बढ़ रही कतार घट रहा सब्र
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नगर के स्टेशन मालगोदाम रोड पर सेंट्रल बैंक, यूनियन बैंक तथा स्टेट बैंक सिटी की शाखाएं हैं। जिन पर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। अधिकांश बैंकों के एटीएम बंद रहे। जिसके चलते पैसा निकालने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बैंकों में पुराने 500 तथा 1000 के नोट जमा कर चुके लोगों को काम चलाने भर का भी पैसा एटीएम के माध्यम से नहीं मिला।
वहीं डाकघरों में पैसा लेने गए लोगों को वापस लौटना पड़ा। लोगों का कहना था कि मोदी ने डाकघर तथा बैंकों के माध्यम से पैसा बदलने के घोषणा जरूर की है। लेकिन बैंक तथा पोस्ट आफिस के अधिकारी अपने हिसाब से उसे चला रहे हैं। कहीं-कहीं बैंकों में साढ़े चार हजार रुपये की जगह दो-दो हजार रुपये भी बांटे गए।
वहीं ग्रामीण क्षेत्र में पूर्वांचल बैंक की शाखाओं से 500 रुपये प्रति व्यक्ति बांटे गए। ग्रामीणों का गुस्सा यह है कि अगर मोदी के फरमान से नोट बंद किए गए हैं तो गांव तक नोट बदलने की व्यवस्था होनी चाहिए। नगर के कदम चौराहा, रामपुर, एनसीसी तिराहा, जापलिनगंज, विकास भवन, कुंवर सिंह सहित विभिन्न बैंकिंग शाखाओं में पैसा बदलने के लिए होड़ सी मची रही।
भूखे-प्यासे लोग अपपे-अपने घरों के खर्चे के लिए पैसा बदलना चाह रहे थे। नगरा संवाददाता के अनुसार, कस्बा के एसबीआई तथा सेंट्रल बैंक का एटीएम खुला था। जिससे कुछ देर तक ग्राहकों को पैसा दिया गया। वहीं बैंकों पर लंबी कतारे लगी रही। ग्रामीण बैंक के खाता धारकों को 500 रुपये के नोट का खुला दिया गया। ऐसे में बैंक के उदासीनता पर लोग आक्रोशित दिखे।
पोस्ट आफिस में उन्हीं खाता धारकों को भुगतान किया गया। जिनका खाता में पैसा था। बांसडीह प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बा में बैंकों पर जहा लंबी कतारें लगी रही। वहीं एटीएम के दरवाजे तक नहीं खुले। लोगों को यह बात काफी खली। उनका कहना था कि एटीएम में सौ-सौ के नोट भी डाले जाते तो लोगों को थोड़ी सी राहत मिलती।