{"_id":"a102e7d4d8b96e1e0b205afef2fbaa8d","slug":"cooks-perform-at-collectorate-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रसोइयों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रसोइयों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 26 Jun 2015 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनपद के विभिन्न प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात रसोइयों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया तथा जोरदार प्रदर्शन किया। मांग की कि महंगाई के मद्देनजर उनका मानदेय कम से कम 10 हजार रुपये किया जाए।
इसके पहले रसोइयों ने अपने हाथों में छोलनी, छनौटा, बेलन लेकर नारे लगाते हुए नगर में भ्रमण किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचीं। कलेक्ट्रेट में धरने को संबोधित करते हुए रसोइया संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य निजामुद्दीन आलम ने कहा कि वर्तमान समय में रसोइयों की स्थिति बंधुआ मजदूर से भी बदतर है।
न तो इनके काम की सुरक्षा है और न ही जीने लायक पारिश्रमिक मिलता है। इसके अलावा मनमाने ढंग से हटा दिया जाता है। कहा कि सरकार इन रसोइयों को प्रत्येक वर्ष नये सिरे से चयन प्रक्रिया चलाकर अनावश्यक रूप से परेशान कर रही है।
विज्ञापन
चेतावनी दी कि अगर रसोइयों का शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक शोषण बंद नहीं किया गया तो 29 जून से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना तथा अनशन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर शैल कुमारी, आशा देवी, शिव नारायण, वीर बल, पूना देवी, पुष्पा देवी, रामपरिखा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
इसके पहले रसोइयों ने अपने हाथों में छोलनी, छनौटा, बेलन लेकर नारे लगाते हुए नगर में भ्रमण किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचीं। कलेक्ट्रेट में धरने को संबोधित करते हुए रसोइया संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य निजामुद्दीन आलम ने कहा कि वर्तमान समय में रसोइयों की स्थिति बंधुआ मजदूर से भी बदतर है।
विज्ञापन
न तो इनके काम की सुरक्षा है और न ही जीने लायक पारिश्रमिक मिलता है। इसके अलावा मनमाने ढंग से हटा दिया जाता है। कहा कि सरकार इन रसोइयों को प्रत्येक वर्ष नये सिरे से चयन प्रक्रिया चलाकर अनावश्यक रूप से परेशान कर रही है।
विज्ञापन
चेतावनी दी कि अगर रसोइयों का शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक शोषण बंद नहीं किया गया तो 29 जून से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना तथा अनशन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर शैल कुमारी, आशा देवी, शिव नारायण, वीर बल, पूना देवी, पुष्पा देवी, रामपरिखा आदि मौजूद रहे।