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कोरोना वारियर्स मां निभा रहीं दोहरी जिम्मेदारी
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बलिया। कहते हैं कि मां के प्यार का कर्ज चुकाया नहीं जा सकता। मां के प्यार, त्याग और तपस्या के बदले हम चाहे कुछ भी कर लें वो हमेशा कम ही रहेगा। हमें इस दुनिया में लाने वाली और इंसान बनाने वाली मां के प्रति सम्मान और प्यार जाहिर करने के लिए वैसे तो किसी विशेष दिन की जरूरत नहीं है लेकिन मदर्स डे हमें अपनी भावनाओं को जाहिर करने का मौका जरूर देता है। इन कोरोना महामारी के दिनों में कई माएं कोरोना वारियर्स हैं जो एक तरफ बच्चे को संभाल रही हैं तो दूसरी ओर लोगों केे कोरोना से बचाने में भी जुटी हैं।
स्वास्थ्य विभाग के सर्विलांस सेल में बतौर डाटा इंट्री ऑपरेटर काम कर रहीं शालिनी यादव का ढाई साल का बेटा शुभ है। इनकी ड्यूटी सुबह 9 बजे से लेकर देर शाम तक चलती है। विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट बनाने में इनका अहम योगदान रहता है। शालिनी का कहना है कि वर्तमान में कभी-कभी देर रात तक काम करना पड़ जाता है। ऐसे में दिन भर बच्चे से दूर रहने की वजह से उसका पूरी तरह ख्याल रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है, इसके बावजूद मौका मिलते ही वह बच्चे को संभालने के लिए घर पहुंच जाती हैं। शालिनी ने कहा कि इस आपदा की लड़ाई में पहले देशहित और उसके बाद पारिवारिक व व्यक्तिगत हित है। निश्चित रूप से ऐसी सोच रखने वाली इस मां को सलाम करना चाहिए क्योंकि एक मां के लिए सबसे अहम होता है अपने बच्चे के प्रति प्रेम। हर मां अपने बच्चे से एक पल भी दूर रहना नहीं चाहती है। ऐसे में कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग में यह भी किसी त्याग से कम नहीं।
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स्वास्थ्य विभाग के सर्विलांस सेल में बतौर डाटा इंट्री ऑपरेटर काम कर रहीं शालिनी यादव का ढाई साल का बेटा शुभ है। इनकी ड्यूटी सुबह 9 बजे से लेकर देर शाम तक चलती है। विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट बनाने में इनका अहम योगदान रहता है। शालिनी का कहना है कि वर्तमान में कभी-कभी देर रात तक काम करना पड़ जाता है। ऐसे में दिन भर बच्चे से दूर रहने की वजह से उसका पूरी तरह ख्याल रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है, इसके बावजूद मौका मिलते ही वह बच्चे को संभालने के लिए घर पहुंच जाती हैं। शालिनी ने कहा कि इस आपदा की लड़ाई में पहले देशहित और उसके बाद पारिवारिक व व्यक्तिगत हित है। निश्चित रूप से ऐसी सोच रखने वाली इस मां को सलाम करना चाहिए क्योंकि एक मां के लिए सबसे अहम होता है अपने बच्चे के प्रति प्रेम। हर मां अपने बच्चे से एक पल भी दूर रहना नहीं चाहती है। ऐसे में कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग में यह भी किसी त्याग से कम नहीं।
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