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प्रशिक्षण न देने पर अभ्यर्थियों ने काटा बवाल
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:05 PM IST
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रसड़ा। नगर के अखनपुरा स्थित प्रगति दीक्षा फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षण न दिये जाने पर आक्रोशित अभ्यर्थियों ने मंगलवार को हंगामा किया सूचना पर पहुंची पुलिस कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है। तहरीर के आधार पर पुलिस छानबीन में जुट गई।
मालूम हो कि तीन माह पूर्व ही संस्था ने 30 से 35 हजार रुपया लेकर दर्जनों महिलाओं एवं पुरुषों को 9300 वेतनमान पर महिला स्वास्थ्य मित्र के पद पर नियुक्ति पत्र दिया था। नियुक्ति पत्र देने के बाद से ही संस्था द्वारा ट्रेनिंग के लिये अभ्यर्थियों को टाल मटोल किया जाता रहा। सोमवार से संस्था के कर्मचारियों द्वारा ट्रेनिंग देने का काम शुरू किया गया। मंगलवार को नियुक्ति पत्र लिए गड़वार थाना के अनदौर निवासी परमहंस तथा मनीषा वर्मा पुत्री परमात्मा नंद वर्मा, माया देवी पुत्री उदयभान वर्मा तथा बांसडीह के सुमन देवी पत्नी घनश्याम वर्मा संस्था कार्यालय पर पहुंची। जिन्हें संस्था के कर्मचारियों ने ट्रेनिंग देने से मना कर दिया। इस पर अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। सूचना पर पुलिस संस्था के कर्मचारी जिला कोआर्डिनेटर विनोद यादव, ट्रेनर शमी अफरोज, मोहम्मद बादशाह को हिरासत में लेकर मामले की छानबीन में जुट गई। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि संस्था द्वारा 30 से 35 हजार रुपया लेकर नियुक्ति पत्र दिया गया था। अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि संस्था विगत 2 माह से बंद है।
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मालूम हो कि तीन माह पूर्व ही संस्था ने 30 से 35 हजार रुपया लेकर दर्जनों महिलाओं एवं पुरुषों को 9300 वेतनमान पर महिला स्वास्थ्य मित्र के पद पर नियुक्ति पत्र दिया था। नियुक्ति पत्र देने के बाद से ही संस्था द्वारा ट्रेनिंग के लिये अभ्यर्थियों को टाल मटोल किया जाता रहा। सोमवार से संस्था के कर्मचारियों द्वारा ट्रेनिंग देने का काम शुरू किया गया। मंगलवार को नियुक्ति पत्र लिए गड़वार थाना के अनदौर निवासी परमहंस तथा मनीषा वर्मा पुत्री परमात्मा नंद वर्मा, माया देवी पुत्री उदयभान वर्मा तथा बांसडीह के सुमन देवी पत्नी घनश्याम वर्मा संस्था कार्यालय पर पहुंची। जिन्हें संस्था के कर्मचारियों ने ट्रेनिंग देने से मना कर दिया। इस पर अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। सूचना पर पुलिस संस्था के कर्मचारी जिला कोआर्डिनेटर विनोद यादव, ट्रेनर शमी अफरोज, मोहम्मद बादशाह को हिरासत में लेकर मामले की छानबीन में जुट गई। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि संस्था द्वारा 30 से 35 हजार रुपया लेकर नियुक्ति पत्र दिया गया था। अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि संस्था विगत 2 माह से बंद है।
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