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सहालग के बावजूद मुफलिसी की मार झेल रहे बैंड बाजा संचालक
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बलिया। कोरोना कर्फ्यू लगने के बाद से ही बैंड बाजा संचालकों की बेचैनी बढ़ी हुई है। कारण कि जनपद में कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच लोग वैवाहिक कार्यक्रमों में भीड़ करने से बचते नजर आ रहे है। इतना ही नहीं अधिकांश शादी की तिथि को टाल कर उसे नंवबर-दिसंबर में लेकर चले गए गए है, जिससे बैंड बाजा संचालकों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वैवाहिक कार्यक्रमों में लोगों की तादाद कम होने और तिथियों के टलने से अधिकतर बैंड बाजा संचालकों की बुकिंग कैंसिल हो रही है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। नगर से सटे उमरगंज के शमा बैंड पार्टी के संचालक मास्टर सुलेमान उर्फ पकौड़ी कहते है कि पिछले हुए नुकसान की भरपाई की उम्मीद इस वर्ष थी, लेकिन कोरोना ने उस पर पानी फेर दिया है। बताते हैं कि जून माह तक मेरी 15 बुकिंग थी, लेकिन कोरोना कर्फ्यू की तिथि बढ़ने से अब तक सात बुकिंग रद्द हो चुकी है। ऐसे में पार्टी के 18 स्टॉफ के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। ऐसा नहीं कि इस हालात के शिकार केवल सुलेमान हुए हो बल्कि जिले के तमाम बैंड बाजा संचालकों के सामने कोरोना कर्फ्यू मुसीबत बन कर खड़ा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
पिछले वर्ष दिसंबर में मात्र 15 दिन के सहालग थे, लॉकडाउन के चलते तमाम बुकिंग रद्द हुई थीं, काफी नुकसान हुआ। अबकी सहालग अच्छा है, लेकिन इस बार भी कोरोना कर्फ्यू को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है, अब तक की अधिकांश बुकिंग प्रभावित हो रही है।
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मो. मजहर, संचालक, न्यू पंजाब बैंड, दिऊली।
इस बार सहालग अच्छा है, जिससे इस बार उम्मीद थी कि अबकी बार पुराना नुकसान वसूल हो जाएगा। लेकिन कोरोना कर्फ्यू ने फिर असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। इस कारण कुछ बुकिंग रद्द हुई है, जिससे आर्थिक नुकसान भी हुआ है।
- पूर्वांचल गुप्ता, संचालक, पूर्वांचल डीजे,नरही।
पिछले वर्ष सहालग कम था, इस बार 24 अप्रैल से जुलाई के प्रथम सप्ताह तक शादियां ही शादियां हैं। लेकिन अधिकांश शादियां रात्रि में हैं, लोग भीड़भाड़ से बच रहे हैं, जिससे बैंड बाजा की मांग में कमी आई है। इस बार भी बैंड बाजा संचालकों को कोरोना के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- पंचमी राम, संचालक, न्यू आजाद बैंड, नरही, कर्णपुरा।
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वैवाहिक कार्यक्रमों में लोगों की तादाद कम होने और तिथियों के टलने से अधिकतर बैंड बाजा संचालकों की बुकिंग कैंसिल हो रही है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। नगर से सटे उमरगंज के शमा बैंड पार्टी के संचालक मास्टर सुलेमान उर्फ पकौड़ी कहते है कि पिछले हुए नुकसान की भरपाई की उम्मीद इस वर्ष थी, लेकिन कोरोना ने उस पर पानी फेर दिया है। बताते हैं कि जून माह तक मेरी 15 बुकिंग थी, लेकिन कोरोना कर्फ्यू की तिथि बढ़ने से अब तक सात बुकिंग रद्द हो चुकी है। ऐसे में पार्टी के 18 स्टॉफ के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। ऐसा नहीं कि इस हालात के शिकार केवल सुलेमान हुए हो बल्कि जिले के तमाम बैंड बाजा संचालकों के सामने कोरोना कर्फ्यू मुसीबत बन कर खड़ा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है।
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पिछले वर्ष दिसंबर में मात्र 15 दिन के सहालग थे, लॉकडाउन के चलते तमाम बुकिंग रद्द हुई थीं, काफी नुकसान हुआ। अबकी सहालग अच्छा है, लेकिन इस बार भी कोरोना कर्फ्यू को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है, अब तक की अधिकांश बुकिंग प्रभावित हो रही है।
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मो. मजहर, संचालक, न्यू पंजाब बैंड, दिऊली।
इस बार सहालग अच्छा है, जिससे इस बार उम्मीद थी कि अबकी बार पुराना नुकसान वसूल हो जाएगा। लेकिन कोरोना कर्फ्यू ने फिर असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। इस कारण कुछ बुकिंग रद्द हुई है, जिससे आर्थिक नुकसान भी हुआ है।
- पूर्वांचल गुप्ता, संचालक, पूर्वांचल डीजे,नरही।
पिछले वर्ष सहालग कम था, इस बार 24 अप्रैल से जुलाई के प्रथम सप्ताह तक शादियां ही शादियां हैं। लेकिन अधिकांश शादियां रात्रि में हैं, लोग भीड़भाड़ से बच रहे हैं, जिससे बैंड बाजा की मांग में कमी आई है। इस बार भी बैंड बाजा संचालकों को कोरोना के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- पंचमी राम, संचालक, न्यू आजाद बैंड, नरही, कर्णपुरा।