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बैंकों की हड़ताल से रोजाना 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित
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सेंट्रल बैंक के सामने प्रदर्शन करते बैंककर्मी।
- फोटो : BALLIA
बलिया। वेतन वृद्धि, विशेष भत्ते आदि मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी शुक्रवार हड़ताल पर रहे। इसके चलते बैंक की शाखाओं में काम नहीं हुआ जिससे 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंकों में जमा निकासी आदि कार्य नहीं होने पर लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हुई जिनके यहां शादी पड़ी है। ऐसे लोग बैंकों से रुपये नहीं निकाल सके जिससे कर्ज लेकर खरीदारी करनी पड़ी। बैंककर्मियों की हड़ताल पहली फरवरी को भी जारी रहेगी जबकि दो फरवरी को रविवार है। ऐसे में दो दिन और बैंकों में हड़ताल रहेगी।
किसी को बेटी की शादी के लिए खरीदारी करनी थी तो किसी को बेटे की बारात ले जाते समय वाहनों का भुगतान करना था। हड़ताल की जानकारी नहीं होने के कारण लोग बैंकों में रुपये निकालने के लिए पहुंचे लेकिन हड़ताल की जानकारी होने पर उन्हें लौटना पड़ा। कारण की उन्हें बताया गया कि हड़ताल एक फरवरी शनिवार को भी जारी रहेगी। एलडीएम डीके सिन्हा ने बताया कि बैंकों की हड़ताल से शुक्रवार को जिले में लगभग 50 करोड़ का प्रभावित हुआ। इसमें 30 करोड़ क्लीयरिंग और लगभग 20 करोड़ का लेन-देन का कार्य प्रभावित रहा।
बैंक कर्मचारियों ने अपनी बैंक शाखाओं पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। इस हड़ताल में पूर्वांचल व ग्रामीण बैंक शामिल नहीं रहा। यूनियनों ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। । 2 फरवरी को रविवार होने के कारण बैंकों में अवकाश है। इस वजह से लगातार तीन दिनों तक बैंकों के बंद रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। इन दिनों शादी-विवाह का मौसम होने के कारण बैंकों से लेन-देेन अधिक होता है, ऐसे में बैंकों की हड़ताल से उन्हें परेेेशान होना पड़ेगा। बैंककर्मियों ने कहा कि वेतन पुनर्गठन समझौते को लागू नहीं किया जा रहा है। केंद्र सरकार एक के बाद एक बैंकों को मर्ज कर रही है, लेकिन बकाया वसूली को लेकर कोई ठोस नीति नहीं है। हजारों करोड़ों का बकाया डूब जाएगा। इसका नुकसान बैंक, उनमें काम करने वाले कर्मचारी और देश को हो रहा है। इसी कारण आर्थिक सुस्ती देखी जा रही है और बैंकों को मर्ज करने से रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं।
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शादी की खरीदारी के लिए कर्ज लेने की नौबत
चितबड़ागांव से सेंट्रल बैंक की मुख्य शाखा में आए रामकिशुन को बेटी की शादी के लिए खरीदारी करनी थी। बैंक पहुंचे तो पता चला कि हड़ताल है। उन्हें सलाह दी गई कि दुकान पर सीधे कार्ड से पेमेंट कर दें, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने रुपये की व्यवस्था करने के लिए रिश्तेदारों से बात की। इसी तरह बांसडीह रोड से एसबीआई की मुख्य शाखा में आए परमानंद यादव को बेटे की बारात ले जानी है। उन्होंने बताया कि गाड़ियों की बुकिंग हो चुकी है। लेकिन बारात ले जाते समय उन्हें पूरा भुगतान करना होगा। बारात में जाने वालों को चाय नाश्ता आदि की व्यवस्था भी करनी होगी। लेकिन अब पैसे नहीं निकल पाने से समझ में नहीं आ रहा कि कैसे व्यवस्था की जाए। अब कर्ज लेने की नौबत आ गई है। ये दो तो उदाहरण हैं इस तरह के दर्जनों से अधिक संख्या में उपभोक्ता कई बैंकों के बाहर परेशान नजर आए।
ये हैं बैंक कर्मचारियों की मांगे
बलिया। बैंक यूनियनों की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर देशव्यापी दो दिवसीयहड़ताल का आह्वान किया गया है। बैंककर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ं वेतन में कम से कम 20 फीसदी की वृद्धि, बैंकों में सप्ताह में पांच दिन का कार्य दिवस लागू करने, बेसिक पे में विशेष भत्ते का विलय करने, एनपीएस को खत्म करने, परिवार को मिलने वाली पेंशन में सुधार, स्टॉफ वेलफेयर फंड का परिचालन लाभ के आधार पर बांटने, सेवानिवृृृत्त पर मिलने वाले लाभ को आयकर से बाहर करना आदि शामिल हैं।
हड़ताल में शामिल रहे ये संगठन
बलिया। बैंकों की हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने किया है। इसमें ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआईबीओसी), ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्लू) सहित नौ बैंक यूनियनें शामिल हैं।
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किसी को बेटी की शादी के लिए खरीदारी करनी थी तो किसी को बेटे की बारात ले जाते समय वाहनों का भुगतान करना था। हड़ताल की जानकारी नहीं होने के कारण लोग बैंकों में रुपये निकालने के लिए पहुंचे लेकिन हड़ताल की जानकारी होने पर उन्हें लौटना पड़ा। कारण की उन्हें बताया गया कि हड़ताल एक फरवरी शनिवार को भी जारी रहेगी। एलडीएम डीके सिन्हा ने बताया कि बैंकों की हड़ताल से शुक्रवार को जिले में लगभग 50 करोड़ का प्रभावित हुआ। इसमें 30 करोड़ क्लीयरिंग और लगभग 20 करोड़ का लेन-देन का कार्य प्रभावित रहा।
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बैंक कर्मचारियों ने अपनी बैंक शाखाओं पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। इस हड़ताल में पूर्वांचल व ग्रामीण बैंक शामिल नहीं रहा। यूनियनों ने 31 जनवरी और 1 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। । 2 फरवरी को रविवार होने के कारण बैंकों में अवकाश है। इस वजह से लगातार तीन दिनों तक बैंकों के बंद रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। इन दिनों शादी-विवाह का मौसम होने के कारण बैंकों से लेन-देेन अधिक होता है, ऐसे में बैंकों की हड़ताल से उन्हें परेेेशान होना पड़ेगा। बैंककर्मियों ने कहा कि वेतन पुनर्गठन समझौते को लागू नहीं किया जा रहा है। केंद्र सरकार एक के बाद एक बैंकों को मर्ज कर रही है, लेकिन बकाया वसूली को लेकर कोई ठोस नीति नहीं है। हजारों करोड़ों का बकाया डूब जाएगा। इसका नुकसान बैंक, उनमें काम करने वाले कर्मचारी और देश को हो रहा है। इसी कारण आर्थिक सुस्ती देखी जा रही है और बैंकों को मर्ज करने से रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं।
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शादी की खरीदारी के लिए कर्ज लेने की नौबत
चितबड़ागांव से सेंट्रल बैंक की मुख्य शाखा में आए रामकिशुन को बेटी की शादी के लिए खरीदारी करनी थी। बैंक पहुंचे तो पता चला कि हड़ताल है। उन्हें सलाह दी गई कि दुकान पर सीधे कार्ड से पेमेंट कर दें, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने रुपये की व्यवस्था करने के लिए रिश्तेदारों से बात की। इसी तरह बांसडीह रोड से एसबीआई की मुख्य शाखा में आए परमानंद यादव को बेटे की बारात ले जानी है। उन्होंने बताया कि गाड़ियों की बुकिंग हो चुकी है। लेकिन बारात ले जाते समय उन्हें पूरा भुगतान करना होगा। बारात में जाने वालों को चाय नाश्ता आदि की व्यवस्था भी करनी होगी। लेकिन अब पैसे नहीं निकल पाने से समझ में नहीं आ रहा कि कैसे व्यवस्था की जाए। अब कर्ज लेने की नौबत आ गई है। ये दो तो उदाहरण हैं इस तरह के दर्जनों से अधिक संख्या में उपभोक्ता कई बैंकों के बाहर परेशान नजर आए।
ये हैं बैंक कर्मचारियों की मांगे
बलिया। बैंक यूनियनों की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर देशव्यापी दो दिवसीयहड़ताल का आह्वान किया गया है। बैंककर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ं वेतन में कम से कम 20 फीसदी की वृद्धि, बैंकों में सप्ताह में पांच दिन का कार्य दिवस लागू करने, बेसिक पे में विशेष भत्ते का विलय करने, एनपीएस को खत्म करने, परिवार को मिलने वाली पेंशन में सुधार, स्टॉफ वेलफेयर फंड का परिचालन लाभ के आधार पर बांटने, सेवानिवृृृत्त पर मिलने वाले लाभ को आयकर से बाहर करना आदि शामिल हैं।
हड़ताल में शामिल रहे ये संगठन
बलिया। बैंकों की हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने किया है। इसमें ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआईबीओसी), ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्लू) सहित नौ बैंक यूनियनें शामिल हैं।