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दिसंबर महीने में बनकर तैयार होगा आयुर्वेद अस्पताल, मिलेगी सुविधा
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बलिया। जिले का पहला व आजमगढ़ मंडल का इकलौता आयुर्वेदिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल जल्द बनकर तैयार हो जाएगा। चितबड़ागांव नगर पंचायत कस्बा के फिरोजपुर में चार वर्ष पूर्व 50 बेड के आयुर्वेदिक अस्पताल की आधारशिला रखी गई थी। इस अस्पताल को दो वर्ष में बन कर तैयार होना था लेकिन नहीं बन सका। अब अस्पताल के निर्माण की पूरा होने की तिथि दिसंबर में निर्धारित की गई है। अस्पताल का अधिकांश कार्य पूरा हो गया है। जल्द जनपदवासियों को आयुर्वेदिक अस्पताल की सुविधा मिलने लगेगी।
2018 में चितबड़ागांव के फिरोजपुर में सुपर स्पेशलिटी आयुर्वेदिक अस्पताल की नींव पड़ी। प्रदेश के तत्कालीन खेल मंत्री व फेफना के तत्कालीन विधायक उपेंद्र तिवारी के प्रयास से शिलान्यास के बाद काम शुरू हुआ। करीब 50 बेड के इस हॉस्पिटल के निर्माण की जिम्मेदारी पैक्सफेड को दी गई। इसके लिए लगभग 6.95 करोड़ रुपये शासन की ओर से अवमुक्त किया जा चुका है। दो मंजिला अस्पताल भवन का निर्माण कार्य दो वर्ष में पूरा करना था। लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर दिसंबर 2022 समय सीमा निर्धारित की गई है। बताया जाता है कि अस्पताल का 90 फीसदी से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। इस अस्पताल के चालू होने के बाद आयुर्वेद पद्धति से लोगों का इलाज शुरू होगा। यहां पर रोगियों को भर्ती करने के साथ ही इलाज से जुड़े अन्य सभी इंतजाम होंगे।
पारंपरिक विधि से होगा इलाज
आयुर्वेदिक अस्पताल में स्त्री व प्रसूति रोग के साथ ही अन्य कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी। वहां पर स्नेहन, स्वेदन, वमन, विरेचन, शिरोधारा, बस्ती आदि पारंपरिक विधि से उपचार होगा। इससे गठिया, रियूमेटॉइड, अर्थराइटिस, लकवा, चर्मरोग, तनाव, अनिद्रा, आदि बीमारियों का इलाज होगा। बताया जाता है कि अस्पताल में पंचकर्म, क्षारसूत्र और योग के जरिए रोगों का इलाज किया जाएगा।
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यूपीआरएनएस (पैक्सफेड), अभियंता आकाश राय ने बताया कि चितबड़ागांव के फिरोजपुर में 50 बेड के आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। जल्द कार्य पूरा हो जाएगा। जो व्यवस्था करने का निर्देश कार्यदायी संस्था को है, उसे पूरा करने के बाद हैंडओवर किया जाएगा।
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2018 में चितबड़ागांव के फिरोजपुर में सुपर स्पेशलिटी आयुर्वेदिक अस्पताल की नींव पड़ी। प्रदेश के तत्कालीन खेल मंत्री व फेफना के तत्कालीन विधायक उपेंद्र तिवारी के प्रयास से शिलान्यास के बाद काम शुरू हुआ। करीब 50 बेड के इस हॉस्पिटल के निर्माण की जिम्मेदारी पैक्सफेड को दी गई। इसके लिए लगभग 6.95 करोड़ रुपये शासन की ओर से अवमुक्त किया जा चुका है। दो मंजिला अस्पताल भवन का निर्माण कार्य दो वर्ष में पूरा करना था। लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर दिसंबर 2022 समय सीमा निर्धारित की गई है। बताया जाता है कि अस्पताल का 90 फीसदी से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। इस अस्पताल के चालू होने के बाद आयुर्वेद पद्धति से लोगों का इलाज शुरू होगा। यहां पर रोगियों को भर्ती करने के साथ ही इलाज से जुड़े अन्य सभी इंतजाम होंगे।
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पारंपरिक विधि से होगा इलाज
आयुर्वेदिक अस्पताल में स्त्री व प्रसूति रोग के साथ ही अन्य कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी। वहां पर स्नेहन, स्वेदन, वमन, विरेचन, शिरोधारा, बस्ती आदि पारंपरिक विधि से उपचार होगा। इससे गठिया, रियूमेटॉइड, अर्थराइटिस, लकवा, चर्मरोग, तनाव, अनिद्रा, आदि बीमारियों का इलाज होगा। बताया जाता है कि अस्पताल में पंचकर्म, क्षारसूत्र और योग के जरिए रोगों का इलाज किया जाएगा।
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यूपीआरएनएस (पैक्सफेड), अभियंता आकाश राय ने बताया कि चितबड़ागांव के फिरोजपुर में 50 बेड के आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। जल्द कार्य पूरा हो जाएगा। जो व्यवस्था करने का निर्देश कार्यदायी संस्था को है, उसे पूरा करने के बाद हैंडओवर किया जाएगा।