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जीआईसी के व्यवसायिक शिक्षक की नियुक्ति निरस्त करने की संस्तुति
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:39 PM IST
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बलिया। जिला विद्यालय निरीक्षक अमरनाथ राय ने जीआईसी बलिया में कार्यरत व्यवसायिक शिक्षक अजीत कुमार सिंह का चयन निरस्त करने की संस्तुति की है। डीआईओएस ने इस बाबत कार्रवाई के लिए जीआईसी के प्रधानाचार्य को पत्र भेजा है।
जीआईसी के सहायक अध्यापक धनंजय पांडेय ने जिला विद्यालय निरीक्षक तथा संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ को तीन माह पहले शिकायती पत्र भेज कर बताया था कि व्यवसायिक शिक्षक के चयन में धांधली हुई है। यह भी आरोप लगाया था कि चयन के लिए कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग किया गया है। आरोप यह भी था कि उक्त व्यक्ति से बतौर परीक्षक 2004 में इंटर गणित की कापियां जांचवाई गई हैं और मानदेय के आधार पर वर्ष 2011 में इंटर कक्षाओं के लिए भौतिकी विषय शिक्षक पद पर भी मनोनीत किया गया है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक के निर्देश पर महीनों पहले तत्कालीन डीआईओएस रमेश कुमार सिंह ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। टीम ने जांच में कई तरह की गड़बडियां पाईं। जिसमें व्यवसायिक शिक्षा के लिए चयनित शिक्षक अजीत कुमार सिंह की ओर से प्रस्तुत उप्र राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय इलाहाबाद से डिप्लोमा इन फोटोग्राफी प्रमाण पत्र को संदेहास्पद माना। यह भी पाया कि अजीत कुमार सिंह ने गलत जानकारी देकर वर्ष 2004 में इंटर गणित की कापियों का मूल्यांकन किया। इसके अलावा वर्ष 2011 में तत्कालीन प्रधानाचार्य राजदेव पांडेय ने पांच हजार प्रतिमाह मानदेय के आधार पर अजीत कुमार सिंह को इंटर कक्षाओं के लिए भौतिकी विषय शिक्षक मनोनीत किया। जबकि इसके लिए शिक्षक के पास भौतिकी शास्त्र में परास्नातक या स्नातकोत्तर की डिग्री होना अनिवार्य है। टीम ने व्यवसायिक शिक्षक अजीत कुमार सिंह चयन निरस्त करने करने तथा लिए गए भुगतान की रिकवरी की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट सौंपी। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीआईओएस ने जीआईसी के प्रधानाचार्य को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
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वर्जन...
जिला विद्यालय निरीक्षक ओर से व्यवसायिक शिक्षक अजीत कुमार सिंह का चयन निरस्त करने के बावत भेजा गया पत्र प्राप्त हुआ है। इस मामले से संबंधित एक मुकदमा उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, लिहाजा विभागीय कार्रवाई में विलंब हो रहा है। अभी अजीत कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
अतुल कुमार सिंह
प्रधानाचार्य, जीआईसी, बलिया
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जीआईसी के सहायक अध्यापक धनंजय पांडेय ने जिला विद्यालय निरीक्षक तथा संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ को तीन माह पहले शिकायती पत्र भेज कर बताया था कि व्यवसायिक शिक्षक के चयन में धांधली हुई है। यह भी आरोप लगाया था कि चयन के लिए कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग किया गया है। आरोप यह भी था कि उक्त व्यक्ति से बतौर परीक्षक 2004 में इंटर गणित की कापियां जांचवाई गई हैं और मानदेय के आधार पर वर्ष 2011 में इंटर कक्षाओं के लिए भौतिकी विषय शिक्षक पद पर भी मनोनीत किया गया है।
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संयुक्त शिक्षा निदेशक के निर्देश पर महीनों पहले तत्कालीन डीआईओएस रमेश कुमार सिंह ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। टीम ने जांच में कई तरह की गड़बडियां पाईं। जिसमें व्यवसायिक शिक्षा के लिए चयनित शिक्षक अजीत कुमार सिंह की ओर से प्रस्तुत उप्र राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय इलाहाबाद से डिप्लोमा इन फोटोग्राफी प्रमाण पत्र को संदेहास्पद माना। यह भी पाया कि अजीत कुमार सिंह ने गलत जानकारी देकर वर्ष 2004 में इंटर गणित की कापियों का मूल्यांकन किया। इसके अलावा वर्ष 2011 में तत्कालीन प्रधानाचार्य राजदेव पांडेय ने पांच हजार प्रतिमाह मानदेय के आधार पर अजीत कुमार सिंह को इंटर कक्षाओं के लिए भौतिकी विषय शिक्षक मनोनीत किया। जबकि इसके लिए शिक्षक के पास भौतिकी शास्त्र में परास्नातक या स्नातकोत्तर की डिग्री होना अनिवार्य है। टीम ने व्यवसायिक शिक्षक अजीत कुमार सिंह चयन निरस्त करने करने तथा लिए गए भुगतान की रिकवरी की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट सौंपी। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीआईओएस ने जीआईसी के प्रधानाचार्य को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक ओर से व्यवसायिक शिक्षक अजीत कुमार सिंह का चयन निरस्त करने के बावत भेजा गया पत्र प्राप्त हुआ है। इस मामले से संबंधित एक मुकदमा उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, लिहाजा विभागीय कार्रवाई में विलंब हो रहा है। अभी अजीत कुमार सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
अतुल कुमार सिंह
प्रधानाचार्य, जीआईसी, बलिया