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सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Thu, 21 May 2015 11:00 PM IST
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यूपी मेडिकल एवं पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के नेतृत्व में लोगों ने चौथे दिन गुरुवार को भी मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया।
इसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को रखा। कहा कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं की गई तो हम उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
सीएमओ कार्यालय पर यूपी मेडिकल एवं पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के बैनर तले चल रहे आंदोलन के चौथे दिन स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। कार्य बहिष्कार जारी रखते हुए अपने मांगों के समर्थन में हुंकार भरी।
कर्मचारी नेता सत्या सिंह ने कह कि परिधिगत कार्यालयों में तैनात लिपिकों की पदोन्नति आदेश यथाशीघ्र निर्गत किया जाए।
कार्यरत अधिकांश लिपिकों का समायोजन प्राथमिकता के आधार पर आशुलिपिक तथा स्टोर कीपर की अलग से वरिष्ठता सूची जारी किया जाए। लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों का एसीपी स्वीकृत किए जाने का अधिकार अन्य संवर्ग की भांति जनपद स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रदत्त किया जाए।
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अध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने कहा कि जिन कर्मचारियों के निलंबन के उपरांत जांच अधिकारी की आख्या प्राप्त हो चुकी है, उन प्रकरणों पर तत्काल निर्णय लेकर उनका निलंबन समाप्त कराया जाए।
चेताया कि यदि आंदोलन के दौरान किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न विभागीय अधिकारियों द्वारा किया गया तो प्रदेश के समस्त स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर सत्य प्रकाश उपाध्याय, अनिल चौबे, ब्रजेश राय, रामनिवास, रमाशंकर शुक्ला, निलम श्रीवास्तव, सुशील ठाकुर, आनंद दूबे, रमप्रताप सिंह, ध्रुव नारायण सिंह, पुरूषोत्तम पांडेय ने भी अपना विचार व्यक्त किया।
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इसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को रखा। कहा कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं की गई तो हम उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
सीएमओ कार्यालय पर यूपी मेडिकल एवं पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के बैनर तले चल रहे आंदोलन के चौथे दिन स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। कार्य बहिष्कार जारी रखते हुए अपने मांगों के समर्थन में हुंकार भरी।
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कर्मचारी नेता सत्या सिंह ने कह कि परिधिगत कार्यालयों में तैनात लिपिकों की पदोन्नति आदेश यथाशीघ्र निर्गत किया जाए।
कार्यरत अधिकांश लिपिकों का समायोजन प्राथमिकता के आधार पर आशुलिपिक तथा स्टोर कीपर की अलग से वरिष्ठता सूची जारी किया जाए। लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों का एसीपी स्वीकृत किए जाने का अधिकार अन्य संवर्ग की भांति जनपद स्तर पर मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रदत्त किया जाए।
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अध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने कहा कि जिन कर्मचारियों के निलंबन के उपरांत जांच अधिकारी की आख्या प्राप्त हो चुकी है, उन प्रकरणों पर तत्काल निर्णय लेकर उनका निलंबन समाप्त कराया जाए।
चेताया कि यदि आंदोलन के दौरान किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न विभागीय अधिकारियों द्वारा किया गया तो प्रदेश के समस्त स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर सत्य प्रकाश उपाध्याय, अनिल चौबे, ब्रजेश राय, रामनिवास, रमाशंकर शुक्ला, निलम श्रीवास्तव, सुशील ठाकुर, आनंद दूबे, रमप्रताप सिंह, ध्रुव नारायण सिंह, पुरूषोत्तम पांडेय ने भी अपना विचार व्यक्त किया।