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भर्ती मरीजों को नहीं मिलता भोजन
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 06 Jan 2017 08:12 PM IST
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तहसील क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वैसे तो डायरिया व सामान्य बीमारी के मरीजों को भर्ती होती है। लेकिन भर्ती मरीजों को न तो दूध ही मिलता है और न ही भोजन मिलता है। ऐसे मरीजों के परिजनों को स्वयं ही भोजन का प्रबंध करना पड़ता है। विभागीय अधिकारियाें का कहना है कि ऐसे भर्ती मरीजों के लिए भोजन अथवा दूध मद के लिए कोई धनराशि नहीं मिलती है।
केंद्र और राज्य सरकार भर्ती मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। जिसके तहत जिला अस्पताल सहित समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती मरीजों के लिए दूध व भोजन देने की व्यवस्था की गई है। लेकिन सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा नदारद है।
इस बाबत केंद्र प्रभारी डा. अजय कुमार तिवारी ने बताया कि केंद्र पर जननी सुरक्षा के अंतर्गत महिलाओं को मिलने वाली सुविधा तो दी जाती है। लेकिन सामान्य भर्ती होने वाले मरीजों के लिए अस्पतालों में दूध, फल और भोजन के मद में कोई पैसा नहीं आता है। ऐसे भर्ती मरीज के परिजनों को स्वयं ही भोजन की व्यवस्था करनी पड़ती है।
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केंद्र और राज्य सरकार भर्ती मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। जिसके तहत जिला अस्पताल सहित समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती मरीजों के लिए दूध व भोजन देने की व्यवस्था की गई है। लेकिन सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा नदारद है।
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इस बाबत केंद्र प्रभारी डा. अजय कुमार तिवारी ने बताया कि केंद्र पर जननी सुरक्षा के अंतर्गत महिलाओं को मिलने वाली सुविधा तो दी जाती है। लेकिन सामान्य भर्ती होने वाले मरीजों के लिए अस्पतालों में दूध, फल और भोजन के मद में कोई पैसा नहीं आता है। ऐसे भर्ती मरीज के परिजनों को स्वयं ही भोजन की व्यवस्था करनी पड़ती है।
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