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सहालग पर फिर कोरोना की लगी नजर
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बलिया। तीन बार से कोरोना महामारी के संक्रमण ने हर किसी की आय को प्रभावित किया है। खासकर वैवाहिक कार्यक्रमों से जुड़े व्यवसायी। अब लगन का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन संक्रमण बढ़ने से होटल से लगायत टेंट व स्टेज सजावट करने वाले, हलवाई और अन्य व्यवसायियों की चिंता बढ़ गई है।
कोरोना महामारी की पिछली दो लहर में व्यवसाय चौपट होने से व्यापारी पहले से चिंतित हैं। अब उनकी परेशानी और बढ़ सकती है। क्योंकि कहीं भी भीड़ न जुटे, इस पर प्रशासन का पूरा जोर रहेगा। जिनके घरों में बेटे-बेटियों की शादी है, उन्होंने भी विवाह के खर्चे कम कर दिए हैं। बीते रविवार से वैवाहिक मुहूर्त शुरू हो गए है। लोगों ने शुभ मुहूर्त में बेटे-बेटियों की शादी महीनों पहले तय कर दी थी। क्योंकि जिस तरह से इस साल हालात सामान्य हुए थे, ऐसा लग रहा था कि संक्रमण थम गया है। लिहाजा शादियों की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। विवाह घरों, होटलों की बुकिंग कर ली गई। इसी तरह टेंट, कैटरिंग, स्टेज सजावट, हलवाई से बुकिंग हो गई। इसके अलावा अन्य तैयारियां की जा रही थीं, लेकिन अचानक कोरोना की तीसरी लहर फिर आ गई। संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। ऐसे में पाबंदियां बढ़ने पर सीधा असर शादियों से जुड़े कारोबार पर भी पड़ना तय है। कोविड की स्थिति को देखते हुए रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक कोरोना कर्फ्यू रहेगा। आवश्यक सेवा में लगे लोगों को पहचान पत्र व आधार कार्ड पर आने-जाने की अनुमति होगी। मास्क नहीं, सामान नहीं के साथ व्यापारियों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। इसका भी प्रभाव है।
कम हो रही मैरिज हाल की बुकिंग
कुंवर उपवन मैरिज हाल के संचालक सुभाष सिंह ने बताया कि मैरिज हाल बुकिंग भी कम हो रही है। वैसे भी आयोजकों को कोविड प्रोटोकाल का पाल करते हुए कार्यक्रम कराने पर जोर दिया जा रहा है। नियम कानून सख्त नहीं रहता को बुकिंग भी ज्यादा होती। इस बार 30 प्रतिशत बुकिंग हुई है। श्रीकृष्णा मैरिज हाल के संचालक सीबू श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना संक्रमण क देखते हुए बचाव जरूरी है। इन दिनों बुकिंग भी कम हो रही है। संख्या निर्धारित होने के कारण लोग बुकिंग कराने से कतरा रहे हैं।
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200 अतिथियों की संख्या सीमा
बंद स्थान पर एक समय में अधिकतम 200 से अतिथियों को मास्क की अनिवार्यता के साथ रह सकते हैं। प्रवेश द्वारा पर कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना, खुले स्थानों में एक समय में ग्राउंड की क्षमता के 50 प्रतिशत आमंत्रित अतिथियों को मास्क की अनिवार्यता होगा। अतिथियों को दो गज की दूरी का पालन करना होगा। सैनिटाइजर रखना भी अनिवार्य है।
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बोले कारोबारी...
कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर ने पहले ही कारोबारों को काफी प्रभावित किया था, लेकिन इस बार जो हालात बनते दिख रहे है उससे कारोबार को काफी नुकासान होता दिख रहा है।
दिलीप जायसवाल, फर्नीचर कारोबारी।
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इस बार भी लोग भव्य आयोजन करने से बच रहे हैं। कोरोना संकट काल टला नहीं है। पहली और दूसरी लहर में भी कारोबार प्रभावित हुआ था। इस बार भी ऐसे हालात बनते दिख रहे हैं, जिससे कपड़ों की डिमांड कम होती जा रही है।
जफर अहमद, कपड़ा कारोबारी।
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शादियों के लिए मैरेज हाल की बुकिंग पहले हो जाती है। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर बढ़ने से अधिकांश लोग बुकिंग कैसिल करा रहे है। पिछले दो संक्रमण काल में भी व्यवसाय प्रभावित हुआ था। ऐसे हालात रहे तो इस बार व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो जाएगा। गोदाम का किराया और कारीगरों का पारिश्रमिक देना मुश्किल होता जा रहा है।
वीरेंद्र कुमार पांडेय, मैरेज हाल संचालक।
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वैवाहिक कार्यक्रमों पर कोरोना का असर सीधे हमारे व्यवसाय को प्रभावित करता है। पहले दो लहरों में वैवाहिक आयोजनों पर पाबंदी के कारण काफी नुकसान हो चुका है।
खेदू पाल, हलवाई।
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कोरोना संक्रमण ने व्यवसाय को काफी प्रभावित किया है। पिछली दो लहर में दुकानें बंद रहीं। इस बार भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इससे व्यवसाय प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है।
आदित्य गुप्ता, बर्तन कारोबारी।
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पिछले दो संक्रमण काल में भी व्यवसाय प्रभावित हुआ था। हालांकि शासन ने कोविड गाइडलाइन के तहत सीमित संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराने का निर्देश दिया है। ऐसे में कई शादियां कैसिल भी हो रही है, जिससे कारोबार पर असर पड़ने की संभावना है।
रियाज हाशमी, इलेक्ट्रानिक्स कारोबारी।
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कोरोना महामारी की पिछली दो लहर में व्यवसाय चौपट होने से व्यापारी पहले से चिंतित हैं। अब उनकी परेशानी और बढ़ सकती है। क्योंकि कहीं भी भीड़ न जुटे, इस पर प्रशासन का पूरा जोर रहेगा। जिनके घरों में बेटे-बेटियों की शादी है, उन्होंने भी विवाह के खर्चे कम कर दिए हैं। बीते रविवार से वैवाहिक मुहूर्त शुरू हो गए है। लोगों ने शुभ मुहूर्त में बेटे-बेटियों की शादी महीनों पहले तय कर दी थी। क्योंकि जिस तरह से इस साल हालात सामान्य हुए थे, ऐसा लग रहा था कि संक्रमण थम गया है। लिहाजा शादियों की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। विवाह घरों, होटलों की बुकिंग कर ली गई। इसी तरह टेंट, कैटरिंग, स्टेज सजावट, हलवाई से बुकिंग हो गई। इसके अलावा अन्य तैयारियां की जा रही थीं, लेकिन अचानक कोरोना की तीसरी लहर फिर आ गई। संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। ऐसे में पाबंदियां बढ़ने पर सीधा असर शादियों से जुड़े कारोबार पर भी पड़ना तय है। कोविड की स्थिति को देखते हुए रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक कोरोना कर्फ्यू रहेगा। आवश्यक सेवा में लगे लोगों को पहचान पत्र व आधार कार्ड पर आने-जाने की अनुमति होगी। मास्क नहीं, सामान नहीं के साथ व्यापारियों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। इसका भी प्रभाव है।
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कम हो रही मैरिज हाल की बुकिंग
कुंवर उपवन मैरिज हाल के संचालक सुभाष सिंह ने बताया कि मैरिज हाल बुकिंग भी कम हो रही है। वैसे भी आयोजकों को कोविड प्रोटोकाल का पाल करते हुए कार्यक्रम कराने पर जोर दिया जा रहा है। नियम कानून सख्त नहीं रहता को बुकिंग भी ज्यादा होती। इस बार 30 प्रतिशत बुकिंग हुई है। श्रीकृष्णा मैरिज हाल के संचालक सीबू श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना संक्रमण क देखते हुए बचाव जरूरी है। इन दिनों बुकिंग भी कम हो रही है। संख्या निर्धारित होने के कारण लोग बुकिंग कराने से कतरा रहे हैं।
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200 अतिथियों की संख्या सीमा
बंद स्थान पर एक समय में अधिकतम 200 से अतिथियों को मास्क की अनिवार्यता के साथ रह सकते हैं। प्रवेश द्वारा पर कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना, खुले स्थानों में एक समय में ग्राउंड की क्षमता के 50 प्रतिशत आमंत्रित अतिथियों को मास्क की अनिवार्यता होगा। अतिथियों को दो गज की दूरी का पालन करना होगा। सैनिटाइजर रखना भी अनिवार्य है।
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बोले कारोबारी...
कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर ने पहले ही कारोबारों को काफी प्रभावित किया था, लेकिन इस बार जो हालात बनते दिख रहे है उससे कारोबार को काफी नुकासान होता दिख रहा है।
दिलीप जायसवाल, फर्नीचर कारोबारी।
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इस बार भी लोग भव्य आयोजन करने से बच रहे हैं। कोरोना संकट काल टला नहीं है। पहली और दूसरी लहर में भी कारोबार प्रभावित हुआ था। इस बार भी ऐसे हालात बनते दिख रहे हैं, जिससे कपड़ों की डिमांड कम होती जा रही है।
जफर अहमद, कपड़ा कारोबारी।
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शादियों के लिए मैरेज हाल की बुकिंग पहले हो जाती है। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर बढ़ने से अधिकांश लोग बुकिंग कैसिल करा रहे है। पिछले दो संक्रमण काल में भी व्यवसाय प्रभावित हुआ था। ऐसे हालात रहे तो इस बार व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो जाएगा। गोदाम का किराया और कारीगरों का पारिश्रमिक देना मुश्किल होता जा रहा है।
वीरेंद्र कुमार पांडेय, मैरेज हाल संचालक।
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वैवाहिक कार्यक्रमों पर कोरोना का असर सीधे हमारे व्यवसाय को प्रभावित करता है। पहले दो लहरों में वैवाहिक आयोजनों पर पाबंदी के कारण काफी नुकसान हो चुका है।
खेदू पाल, हलवाई।
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कोरोना संक्रमण ने व्यवसाय को काफी प्रभावित किया है। पिछली दो लहर में दुकानें बंद रहीं। इस बार भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इससे व्यवसाय प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है।
आदित्य गुप्ता, बर्तन कारोबारी।
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पिछले दो संक्रमण काल में भी व्यवसाय प्रभावित हुआ था। हालांकि शासन ने कोविड गाइडलाइन के तहत सीमित संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराने का निर्देश दिया है। ऐसे में कई शादियां कैसिल भी हो रही है, जिससे कारोबार पर असर पड़ने की संभावना है।
रियाज हाशमी, इलेक्ट्रानिक्स कारोबारी।
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