{"_id":"69b04d5148d0a67021099001","slug":"ayush-hospital-sealed-after-mothers-death-ballia-news-c-190-1-ana1001-159304-2026-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: प्रसूता की मौत के बाद आयुष हाॅस्पिटल को किया गया सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: प्रसूता की मौत के बाद आयुष हाॅस्पिटल को किया गया सील
विज्ञापन
रसड़ा कस्बा स्थित एक निजी अस्पताल को सील कराने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस तथा अस्प
रसड़ा । नगर के नवीन कृषि मंडी के समीप आयुष हाॅस्पिटल में प्रसव के दौरान प्रसूता प्रियांशु की मौत के मामले में प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. आनंद कुमार के निर्देश पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। हाॅस्पिटल को सील कर दिया।
इस कार्रवाई से नगर सहित ग्रामीण अंचलों में अवैध तरीके से संचालित निजी अस्पताल संचालकों में खलबली मच गई । रसड़ा सीएचसी के अधीक्षक डाॅ. मनीष जायसवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के अजय सिंह, शिवजी गुप्ता सहित पुलिस टीम ने पहुंचकर आयुष अस्पताल को सील कर दिया। वहीं, घटना के बाद से ही चिकित्सक व पूरा स्टाफ फरार चल रहा है।
आमघाट निवासी अश्वनी कुमार ने गर्भवती पत्नी प्रियांशु (23) के प्रसव पीड़ा होने पर आठ मार्च की शाम आयुष हास्पिटल में भर्ती कराया था। जहां चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स की लापरवाही से आॅपरेशन के दाैरान जच्चा-बच्चा की हालत गंभीर हो गई। यहां से परिजन मऊ ले गए। वहां पहुंचने पर एक अस्पताल में इलाज के दाैरान महिला ने दम तोड़ दिया। पति अश्वनी कुमार की तहरीर पर आयुष हाॅस्पिटल के मालिक कन्हैया यादव सहित चिकित्सक एवं स्टाफ के विरुद्ध पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
विज्ञापन
इस बाबत एसीएमओ डॉक्टर योगेन्द्र दास ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सभी तथ्यों की जांच के उपरांत दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर रसड़ा कस्बे में मानक को दर किनार कर सात से अधिक अवैध नर्सिग होम संचालित होते हैं। तीन निजी अस्पताल पूर्व में इलाज में लापरवाही के कारण गर्भवती व प्रसूता की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा सील किया गया था, उसके दो से तीन माह बाद विभागीय मिलीभगत से फिर से संचालित हो रहे हैं।
विज्ञापन
इस कार्रवाई से नगर सहित ग्रामीण अंचलों में अवैध तरीके से संचालित निजी अस्पताल संचालकों में खलबली मच गई । रसड़ा सीएचसी के अधीक्षक डाॅ. मनीष जायसवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के अजय सिंह, शिवजी गुप्ता सहित पुलिस टीम ने पहुंचकर आयुष अस्पताल को सील कर दिया। वहीं, घटना के बाद से ही चिकित्सक व पूरा स्टाफ फरार चल रहा है।
विज्ञापन
आमघाट निवासी अश्वनी कुमार ने गर्भवती पत्नी प्रियांशु (23) के प्रसव पीड़ा होने पर आठ मार्च की शाम आयुष हास्पिटल में भर्ती कराया था। जहां चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स की लापरवाही से आॅपरेशन के दाैरान जच्चा-बच्चा की हालत गंभीर हो गई। यहां से परिजन मऊ ले गए। वहां पहुंचने पर एक अस्पताल में इलाज के दाैरान महिला ने दम तोड़ दिया। पति अश्वनी कुमार की तहरीर पर आयुष हाॅस्पिटल के मालिक कन्हैया यादव सहित चिकित्सक एवं स्टाफ के विरुद्ध पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
विज्ञापन
इस बाबत एसीएमओ डॉक्टर योगेन्द्र दास ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सभी तथ्यों की जांच के उपरांत दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर रसड़ा कस्बे में मानक को दर किनार कर सात से अधिक अवैध नर्सिग होम संचालित होते हैं। तीन निजी अस्पताल पूर्व में इलाज में लापरवाही के कारण गर्भवती व प्रसूता की मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा सील किया गया था, उसके दो से तीन माह बाद विभागीय मिलीभगत से फिर से संचालित हो रहे हैं।