बलिया : जिला जेल में नहाने को लेकर भिड़े कैदी, आधा दर्जन को आई चोटें
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बलिया जिले में कुछ दिन पहले जेल में मारपीट का वीडिओ और फिर लगातार ढाई सौ की संख्या तक कोरोना संक्रमित मिले मरीजों को लेकर चर्चा में आए जिला जेल सुर्खियों में है।
सोमवार को फिर जेल में कैदियों के दो गुटों में मारपीट की सूचना है, जिसमें लगभग आधा दर्जन के घायल होने की बात सामने आ रही है। जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य के अनुसार दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार रक्षाबंधन पर्व के दिन ही सोमवार को जेल में दोपहर बाद दो गुट आमने-सामने आ गए। दोनों गुटों में जमकर ईंट-पत्थर चले, जिसमें आधा दर्जन चोटिल हो गए। मामले की जानकारी के बाद जेल के बंदी रक्षकों ने दोनों गुटों को अलग किया और घायलों को जेल अस्पताल में जाकर मरहम-पट्टी कराई।
गौरतलब है कि पिछले दिनों जेल परिसर में एक कैदी की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर शासन ने दो डिप्टी जेलर व दो जेल वार्डेन को निलंबित कर दिया था। मामले में जेल अधीक्षक व जेलर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। शासन के निर्देश पर गोरखपुर से आए डीआइजी जेल डॉ. रामधनी राम ने तीन दिन रुक कर मामले की जांच की थी।
कैदियों की कलाई रह गई सूनी
कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष राखी पर्व पर बंदियों की कलाई सूनी रह गई। जेल में संक्रमण के बढ़ते खतरे व कैदियों की सुरक्षा को देखते हुए जेल प्रशासन ने राखी बांधने या देने आए परिजनों को बैरंग लौटा दिया। इससे कई बहनें मायूस होकर रोने लगीं।
जेल प्रशासन ने कहा कि संक्रमण के बढ़ते खतरों को देखते हुए राखी पर्व के एक दिन पूर्व तक लिफाफे में राखी जमा करने की नोटिस चस्पा की गई थी। जिनकी राखी रविवार तक जमा थी, उन कैदियों तक पहुंचा दी गई है।
जेल परिसर में जल निकासी व कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी जेलकर्मी व अधिकारी लगे हुए हैं। जो बंदी संक्रमित नहीं हैं, उन्हें एक बैरक में रखा गया है, संख्या ज्यादा होने के कारण नहाने के दौरान कुछ कैदियों में सोमवार को हल्का विवाद हुआ था। बंदी रक्षकों ने तुरंत मामला शांत करा दिया। - प्रशांत मौर्य, जेल अधीक्षक