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Ballia News : पूर्व डीआईओएस सहित पांच लिपिक पर केस दर्ज, नियुक्ति पत्रावली गायब करने का आरोप
Tue, 25 Feb 2025 07:39 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Tue, 25 Feb 2025 07:39 PM IST
सार
बलिया जिले के शैक्षिक महकमें में खलबली है। यहां पूर्व डीआईओएस के साथ पांच लिपिक पर केस दर्ज किया गया है मामला शिक्षक और कर्मचारियों की नियुक्ति पत्रावली से जुड़ा बताया जा रहा है। 44 स्कूलों के 179 शिक्षक व कर्मचारी को प्रबंधक व प्रधानाचार्य से मिलीभगत कर करोड़ो रूपये का भुगतान का आरोप है और अब मामले की जांच की जा रही है।
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UP Police, यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
बलिया जिले के 44 स्कूलों के 179 शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति पत्रावली गायब करने के मामले में पूर्व डीआईओएस सहित पांच बाबुओं पर मुकदमा दर्ज हुआ है। जिला विद्यालय निरीक्षक देवेन्द्र कुमार गुप्ता की तहरीर पर पर सदर कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन डीआईओएस रमेश सिंह, प्रधान लिपिक पर सम्बंधित धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
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डीएईओएस रमेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि तत्कालीन डीआईओएस रमेश सिंह द्वारा जिले में दो वर्ष के कार्यकाल में 44 संस्कृत माध्यमिक तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयो में शिक्षक, परिचारक एवं लिपिको के कुल 179 वेतन अनुमन्यता आदेश निर्गत कर दिया गया।
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उक्त पत्रावली के सम्बन्ध में पूछताछ करने पर संबन्धित पटल सहायको द्वारा कार्यालय में मूल पत्रावली उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई। वित्त एवं लेखाधिकारी माध्यमिक शिक्षा बलिया एवं लेखाकारों से उक्त भुगतान से संबन्धित पूछताछ करने पर वेतन अनुमन्यता आदेश अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराया गया।
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प्राप्त अनुमन्यता आदेश के परीक्षण में यह पाया गया कि रमेश सिंह के साथ निम्न पटल सहायकों द्वारा उक्त आदेशो पर अपना लघु हस्ताक्षर किया गया है। इन्हें बार-बार नोटिस देने पर द्वारा मात्र 15 पत्रवालियाँ ही उपलब्ध करायी गई है। शेष अद्यतन उपलब्ध नहीं कराया गया है। जो उपलब्ध कराया गया है।
उसमे अधिकांश छायाप्रति पत्र लगाये गए है एवं वह मूल पत्रावली भी नहीं है। तत्कालीन डीआईएसओ रमेश सिंह एवं उक्त कर्मचारियो द्वारा विद्यालय के प्रबन्धक / प्रधानाचार्य की मिलीभगत कर वेतन भुगतान का आदेश जारी कर कोषागार से करोड़ो रुपए का भुगतान कराया गया एवं साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उक्त पत्रावलियाँ गायब की गयी।
इस स्कैंडल में रमेश सिंह के साथ उक्त सभी सम्मिलित है। संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ मण्डल द्वारा मूल पत्रावली उपलब्ध नहीं होने की दशा में दोषी अधिकारी / कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु निर्देशित किया गया है। कोतवाल योगेन्द्र बहादुर सिंह ने कहा कि शिकायत पर अधिकारी व कर्मचारियों पर सम्बंधित धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।