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विद्यालयों के कायाकल्प में बलिया फिसड्डी
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बलिया। शासन की ओर से परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए कायाकल्प अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत ग्राम सभा से विद्यालयों को संवारा जा रहा है। जनपद में इस योजना की स्थिति काफी खराब है। हाल ही में शासन की ओर से अगस्त तक की कायाकल्प के तय मानकों पर जनपदों की रैंकिंग जारी की गई है। इसमें प्रदेश के 75 जनपदों में बलिया जनपद नीचे से पांचवें पायदान पर हैं। मंडल में आजमगढ़ को 26वीं और मऊ को 66वीं रैकिंग मिली है। स्कूलवार देखें तो जनपद के 2256 विद्यालयों में 42 को फाइव स्टार, 223 तो फोर और 925 तो थ्री स्टार मिले हैं।
कायाकल्प योजना के तहत विद्यालय में आधारभूत अवस्थापना सुविधाओं को बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायत निधि, जिला खनिज निधि, नगर निकाय और अवस्थापना विकास निधि आदि के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों को 19 मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं से मार्च 2022 तक लैस किया जाना है। ऑपरेशन कायाकल्प के सर्वे में बलिया जनपद की फिर किरकिरी हुई है, जो रैंकिंग जारी की गई उसमें बलिया जनपद 71वें पायदान पर पहुंच गया। विभाग ने ऑपरेशन कायाकल्प और मिशन प्रेरणा के तहत परिषदीय स्कूलों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए मानक तय कर रखे हैं। इसमें स्कूलों के अंदर पीने का पानी, शौचालय, हैंडवाश सिस्टम से लेकर क्लास रूम में टायल्स, बिजली, प्रत्येक कमरे में दो पंखे, खेल का मैदान और सामान सहित अन्य सुविधाओं के आधार पर अंक तय होते हैं। इनके आधार पर स्टार मिलते हैं। अगस्त में किए गए विद्यालयवार जियो टैग सर्वेक्षण में प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर जनपदवार एवं घटकवार आच्छादन की प्रगति की रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को भेजी गई थी। जिले में 621 विद्यालयों को टू स्टार और 445 विद्यालयों को वन स्टार मिला है। खराब रैकिंग को देखने से स्पष्ट है कि तय समय में विद्यालयों के कायाकल्प का लक्ष्य मुश्किल है।
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कायाकल्प योजना के तहत विद्यालय में आधारभूत अवस्थापना सुविधाओं को बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायत निधि, जिला खनिज निधि, नगर निकाय और अवस्थापना विकास निधि आदि के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों को 19 मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं से मार्च 2022 तक लैस किया जाना है। ऑपरेशन कायाकल्प के सर्वे में बलिया जनपद की फिर किरकिरी हुई है, जो रैंकिंग जारी की गई उसमें बलिया जनपद 71वें पायदान पर पहुंच गया। विभाग ने ऑपरेशन कायाकल्प और मिशन प्रेरणा के तहत परिषदीय स्कूलों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए मानक तय कर रखे हैं। इसमें स्कूलों के अंदर पीने का पानी, शौचालय, हैंडवाश सिस्टम से लेकर क्लास रूम में टायल्स, बिजली, प्रत्येक कमरे में दो पंखे, खेल का मैदान और सामान सहित अन्य सुविधाओं के आधार पर अंक तय होते हैं। इनके आधार पर स्टार मिलते हैं। अगस्त में किए गए विद्यालयवार जियो टैग सर्वेक्षण में प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर जनपदवार एवं घटकवार आच्छादन की प्रगति की रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को भेजी गई थी। जिले में 621 विद्यालयों को टू स्टार और 445 विद्यालयों को वन स्टार मिला है। खराब रैकिंग को देखने से स्पष्ट है कि तय समय में विद्यालयों के कायाकल्प का लक्ष्य मुश्किल है।
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