तस्करी में खेल
Updated Wed, 19 Jul 2017 11:06 PM IST
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बलिया। लाल बालू की तस्करी के लिए नरहीं थाना क्षेत्र के प्रांतीय सीमा भरौली गंगा पुल का रास्ता तस्करों के लिए काफी मुफीद बन गया है। सीमावती इलाके में तैनात वनकर्मियों की मिलीभगत से यह धंधा चल रहा है। इस धंधे में गैर प्रांत तथा जिले के मिनी ट्रकों को खरीदकर लाया जा रहा है। यहां तक कि कई जिले के खनन माफिया ने भरौली तथा आसपास डेरा जमा लिया है।
इस मामले में अमर उजाला की ओर से लगातार खुलासा करने के बाद एक ओर जहां करोड़ों के गोलमाल की जांच आजमगढ़ के वन संरक्षक आरसी झा कर रहे हैं, वहीं डीएफओ की ओर से इस दौरान अब दो रेंजर और तीन कर्मियों को हटाया जा चुका है। लेकिन इसके बावजूद प्रांतीय सीमा पर तैनात वन विभाग के प्रवर्तन दल की मिलीभगत से लाल बालू की तस्करी बदस्तूर जारी है। आलम यह है कि वर्तमान यूपी 12, यूपी 14, यूपी 15 नंबर के मिनी ट्रकों की भरमार हो गई जो पूरे दिन और रात बिहार से लाल बालू ढोने का काम कर रहे हैं। बताया जाता है कि इन दिनों बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मेरठ आदि जिले से रिजेक्टेड मिनी ट्रकों को लाया जाता है और पुल पर लगे बैरिकेडिंग की साइज में कटवाकर बनवाने के बाद तस्करी में लगाया जाता है।
12 मई 2014 को भरौली-बक्सर के बीच बने गंगा पुल मरम्मत के लिए भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। पुल के दोनों सिरे पर सात फुट ऊंची लोहे की बैरिकेडिंग लगाई गई है। इसकी आड़ में छोटे वाहन तथा मिनी ट्रकों से लाल बालू समेत अन्य वन उपज की तस्करी की जाती है। जबकि डीएफओ की ओर से इसे अवैध मानते हुए वाहनों को सीज करने का निर्देश वनकर्मियोें को दिया गया है।
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वर्जन=
बिहार से होने वाले लाल बालू की तस्करी कुछ कम हुई है लेकिन पूरी तरह नहीं रुकी है। विभिन्न जिले से मिनी ट्रक स्थानीय लोग ही खरीद कर ला रहे हैं। इस धंधे पर लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
= एके दुबे, रेंजर फेफना तथा प्रवर्तन दल प्रभारी
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इस मामले में अमर उजाला की ओर से लगातार खुलासा करने के बाद एक ओर जहां करोड़ों के गोलमाल की जांच आजमगढ़ के वन संरक्षक आरसी झा कर रहे हैं, वहीं डीएफओ की ओर से इस दौरान अब दो रेंजर और तीन कर्मियों को हटाया जा चुका है। लेकिन इसके बावजूद प्रांतीय सीमा पर तैनात वन विभाग के प्रवर्तन दल की मिलीभगत से लाल बालू की तस्करी बदस्तूर जारी है। आलम यह है कि वर्तमान यूपी 12, यूपी 14, यूपी 15 नंबर के मिनी ट्रकों की भरमार हो गई जो पूरे दिन और रात बिहार से लाल बालू ढोने का काम कर रहे हैं। बताया जाता है कि इन दिनों बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मेरठ आदि जिले से रिजेक्टेड मिनी ट्रकों को लाया जाता है और पुल पर लगे बैरिकेडिंग की साइज में कटवाकर बनवाने के बाद तस्करी में लगाया जाता है।
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12 मई 2014 को भरौली-बक्सर के बीच बने गंगा पुल मरम्मत के लिए भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित है। पुल के दोनों सिरे पर सात फुट ऊंची लोहे की बैरिकेडिंग लगाई गई है। इसकी आड़ में छोटे वाहन तथा मिनी ट्रकों से लाल बालू समेत अन्य वन उपज की तस्करी की जाती है। जबकि डीएफओ की ओर से इसे अवैध मानते हुए वाहनों को सीज करने का निर्देश वनकर्मियोें को दिया गया है।
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वर्जन=
बिहार से होने वाले लाल बालू की तस्करी कुछ कम हुई है लेकिन पूरी तरह नहीं रुकी है। विभिन्न जिले से मिनी ट्रक स्थानीय लोग ही खरीद कर ला रहे हैं। इस धंधे पर लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
= एके दुबे, रेंजर फेफना तथा प्रवर्तन दल प्रभारी