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बिजली कटौती से मचा हाहाकार
अमर उजाला ब्यूरोः बलिया
Updated Thu, 14 Jul 2016 10:10 PM IST
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बिजली सप्लाई ठप
- फोटो : अमर उजाला
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नगर में बिजली कटौती से बुधवार की रात हाहाकार मच गया। कई मोहल्लों में रातभर बिजली गुल रही, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रातभर हाथ से पंखा झलते लोगों ने किसी तरह रात बिताई। बिजली के दर्शन सुबह करीब सात बजे हुए। नागरिकों की माने तो इन दिनों बिजली की काफी कटौती हो रही है, शेड्यूल के मुताबिक बिजली नहीं मिल रही है, जिससे उनकी दिनचर्या गड़बड़ा गई है।
सूबे की सरकार शहर के लिए 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 16 घंटा बिजली देने का दावा कर रही है। लेकिन शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र हर जगह सरकार के दावे बेमतलब साबित हो रहे हैं। कही भी दावे के मुताबिक उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल पा रही है। इमरजेंसी कटौती के नाम पर अक्सर बिजली गुल होती रहती है। जिससे शहर में 12 से 14 घंटा ही बिजली मिल पा रही है। ऐसे में लोगों के दिन का चैन और रात की नींद गायब हो जा रही है। जिसके चलते लोगों की पूरी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। विभाग की माने तो शेड्यूल के मुताबिक दिन में 12 बजे से दो बजे तक और रात को आठ बजे से 10 बजे तक बिजली कटौती निर्धारित है। इसके अलावा इमरजेंसी में कभी भी बिजली काटी जा सकती है।
विभाग रोस्टर के मुताबिक बिजली तो काटता ही है। साथ ही इमरजेंसी कटौती के नाम पर जब चाहे तब और जितना चाहे उतना कटता रहता है। बुधवार की रात शहर के चंद्रशेखरनगर सहित करीब सभी मोहल्लों में दिन में रोस्टर के अलावे इमरजेंसी के नाम पर तो बिजली काटी ही गई। रात में भी बिजली की स्थिति काफी दयनीय रही। करीब-करीब पूरी रात बिजली गायब रही। यह स्थिति नगर में तीन दिन से बनी हई है। शिकायत पर विभागीय अधिकारी इमरजेंसी कटौती बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इसको लेकर उपभोक्ताओं में काफी आक्रोश है।
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सूबे की सरकार शहर के लिए 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 16 घंटा बिजली देने का दावा कर रही है। लेकिन शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र हर जगह सरकार के दावे बेमतलब साबित हो रहे हैं। कही भी दावे के मुताबिक उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल पा रही है। इमरजेंसी कटौती के नाम पर अक्सर बिजली गुल होती रहती है। जिससे शहर में 12 से 14 घंटा ही बिजली मिल पा रही है। ऐसे में लोगों के दिन का चैन और रात की नींद गायब हो जा रही है। जिसके चलते लोगों की पूरी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। विभाग की माने तो शेड्यूल के मुताबिक दिन में 12 बजे से दो बजे तक और रात को आठ बजे से 10 बजे तक बिजली कटौती निर्धारित है। इसके अलावा इमरजेंसी में कभी भी बिजली काटी जा सकती है।
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विभाग रोस्टर के मुताबिक बिजली तो काटता ही है। साथ ही इमरजेंसी कटौती के नाम पर जब चाहे तब और जितना चाहे उतना कटता रहता है। बुधवार की रात शहर के चंद्रशेखरनगर सहित करीब सभी मोहल्लों में दिन में रोस्टर के अलावे इमरजेंसी के नाम पर तो बिजली काटी ही गई। रात में भी बिजली की स्थिति काफी दयनीय रही। करीब-करीब पूरी रात बिजली गायब रही। यह स्थिति नगर में तीन दिन से बनी हई है। शिकायत पर विभागीय अधिकारी इमरजेंसी कटौती बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। इसको लेकर उपभोक्ताओं में काफी आक्रोश है।
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