UP Election 2022: बलिया की फेफना विधानसभा सीट से अब तक नहीं खुला बसपा का खाता, जानें क्या रहा है इतिहास
जिले की सात विधानसभा में एक फेफना विधानसभा पहले कोपाचिट के नाम से जानी जाती थी। ये 1957 में अस्तित्व में आई थी। पहले चुनाव में इस सीट से मान्धाता कांग्रेस से निर्वाचित घोषित हुए थे।
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बलिया की सात विधानसभा सीटों फेफना ही एक मात्र ऐसी विधानसभा सीट है, जहां से बसपा आज तक अपना खाता नहीं खोल पाई है। पहले ये विधानसभा कोपाचिट के नाम से जानी जाती थी। तभी भी यही स्थिति थी। नाम बदलने के बाद भी बसपा इस सीट से अभी अपना वो दमखम नहीं दिखा पाई है। इस सीट से सपा के अंबिका चौधरी और गौरी भैया ने चार-चार बार विधानसभा का सफर तय किया है।
जिले की सात विधानसभा में एक फेफना विधानसभा पहले कोपाचिट के नाम से जानी जाती थी। ये 1957 में अस्तित्व में आई थी। पहले चुनाव में इस सीट से मान्धाता कांग्रेस से निर्वाचित घोषित हुए थे। उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया के कामता को 798 मतों से हराया था। वर्तमान में यह सीट भाजपा के कब्जे में है। यहां से राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी दूसरी बार विधायक हैं और तीसरी बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
इस सीट से सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व की बात करें तो सपा नेता अंबिका चौधरी ने चार बार इसे अपने कब्जे में किया। 1993 से 2012 तक वो इस सीट से सपा से विधायक रहे। वहीं, गौरी शंकर भैया कोपाचीट विधानसभा सीट से लगातार चार बार 1977, 1980, 1985 और 1989 मे विधायक चुने गए।
तीन बार रही है पार्टी दूसरे नंबर पर
ऐसा नहीं है कि बसपा ने इस सीट से अपनी उपस्थिति दर्ज न कराई हो। इस सीट से पिछले विधानसभा चुनाव 2017 में सपा से नाराज होकर बसपा में शामिल हुए अंबिका चौधरी दूसरे नंबर थे। उन्होंने लगभग 52 हजार से ज्यादा मत भी हासिल किए थे। वर्ष 2007 में जब बसपा की लहर थी तब भी बसपा यहां से दूसरे नंबर पर थी। बसपा से सुधीर राय ने उस समय 35 हजार से ज्यादा मत हासिल किए थे। वर्ष 2002 में भी बसपा से सुग्रीव सिंह दूसरे नंबर पर रहे। तब उन्हें 31 हजार से ज्यादा मत मिले थे।
अभी घोषित नहीं है प्रत्याशी
जनपद की अभी किसी भी सीट पर बसपा की ओर से आधिकारिक रूप से प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है। दावेदारों की ओर से जोर आजमाइश की जा रही है, लेकिन पार्टी ने अभी चुप्पी साधी हुई है। माना जा रहा है कि सभी दलों के अपने पत्ते खोलने के बाद भी पार्टी की ओर से प्रत्याशियों की घोषमा की जाएगा।
कब कौन रहा विधायक
सीट-विजेता-मत-उपविजेता-मत
फेफना (2017)- उपेंद्र तिवारी (भाजपा-70588), अंबिका चौधरी (बसपा-5269)
फेफना (2012)- उपेंद्र तिवारी (भाजपा- 51151), अंबिका चौधरी (सपा-43764)
कोपाचिट (2007)- अंबिका चौधरी (सपा-41405), सुधीर राय (बसपा- 35228)
कोपा चिट (2002)- अंबिका चौधरी (सपा- 40040), सुग्रीव सिंह (बसपा- 31789)
कोपाचिट (1996)- अंबिका चौधरी (सपा -42449), सुधीर राय (भाजपा -37790)
कोपाचिट (1993)- अंबिका चौधरी (सपा -50197), गौरी शंकर (जद- 28873)
कोपाचिट (1991)- सुधीर (कांग्रेस- 25662), गौरी शंकर (जप- 25012)
कोपाचटि (1989)- गौरी शंकर (जद- 39699), सुधीर (कांग्रेस- 30347)
कोपाचिट (1985)- गौरी शंकर (जनप -26120), दिग्विजय सिंह (कांग्रेस- 23455)
कोपाचिट (1980)- गौरी शंकर (जनप-जेपी -22511), महिपाल (कांग्रेस- 15142)
कोपाचिट (1977)- गौरी शंकर (जनप- 30382), दिग्विजय (कांग्रेस- 18461)
कोपाचिट (1974)- कैलाश सिंह (बीकेडी- 23121), नगीना (कांग्रेस- 21746)
कोपाचिट (1969)- नगीना सिंह (एसएसपी- 19871), नरायन तिवारी (कांग्रेस- 13287)
कोपाचिट (1967)- एस तिवारी (कांग्रेस- 8888), नगीना (एसएसपी- 8259)
कोपाचिट (1962)- मांधाता सिंह (कांग्रेस -16207), कामता (सीपीआई- 11804)
कोपाचिट (1957)- मांधाता सिंह (कांग्रेस- 9046), कामता (सीपीआई- 8248)