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सीएचसी को बना दिया प्राइवेट नर्सिंगहोम

Sun, 12 Jun 2016 10:07 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया Updated Sun, 12 Jun 2016 10:07 PM IST
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CHS ko bana diya private nursing home
hospital - फोटो : अमर उजाला
नि:शुल्क दवा, नि:शुल्क चिकित्सा यह सब बातें सिकंदरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एकदम से बेमानी साबित हो रही है। कारण कि यहां तैनात डाक्टर कमीशन के चक्कर में मरीजों को बाहर की दवा लिखते हैं। सूत्रों की माने तो इसके लिए डाक्टर साहब प्राइवेट मेडिकल स्टोर के एक कर्मचारी को भी बकायदा अपने बगल में बैठा लेते हैं।
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भुक्तभोगी मरीज करे तो क्या करे, इलाज के लिए वह विवश है। ऐसे में सरकार की नि:शुल्क इलाज की मंशा पर पानी फिर रहा है।  सीएचसी पर कुल आठ डाक्टर है। जिसमें तीन महिला और पांच पुरुष हैं। नियमत: सुबह आठ बजे तक केंद्र पर मरीजों को देखने के लिए चिकित्सकों को आ जाना चाहिए।
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लेकिन मनमानी का आलम यह है कि डाक्टर 10 बजे के बाद अपने-अपने चेंबर पर जाते हैं। जबकि मरीजों को इंतजार करने की मजबूरी है। साधारण पेट दर्द, उल्टी-दस्त लेकर आए रोगियों को भी बाहर की दवा लिखी जाती है। इसके लिए डाक्टर साहेब की सेटिंग सीधे बाहर के किसी प्राइवेट मेडिकल स्टोर से हैं, जहां के कर्मचारी यहां बैठे रहते हैं और पर्ची लेकर मरीज को सीधे अपनी दूकान पर ले जाते हैं।
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मरीज कैथवली निवासी सोनू प्रजापति कुछ दिन पूर्व पेट दर्द की शिकायत को लेकर सीएचसी पहुंचा था, जहां से उनको बाहर की दवा लिखी गई थी। अंतत: घर से पैसा मंगाकर उसे बाहर की दवा लेनी पड़ी। इसी प्रकार मासूमपुर निवासी जुबेर कुछ दिन पूर्व पीठ दर्द की शिकायत लेकर सीएचसी पहुंचा और इस बार भी साधारण दर्द की दवा भी बाहर की लिख दी गई। 
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