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Ballia News: स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे 242 परिषदीय विद्यालयों के बच्चे
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समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत जिले के 242 परिषदीय विद्यालयों के छात्र- छात्राओं को कान्वेंट विद्यालयों की तर्ज पर अब स्मार्ट क्लास में पढ़ने की सुविधा मिलेगी। शासन से इन विद्यालयों में एलईडी टीवी लगाने की स्वीकृति मिल गई है। विद्यालय चिह्नित होते ही काम एक महीने में शुरू होने की उम्मीद है। एक विद्यालय में स्मार्ट क्लास बनाने में करीब 2 लाख 40 हजार रुपए खर्च होने की उम्मीद है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिले में 2249 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व संविलियन विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में 3,10,936 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें 242 स्कूलों के बच्चे कान्वेंट स्कूलों की तरह स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ाई करेंगे। इसके लिए प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड व टीवी लगाया जाएगा। इनके जरिए दीक्षा सहित अन्य एप से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। सरकार की ओर से पहली बार परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाने के निर्देश जारी होने पर विभागीय स्तर पर विद्यालयों को चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
सीखने के अनुभव को बढ़ाती है स्मार्ट क्लास
बीएसए मनीष सिंह ने कहा कि स्मार्ट क्लास में डिजिटल प्रोजेक्टर, मल्टीमीडिया सामग्री और शैक्षिक सॉफ्टवेयर जैसे डिजिटल संसाधनों को शामिल करके छात्रों के सीखने के अनुभव को बढ़ाती है। इस तकनीक का उद्देश्य छात्रों के लिए एक आकर्षक शैक्षिक वातावरण बनाना है। स्मार्ट क्लास बनने के बाद नौनिहालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
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विद्यालयों की बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनेंगी, वहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए दरवाजों और गेट में डबल इंटरलॉक आदि लगवाया जाएगा। खिड़कियां मजबूत रखने के लिए ग्रिल लगाई जाएगी। प्रधानाध्यापक एवं प्रधान पर इन उपकरणों के रखरखाव की जिम्मेदारी होगी।
जिले के 242 परिषदीय, कंपोजिट व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चलाया जाएगा। विभाग द्वारा इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड एवं टीवी लगाया जाएगा।
-मनीष सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिले में 2249 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व संविलियन विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में 3,10,936 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें 242 स्कूलों के बच्चे कान्वेंट स्कूलों की तरह स्मार्ट कक्षाओं में पढ़ाई करेंगे। इसके लिए प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड व टीवी लगाया जाएगा। इनके जरिए दीक्षा सहित अन्य एप से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। सरकार की ओर से पहली बार परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनाने के निर्देश जारी होने पर विभागीय स्तर पर विद्यालयों को चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
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सीखने के अनुभव को बढ़ाती है स्मार्ट क्लास
बीएसए मनीष सिंह ने कहा कि स्मार्ट क्लास में डिजिटल प्रोजेक्टर, मल्टीमीडिया सामग्री और शैक्षिक सॉफ्टवेयर जैसे डिजिटल संसाधनों को शामिल करके छात्रों के सीखने के अनुभव को बढ़ाती है। इस तकनीक का उद्देश्य छात्रों के लिए एक आकर्षक शैक्षिक वातावरण बनाना है। स्मार्ट क्लास बनने के बाद नौनिहालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
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विद्यालयों की बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनेंगी, वहां सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए दरवाजों और गेट में डबल इंटरलॉक आदि लगवाया जाएगा। खिड़कियां मजबूत रखने के लिए ग्रिल लगाई जाएगी। प्रधानाध्यापक एवं प्रधान पर इन उपकरणों के रखरखाव की जिम्मेदारी होगी।
जिले के 242 परिषदीय, कंपोजिट व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चलाया जाएगा। विभाग द्वारा इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास के लिए प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, साउंड एवं टीवी लगाया जाएगा।
-मनीष सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।