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Ballia News: कचरा मुक्त शहर स्वच्छ सर्वेक्षण में फेल हुआ बलिया
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स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 की फाइनल रैंकिंग से पहले दो मानक में परिणाम जारी हुए है। 11 जनवरी को सर्वेक्षण के सभी परिणाम और फाइनल रैंकिंग जारी होगी। दो मानकों में एक गार्बेज फ्री सिटी में बलिया नगर पालिका फेल हो गई है। उस समय बसंतपुर स्थित कूड़ा निस्कारण प्लांट के चालू नहीं होने की कीमत उसे चुकानी पड़ी है। वहीं, ओडीएफ के परिणामों में जिले की सहतवार नगर पंचायत को ओडीएफ डबल प्लस और नौ निकायों को प्लस या ओडीएफ का प्रमाण-पत्र मिला है। नवगठित दोनों नगर पंचायतें नगरा और रतसर कला इसमें शामिल नहीं हुई हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण कार्यक्रम वर्ष 2014 से केंद्र सरकार की ओर से देश के सभी शहरों में एक साथ कराया जाता है। इस बार इसमें शामिल दो मानकों के परिणाम पहले घोषित किए गए हैं। गार्बेज फ्री सिटी में बलिया नगर पालिका की ओर से प्रतिभाग किया गया था। लगभग एक माह पहले आई टीम ने नगर पालिका क्षेत्र का निरीक्षण किया था। उस समय बसंतपुर में तीन करोड़ की ज्यादा लागत से बना कूड़ा निस्तारण प्लांट बनकर तैयार हो गया था, लेकिन उसके संचालन की अनुमति नहीं मिली थी। यहां और इसके साथ ही महावीर घाट पर वैसे ही कूड़ा डंप था। इस कारण से इस मानक में नगर पालिका बलिया को फेल कर दिया गया है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कूड़ा निस्तारण केंद्र के संचालन के लिए अब अनुमति मिल गई है। इससे आगे इस स्पर्धा में नगर पालिका को रेटिंग मिलने की उम्मीद है।
सहतवार को ओडीएफ प्लस-प्लस रैंकिंग
बलिया। जिले के नवगठित दो नगर पंचायतों रतसर कला और नगरा को छोड़कर सभी निकायों की ओर से इस श्रेणी में अप्लाई किया गया था। बेल्थरारोड नगर पंचायत ने ओडीएफ प्लस-प्लस श्रेणी के लिए अप्लाई किया था। उसे सिर्फ ओडीएफ घोषित किया गया है। नगर पालिका बलिया और रसड़ा, नगर पंचयात सिकंदरपुर, चितबड़ागांव, बांसडीह, रेवती, बैरिया ने ओडीएफ प्लस के लिए किया था उसे ओडीएफ प्लस मिला है। मनियर और सहतवार ने ओडीएफ प्लस-प्लस के लिए अप्लाई किया था। इसमें सहतवार को सफलता मिली है। उसे ओडीएफ प्लस-प्लस का दर्जा मिला है। मनियर को ओडीएफ प्लस में रखा गया है।
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यह है ओडीएफ प्लस के मायने
ओडीएफ प्लस का दर्जा तब दिया जाता है जब दिन के किसी भी समय, एक भी व्यक्ति खुले में शौच नहीं जाता। सभी सामुदायिक तथा सार्वजनिक शौचालय सुचारू रूप से कार्य कर रहे होते हैं और अच्छी तरह से बनाए होते हैं।ओडीएफ प्लस का सटिर्फिकेट नहीं होने पर सीधे स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में 700 के करीब अंकों का नुकसान होता है। सटिर्फिकेट के साथ ही ओडीएफ प्लस के नंबर कुल अंकों में जुड़ जाते हैं। इसका स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग पर असर पड़ता है। स्वच्छता रैंकिंग में जिला कितने अंक का उछाल लेगा या गिरावट होगी। सभी इन्हीं अंकों के खेल में समाहित होता है।
कूड़ा निस्तारण केंद्र का संचालन न होने से गार्बेज फ्री सिटी में रैंकिंग नहीं मिली है। सहतवार को ओडीएफ प्लस-प्लस की रैंकिंग मिली है जो जिले के लिए सम्मान की बात है। कुछ निकाय ओडीएफ से ओडीएफ प्लस की श्रेणी में भी आए हैं।
हरेंद्र, डीसीओ
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स्वच्छ सर्वेक्षण कार्यक्रम वर्ष 2014 से केंद्र सरकार की ओर से देश के सभी शहरों में एक साथ कराया जाता है। इस बार इसमें शामिल दो मानकों के परिणाम पहले घोषित किए गए हैं। गार्बेज फ्री सिटी में बलिया नगर पालिका की ओर से प्रतिभाग किया गया था। लगभग एक माह पहले आई टीम ने नगर पालिका क्षेत्र का निरीक्षण किया था। उस समय बसंतपुर में तीन करोड़ की ज्यादा लागत से बना कूड़ा निस्तारण प्लांट बनकर तैयार हो गया था, लेकिन उसके संचालन की अनुमति नहीं मिली थी। यहां और इसके साथ ही महावीर घाट पर वैसे ही कूड़ा डंप था। इस कारण से इस मानक में नगर पालिका बलिया को फेल कर दिया गया है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से कूड़ा निस्तारण केंद्र के संचालन के लिए अब अनुमति मिल गई है। इससे आगे इस स्पर्धा में नगर पालिका को रेटिंग मिलने की उम्मीद है।
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सहतवार को ओडीएफ प्लस-प्लस रैंकिंग
बलिया। जिले के नवगठित दो नगर पंचायतों रतसर कला और नगरा को छोड़कर सभी निकायों की ओर से इस श्रेणी में अप्लाई किया गया था। बेल्थरारोड नगर पंचायत ने ओडीएफ प्लस-प्लस श्रेणी के लिए अप्लाई किया था। उसे सिर्फ ओडीएफ घोषित किया गया है। नगर पालिका बलिया और रसड़ा, नगर पंचयात सिकंदरपुर, चितबड़ागांव, बांसडीह, रेवती, बैरिया ने ओडीएफ प्लस के लिए किया था उसे ओडीएफ प्लस मिला है। मनियर और सहतवार ने ओडीएफ प्लस-प्लस के लिए अप्लाई किया था। इसमें सहतवार को सफलता मिली है। उसे ओडीएफ प्लस-प्लस का दर्जा मिला है। मनियर को ओडीएफ प्लस में रखा गया है।
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यह है ओडीएफ प्लस के मायने
ओडीएफ प्लस का दर्जा तब दिया जाता है जब दिन के किसी भी समय, एक भी व्यक्ति खुले में शौच नहीं जाता। सभी सामुदायिक तथा सार्वजनिक शौचालय सुचारू रूप से कार्य कर रहे होते हैं और अच्छी तरह से बनाए होते हैं।ओडीएफ प्लस का सटिर्फिकेट नहीं होने पर सीधे स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में 700 के करीब अंकों का नुकसान होता है। सटिर्फिकेट के साथ ही ओडीएफ प्लस के नंबर कुल अंकों में जुड़ जाते हैं। इसका स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग पर असर पड़ता है। स्वच्छता रैंकिंग में जिला कितने अंक का उछाल लेगा या गिरावट होगी। सभी इन्हीं अंकों के खेल में समाहित होता है।
कूड़ा निस्तारण केंद्र का संचालन न होने से गार्बेज फ्री सिटी में रैंकिंग नहीं मिली है। सहतवार को ओडीएफ प्लस-प्लस की रैंकिंग मिली है जो जिले के लिए सम्मान की बात है। कुछ निकाय ओडीएफ से ओडीएफ प्लस की श्रेणी में भी आए हैं।
हरेंद्र, डीसीओ