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तहसील में बिना अनुमति धरना देने केस दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 04 May 2016 10:46 PM IST
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बीजेपी
बिना अनुमति मंगलवार को तहसील प्रांगण में प्रदर्शन करने पर सिकंदरपुर थाने में 24 लोगों के खिलाफ नामजद और सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से भाजपाजनों में रोष है।
भाजपा द्वारा मंगलवार को सिकंदरपुर तहसील प्रांगण में किसानों की समस्या और अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिकंदरपुर तहसील में आयोजित तहसील दिवस में पहुंचे तो वहां धरना होते देख उप जिलाधिकारी सिकंदरपुर अरविंद कुमार और थानाध्यक्ष बृजेश शुक्ला से अनुमति के बारे में जानकारी मांगी।
अनुमति नहीं होने की सूचना पर उन्होंने तत्काल सभा बंद कराने का निर्देश दिया। प्रशासन के लाख कहने के बाद भी धरना चलता रहा है। तहसील दिवस के बाद में डीएम बलिया लौटने के लिए अपने वाहन में बैठ तभी धरना दे रहे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी।
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वे जिलाधिकारी से गाड़ी में ही ज्ञापन लेने की मांग करने लगे। जिस पर धरना दे रहे लोगों और प्रशासन के बीच नोंकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और जिलाधिकारी ने वाहन से उतर का ज्ञापन लिया। इस मामले में थानाध्यक्ष सिकंदरपुर बृजेश शुक्ला की तहरीर पर 143, 342, 353, 427 आईपीसी और सेवन सीएल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
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भाजपा द्वारा मंगलवार को सिकंदरपुर तहसील प्रांगण में किसानों की समस्या और अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया था। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिकंदरपुर तहसील में आयोजित तहसील दिवस में पहुंचे तो वहां धरना होते देख उप जिलाधिकारी सिकंदरपुर अरविंद कुमार और थानाध्यक्ष बृजेश शुक्ला से अनुमति के बारे में जानकारी मांगी।
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अनुमति नहीं होने की सूचना पर उन्होंने तत्काल सभा बंद कराने का निर्देश दिया। प्रशासन के लाख कहने के बाद भी धरना चलता रहा है। तहसील दिवस के बाद में डीएम बलिया लौटने के लिए अपने वाहन में बैठ तभी धरना दे रहे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी।
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वे जिलाधिकारी से गाड़ी में ही ज्ञापन लेने की मांग करने लगे। जिस पर धरना दे रहे लोगों और प्रशासन के बीच नोंकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और जिलाधिकारी ने वाहन से उतर का ज्ञापन लिया। इस मामले में थानाध्यक्ष सिकंदरपुर बृजेश शुक्ला की तहरीर पर 143, 342, 353, 427 आईपीसी और सेवन सीएल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।