बलिया के जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे की मौत, तीन दिन पूर्व पैर हुआ था फैक्चर
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बलिया के जिला अस्पताल में गुरुवार को एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। जिला अस्पताल में एक दस वर्षीय बच्चे की इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। अचानक हुई घटना से बच्चे के माता-पिता सदमे में हैं।
बैरिया थाना के दयाछपरा निवासी सुनील कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले मेरे पुत्र गोलू (10) को पैर में चोट लगी थी। जिसका इलाज कराने जिला अस्पताल में आए, जहां बच्चे के पैर का प्लास्टर किया गया। प्लॉस्टर के बाद बच्चे को कुछ समस्या थी।
इस पर गुरुवार को दोबारा बच्चे को लेकर जिला अस्पताल में दिखाने आया। जिला अस्पताल के चिकित्सक ने बच्चे की तमाम जांच करवाई। इसके बाद बाहर से इंजेक्शन और दवा मंगवाई, जिसकी कीमत करीब 800 रुपये थी। इसी दौरान जिला अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक के द्वारा इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगने के बाद बच्चे की मौत हो गई।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ बीपी सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। बच्चे का पोस्टमार्टम कराने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा और जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। वहीं बाहर से दवा लिखे जाने के मामले पर कहा कि अस्पताल के चिकित्सकों को बाहर की दवा लिखे जाने के लिए सख्त मना किया गया है। अस्पताल में सारी दवाएं मौजूद हैं। यदि ऐसा है तो जांच कराई जाएगी।