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रात तक सजते रहे शिवालय
ballia
Updated Sun, 09 Jul 2017 10:19 PM IST
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सावन के पहले सोमवार पर दर्शन पूजन के लिए सजा एक िश्ावालय।
- फोटो : ballia
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सोमवार से शुरू होने वाले सावन माह में नगर के बालेश्वर मंदिर समेत जनपद के प्रमुख शिवालय सजकर तैयार हैं। इन मंदिरों को देर रात तक सजाया जाता रहा। मंदिरों में रंग-रोगन व आधुनिक व प्राकृतिक फूलों के साथ ही झालरों की आकर्षक सजावट की गई है। भीड़ संभालने के लिए प्रशासन की तरफ से भी तैयारियां पूरी की गईं हैं।
नगर के बाबा बालेश्वर मंदिर, गोला रोड शीशमहल स्थित कैलाश धाम व भृगु मंदिर समेत नगर से सटे देवकली मंदिर, नटकेश्वर मंदिर, कोटवां स्थित मुक्तिनाथ, कारो स्थित कामेश्वर धाम, कुकुरहां स्थित बाबा तिलेश्वर नाथ मंदिर, निधरिया स्थित पंच शिवमंदिर, मिड्ढा स्थित शिव मंदिर एवं परिखरा स्थित शिव मंदिर की सजावट विद्युत झालरों से बेहतर तरीके से की गई है।
जबकि बालेश्वर मंदिर व भृगु मंदिर को प्राकृतिक व अप्राकृतिक फूल-मालाओं से सजाया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के बाबा बालखंडी नाथ, छितौनी स्थित छितेश्वर नाथ, असेगा स्थित शोकहरण नाथ, कारो स्थित कामेश्वर नाथ, कोटवा स्थित बाबा मुक्ति नाथ, रसड़ा स्थित श्रीनाथ मंदिर व लखनेश्वर डीह मंदिर, असेगा स्थित अवनि नाथ बाबा, की विशेष सजावट की जा रही थी। इन शिवालयों पर भक्ति गीत के लिए ध्वनि यंत्र भी लगाए जा रहे थे।
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यह अद्भुत संयोग ही है कि सावन माह की शुरुआत पहले सोमवार से हो रही है। इसके मद्देनजर बाबा के भक्तों के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जनपद के प्रमुख शिवालयों का दरवाजा भोर में चार बजे खोल दिया जाएगा। ताकि भक्त आसानी से भोले नाथ का दर्शन कर सकें। तयशुदा कार्यक्रम के तहत बाबा भोले नाथ के दर्शन के पूर्व बाबा के भक्त गंगा नदी में आस्था की डुबकी सोमवार की भोर में लगाएंगे। इसके बाद बाबा बालेश्वर नाथ व भृगु बाबा का पूजन-अर्चन करेंगे। इस दौरान मंदिरों में बाबा को बेलपत्र और प्रसाद चढ़ाया जाएगा।
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नगर के बाबा बालेश्वर मंदिर, गोला रोड शीशमहल स्थित कैलाश धाम व भृगु मंदिर समेत नगर से सटे देवकली मंदिर, नटकेश्वर मंदिर, कोटवां स्थित मुक्तिनाथ, कारो स्थित कामेश्वर धाम, कुकुरहां स्थित बाबा तिलेश्वर नाथ मंदिर, निधरिया स्थित पंच शिवमंदिर, मिड्ढा स्थित शिव मंदिर एवं परिखरा स्थित शिव मंदिर की सजावट विद्युत झालरों से बेहतर तरीके से की गई है।
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जबकि बालेश्वर मंदिर व भृगु मंदिर को प्राकृतिक व अप्राकृतिक फूल-मालाओं से सजाया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के बाबा बालखंडी नाथ, छितौनी स्थित छितेश्वर नाथ, असेगा स्थित शोकहरण नाथ, कारो स्थित कामेश्वर नाथ, कोटवा स्थित बाबा मुक्ति नाथ, रसड़ा स्थित श्रीनाथ मंदिर व लखनेश्वर डीह मंदिर, असेगा स्थित अवनि नाथ बाबा, की विशेष सजावट की जा रही थी। इन शिवालयों पर भक्ति गीत के लिए ध्वनि यंत्र भी लगाए जा रहे थे।
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यह अद्भुत संयोग ही है कि सावन माह की शुरुआत पहले सोमवार से हो रही है। इसके मद्देनजर बाबा के भक्तों के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जनपद के प्रमुख शिवालयों का दरवाजा भोर में चार बजे खोल दिया जाएगा। ताकि भक्त आसानी से भोले नाथ का दर्शन कर सकें। तयशुदा कार्यक्रम के तहत बाबा भोले नाथ के दर्शन के पूर्व बाबा के भक्त गंगा नदी में आस्था की डुबकी सोमवार की भोर में लगाएंगे। इसके बाद बाबा बालेश्वर नाथ व भृगु बाबा का पूजन-अर्चन करेंगे। इस दौरान मंदिरों में बाबा को बेलपत्र और प्रसाद चढ़ाया जाएगा।