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एनसीसी तिराहा-मिड्ढी मार्ग के कायाकल्प के लिए अनशन करेंगे चेयरमैन
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बलिया। तीन वर्ष से नगरवासियों के लिए नासूर बने एनसीसी तिराहा-मिड्ढी मार्ग के कायाकल्प के लिए नगर पालिकाध्यक्ष अजय कुमार समाजसेवी ने मैदान में उतरने का निर्णय किया है। चेयरमैन ने प्रशासन को चेताया है कि अगर 20 अक्टूबर तक सड़क का पुनर्निर्माण शुरु नहीं हुआ तो वे मुख्य सड़क पर ही सहयोगियों के साथ आमरण अनशन करेंगे।
चेयरमैन अजय कुमार ने बताया कि सीवरेज योजना के नाम पर करीब तीन वर्ष पूर्व खोदी गई सड़क का संबंधित विभाग की ओर से अब तक पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। इससे आए दिन राहगीरों को दुर्घटना का सामना करना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि मोहल्लावासियों की ओर से किए गए तमाम आंदोलनों के बावजूद प्रशासन इस समस्या से बेपरवाह बना है। इस कारण यह समस्या नगरवासियों और मुसाफिरों के नासूर बनी हुई है। चेयरमैन ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने पूर्व में जिलाधिकारी को कई बार पत्र लिख,।लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा है। यहीं कारण है कि इस बार आंदोलन का निर्णय लेना पड़ा है। बता दें कि करीब तीन वर्ष पूर्व नगर में सीवरेज का कार्य करा रहे जलनिगम द्वारा पाइप लाइन की क्नेक्टिवीटी के लिए एनसीसी-मिड्ढी मार्ग पर खोदाई की गई थी। तब सीवरेज का कार्य तो पूरा नहीं हुआ। अलबत्ता जल निगम का ठेकेदार पीछे जरूर हो गया। उसके बाद नगर वासियों ने हो-हल्ला मचाया तो मार्ग पर मिट्टी डाल कर छोड़ दी गई। बरसात के दिनों में राहगिरों के लिए परेशानी का सबब बना है।
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चेयरमैन अजय कुमार ने बताया कि सीवरेज योजना के नाम पर करीब तीन वर्ष पूर्व खोदी गई सड़क का संबंधित विभाग की ओर से अब तक पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। इससे आए दिन राहगीरों को दुर्घटना का सामना करना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि मोहल्लावासियों की ओर से किए गए तमाम आंदोलनों के बावजूद प्रशासन इस समस्या से बेपरवाह बना है। इस कारण यह समस्या नगरवासियों और मुसाफिरों के नासूर बनी हुई है। चेयरमैन ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने पूर्व में जिलाधिकारी को कई बार पत्र लिख,।लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा है। यहीं कारण है कि इस बार आंदोलन का निर्णय लेना पड़ा है। बता दें कि करीब तीन वर्ष पूर्व नगर में सीवरेज का कार्य करा रहे जलनिगम द्वारा पाइप लाइन की क्नेक्टिवीटी के लिए एनसीसी-मिड्ढी मार्ग पर खोदाई की गई थी। तब सीवरेज का कार्य तो पूरा नहीं हुआ। अलबत्ता जल निगम का ठेकेदार पीछे जरूर हो गया। उसके बाद नगर वासियों ने हो-हल्ला मचाया तो मार्ग पर मिट्टी डाल कर छोड़ दी गई। बरसात के दिनों में राहगिरों के लिए परेशानी का सबब बना है।
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