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कागज पर शहर, हकीकत में रहे गांव ही
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नगर के वार्ड नंबर 11 निहोरा नगर में जाने वाले मार्ग।
- फोटो : BALLIA
बलिया। दशकों बाद भी नगर पालिका परिषद में शामिल कई इलाकों की सूरत नहीं बदली। ग्रामीण से शहरी बने इलाकों में न मूलभूत सुविधाएं मिलीं और न ही नियमित साफ-सफाई कराई जाती है। जलनिकासी की समस्या पहले की तरह बरकरार है और गलियां बदहाल पड़ी हैं। नगर पालिका की ओर से सफाई व्यवस्था समेत अन्य सुविधाओं का दावा तो बहुत किया जाता है, मगर चारों तरफ गंदगी और कूड़े के लगे ढेर नपा प्रशासन के दावे की कलई खोल रहे हैं।
नगर पालिका परिषद बलिया में कुल 25 वार्ड है। वर्तमान में शहर की आबादी करीब 1,20,750 पहुंच गई है। इनमें कई वार्ड आज भी ऐसे है, जो शहर में शामिल होते हुए भी ग्रामीण क्षेत्रों से बदतर है। यहां न तो सफाई की व्यवस्था है और ना ही प्रकाश की। जलनिकासी और पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था तो छोड़िए, इन मोहल्लों में हर ओर गंदगी का अंबार लगा है। इन मोहल्लों के साथ सफाईकर्मी पानी समेत अन्य सुविधाओं के लिए सौतेला व्यवहार कर रहे हैं, जिससे जगह-जगह कूड़ा करकट जमा रहता है। इसके अलावा लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
शहर में शामिल निहोरा नगर, बालेश्वर नगर, कंसपुर, मोहम्मदपुर, घनश्याम नगर आदि इलाकों की सफाई तक नहीं होती। अलबत्ता खराब हैंडपंपों की मरम्मत के अलावा इलाके में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रहवासियों ने लगातार शिकायतें की, बावजूद इसके नगर पालिका के अधिकारी उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रहे हैं, जिससे बड़ी आबादी मूलभूत सुविधाओं के इंतजार की राह देख रही है।
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संबंधित इलाकों का निरीक्षण कर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्लानिंग की जाएगी और शीघ्र ही वहां के रहवासियों को पेयजल व प्रकाश व्यवस्था की व्यवस्था कराई जाएगी। सफाई के लिए भी मोहल्लों में कर्मचारी लगाए जाएंगे।
-अखिलेश त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका
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नगर पालिका परिषद बलिया में कुल 25 वार्ड है। वर्तमान में शहर की आबादी करीब 1,20,750 पहुंच गई है। इनमें कई वार्ड आज भी ऐसे है, जो शहर में शामिल होते हुए भी ग्रामीण क्षेत्रों से बदतर है। यहां न तो सफाई की व्यवस्था है और ना ही प्रकाश की। जलनिकासी और पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था तो छोड़िए, इन मोहल्लों में हर ओर गंदगी का अंबार लगा है। इन मोहल्लों के साथ सफाईकर्मी पानी समेत अन्य सुविधाओं के लिए सौतेला व्यवहार कर रहे हैं, जिससे जगह-जगह कूड़ा करकट जमा रहता है। इसके अलावा लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है।
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शहर में शामिल निहोरा नगर, बालेश्वर नगर, कंसपुर, मोहम्मदपुर, घनश्याम नगर आदि इलाकों की सफाई तक नहीं होती। अलबत्ता खराब हैंडपंपों की मरम्मत के अलावा इलाके में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रहवासियों ने लगातार शिकायतें की, बावजूद इसके नगर पालिका के अधिकारी उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रहे हैं, जिससे बड़ी आबादी मूलभूत सुविधाओं के इंतजार की राह देख रही है।
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संबंधित इलाकों का निरीक्षण कर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्लानिंग की जाएगी और शीघ्र ही वहां के रहवासियों को पेयजल व प्रकाश व्यवस्था की व्यवस्था कराई जाएगी। सफाई के लिए भी मोहल्लों में कर्मचारी लगाए जाएंगे।
-अखिलेश त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका