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Ballia News: 517 विद्यालयों के भवन जर्जर, 503 का मूल्यांकन के बाद ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज
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जर्जर विद्यालयों के ध्वस्तीकरण को लेकर आयोजित बैठक में शामिल अधिकारीगण। सूचना विभाग
बलिया। 517 परिषदीय विद्यालयों में जर्जर भवनों के चिह्नांकन का कार्य लगभग पूरा हो गया है। इनमें प्रशासन की तरफ से 503 भवनों को मूल्यांकन भी कर लिया गया है। इनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है।
वहीं, प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका केंद्र व आंगनबड़ी केंद्रों के प्रतिदिन संचालन किया जाएगा। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में स्थित जर्जर विद्यालय भवनों का शेष मूल्यांकन भी जल्द पूरा कर लें। नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जर्जर भवनों की नीलामी से पहले लाउडस्पीकर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। साथ ही सभी ग्राम पंचायत भवनों पर नीलामी संबंधी सूचना चस्पा कराई जाएगी। वहीं, जिन विद्यालयों के जर्जर भवन टूट चुके हैं, वहां पढ़ने वाले बच्चों को कहां स्थानांतरित किया जाएगा और नए भवन के निर्माण की व्यवस्था किस स्थान पर होगी, इसकी रिपोर्ट भी उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में डीडीओ आनंद प्रकाश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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48 विद्यालयों में जल्द होगा विद्युत कनेक्शन
जिले में अभी भी 48 विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन नहीं है। ऐसे में डीएम ने संबंधित अधिकारियों से विद्युत कनेक्शन से वंचित विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही सभी विद्यालय परिसरों में अभियान चलाकर साफ-सफाई कराने तथा पेयजल के लिए लगी पानी की टंकियों की भी नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों की जानकारी भी मांगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कितने दिव्यांग बच्चे हैं, कितने बच्चों के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र है और किन बच्चों को अभी तक आवश्यक उपकरण नहीं मिले हैं, इसकी सूची एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक या गलत खबरों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गलत खबर प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए।
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स्टील के बर्तन में बनेगा मिड डे मिल
विद्यालयों में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी उन्होंने सख्ती दी जाएगी। खाना बनाने वाले स्थान पर साफ-सफाई रखने तथा स्टील के बर्तनों में ही भोजन पकाने के निर्देश दिए गए है। इसकी प्रतिदिन जांच की जाएगी। लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी विद्यालयों में शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने की जाएगी। इसकी जांच के लिए सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे विद्यालयों की जांच करने के निर्देश डीएम ने दिए, जो वर्तमान में खाली हैं उन विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने को कहा, ताकि वहां बाल वाटिका केंद्र संचालित किए जा सकें।
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समय से आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने के निर्देश
डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों पर आंगनबाड़ी केंद्र, बाल वाटिका केंद्र और बाल पेंटिंग के माध्यम से आकर्षक रूप से प्रदर्शित कराया जाए। वहीं, जिलाधिकारी ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित जांच कराने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि केंद्र समय से खुलें और बच्चों को बाल वाटिका की शिक्षा अनिवार्य रूप से दी जाए। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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वहीं, प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका केंद्र व आंगनबड़ी केंद्रों के प्रतिदिन संचालन किया जाएगा। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में स्थित जर्जर विद्यालय भवनों का शेष मूल्यांकन भी जल्द पूरा कर लें। नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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जर्जर भवनों की नीलामी से पहले लाउडस्पीकर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा। साथ ही सभी ग्राम पंचायत भवनों पर नीलामी संबंधी सूचना चस्पा कराई जाएगी। वहीं, जिन विद्यालयों के जर्जर भवन टूट चुके हैं, वहां पढ़ने वाले बच्चों को कहां स्थानांतरित किया जाएगा और नए भवन के निर्माण की व्यवस्था किस स्थान पर होगी, इसकी रिपोर्ट भी उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में डीडीओ आनंद प्रकाश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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48 विद्यालयों में जल्द होगा विद्युत कनेक्शन
जिले में अभी भी 48 विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन नहीं है। ऐसे में डीएम ने संबंधित अधिकारियों से विद्युत कनेक्शन से वंचित विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही सभी विद्यालय परिसरों में अभियान चलाकर साफ-सफाई कराने तथा पेयजल के लिए लगी पानी की टंकियों की भी नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों की जानकारी भी मांगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कितने दिव्यांग बच्चे हैं, कितने बच्चों के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र है और किन बच्चों को अभी तक आवश्यक उपकरण नहीं मिले हैं, इसकी सूची एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक या गलत खबरों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गलत खबर प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए।
स्टील के बर्तन में बनेगा मिड डे मिल
विद्यालयों में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी उन्होंने सख्ती दी जाएगी। खाना बनाने वाले स्थान पर साफ-सफाई रखने तथा स्टील के बर्तनों में ही भोजन पकाने के निर्देश दिए गए है। इसकी प्रतिदिन जांच की जाएगी। लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी विद्यालयों में शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने की जाएगी। इसकी जांच के लिए सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे विद्यालयों की जांच करने के निर्देश डीएम ने दिए, जो वर्तमान में खाली हैं उन विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराने को कहा, ताकि वहां बाल वाटिका केंद्र संचालित किए जा सकें।
समय से आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने के निर्देश
डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों पर आंगनबाड़ी केंद्र, बाल वाटिका केंद्र और बाल पेंटिंग के माध्यम से आकर्षक रूप से प्रदर्शित कराया जाए। वहीं, जिलाधिकारी ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित जांच कराने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि केंद्र समय से खुलें और बच्चों को बाल वाटिका की शिक्षा अनिवार्य रूप से दी जाए। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।