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Ballia News: ओपीडी के समय तक ही होती है खून की जांच
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जिला अस्पताल की पैथालॉजी में मरीजों की जांच 24 घंटे के स्थान पर सिर्फ ओपीडी के समय तक ही हो पा रही है। हालत यह है कि चिकित्सक एक दिन में 500 से 600 मरीजों को खून जांच के लिए लिखते हैं, लेकिन एक दिन में 200 से 250 मरीजों की ही खून की जांच हो पाती है। धक्का-मुक्की के बाद भी वापस लौटना मरीजों की मजबूरी बन गई है। शेष मरीजों को अगले दिन लाइन लगानी पड़ती हैं। अस्पताल प्रबंधन इसके पीछे स्टाफ और संसाधन की कमी का हवाला दे रहा है।
जिला अस्पताल की पैथालॉजी में पीयूसीटी सर्विसेज की ओर से मशीनें लगाई गई हैं। यहां मरीजों के कई तरह की खून की जांच होती है। जिला अस्पताल में 1500 ये उससे ज्यादा की रोजाना की ओपीडी है। इसमें चिकित्सक 500 से 600 मरीजों को खून जांच के लिए लिखते हैं। जिला अस्पताल स्थित पैथालॉजी में एक दिन में 200 से 250 मरीजों की खून की जांच हो पाती है। पैथोलॉजी केंद्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी सुबह 11:30 बजे तक ही लोगों के ब्लड के सैंपल लेते हैं। जांच आदि के बाद 1:30 बजे के बाद लोगों को रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है। सीएमएस डॉ. दिवाकर सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि स्टाफ और संसाधन के अभाव में यह समस्या आ रही है। पैथोलॉजी सेंटर को 24 घंटे संचालित नहीं कर पा रहे हैं। काफी पहले पीयूसीटी सर्विसेज की ओर से पैथालॉजी को 24 घंटे संचालित करने की बात कही गई थी, लेकिन इस मामले में भी कुछ नहीं हुआ।
इंट्रीग्रेटेड डिस्ट्रक्टि पब्लिक हेल्थ की मिली है स्वीकृति
बलिया। मरीजों की सुविधा के लिए और सरकारी अस्पतालों के बाहर बढ़ती प्राइवेट पैथालॉजी की कमाई और संख्या पर लगाम लगाने के लिए जिला अस्पताल में इंट्रीग्रेटेड डिस्ट्रक्टि पब्लिक हेल्थ लैब खेलने की भी स्वीकृति मिल चुकी है। इस लैब में एक जगह पर सभी प्रकार की जांचों की सुविधा होगी। मरीजों को कई स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्कीम के तहत इस लैब का संचालन कराया जाना है। इसके लिए काफी पहले पैमाइश आदि का कार्य आर्किटेक्ट ने पूरा कर लिया था। जल्द ही इसके लिए कार्य शुरू कराने की बात कही गई थी। अभी तक इस पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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90 प्रकार की होनी है जांच
बलिया। इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में संचारी व गैर संचारी रोगों से जुड़ी हर जांच 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। इस प्रयोगशाला में सभी प्रोग्राम के लैब टेक्नीशियन एक ही जगह काम करेंगे। यह शुरू होने के बाद टीबी, मलेरिया, एड्स समेत अन्य पैथालाजी में होने वाली जांचों के लिए मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। इस प्रयोगशाला में 90 प्रकार की जांच की सुविधा मिलेंगी। बीएसएल-टू मानक की लैब में डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रबटाइफस, मलेरिया, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम,कालाजार, डायरिया, टीबी समेत सभी संचारी रोगों से जुड़ी जरूरी जांचें तथा कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, गुर्दा, मोतियाबिंद, अल्जाइमर समेत अन्य सभी गैर संचारी रोगों के मरीजों की होने वाली महत्वपूर्ण जांचें होंगी।
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जिला अस्पताल की पैथालॉजी में पीयूसीटी सर्विसेज की ओर से मशीनें लगाई गई हैं। यहां मरीजों के कई तरह की खून की जांच होती है। जिला अस्पताल में 1500 ये उससे ज्यादा की रोजाना की ओपीडी है। इसमें चिकित्सक 500 से 600 मरीजों को खून जांच के लिए लिखते हैं। जिला अस्पताल स्थित पैथालॉजी में एक दिन में 200 से 250 मरीजों की खून की जांच हो पाती है। पैथोलॉजी केंद्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी सुबह 11:30 बजे तक ही लोगों के ब्लड के सैंपल लेते हैं। जांच आदि के बाद 1:30 बजे के बाद लोगों को रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है। सीएमएस डॉ. दिवाकर सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि स्टाफ और संसाधन के अभाव में यह समस्या आ रही है। पैथोलॉजी सेंटर को 24 घंटे संचालित नहीं कर पा रहे हैं। काफी पहले पीयूसीटी सर्विसेज की ओर से पैथालॉजी को 24 घंटे संचालित करने की बात कही गई थी, लेकिन इस मामले में भी कुछ नहीं हुआ।
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इंट्रीग्रेटेड डिस्ट्रक्टि पब्लिक हेल्थ की मिली है स्वीकृति
बलिया। मरीजों की सुविधा के लिए और सरकारी अस्पतालों के बाहर बढ़ती प्राइवेट पैथालॉजी की कमाई और संख्या पर लगाम लगाने के लिए जिला अस्पताल में इंट्रीग्रेटेड डिस्ट्रक्टि पब्लिक हेल्थ लैब खेलने की भी स्वीकृति मिल चुकी है। इस लैब में एक जगह पर सभी प्रकार की जांचों की सुविधा होगी। मरीजों को कई स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्कीम के तहत इस लैब का संचालन कराया जाना है। इसके लिए काफी पहले पैमाइश आदि का कार्य आर्किटेक्ट ने पूरा कर लिया था। जल्द ही इसके लिए कार्य शुरू कराने की बात कही गई थी। अभी तक इस पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
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90 प्रकार की होनी है जांच
बलिया। इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब में संचारी व गैर संचारी रोगों से जुड़ी हर जांच 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। इस प्रयोगशाला में सभी प्रोग्राम के लैब टेक्नीशियन एक ही जगह काम करेंगे। यह शुरू होने के बाद टीबी, मलेरिया, एड्स समेत अन्य पैथालाजी में होने वाली जांचों के लिए मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। इस प्रयोगशाला में 90 प्रकार की जांच की सुविधा मिलेंगी। बीएसएल-टू मानक की लैब में डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रबटाइफस, मलेरिया, एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम,कालाजार, डायरिया, टीबी समेत सभी संचारी रोगों से जुड़ी जरूरी जांचें तथा कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, गुर्दा, मोतियाबिंद, अल्जाइमर समेत अन्य सभी गैर संचारी रोगों के मरीजों की होने वाली महत्वपूर्ण जांचें होंगी।