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Ballia News: गंगा का पानी उतरने के साथ ही गांवों में बढ़ने लगी दुश्वारियां, स्वास्थ्य सुविधाएं हुई बेपटरी
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चौकी नौरंगा में नाव की कमी के चलते बाढ़ के पानी में आवागमन करते बाढ़ पीड़ित।संवाद
बलिया/मझौवां। गंगा नदी का जलस्तर दो दिनों से घटाव पर है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों के प्रभावित लोगों ने राहत भरी सांस ली है। शहर के निचले इलाकों में पानी उतरने लगा है। मोहल्लों की गलियां कीचड़ युक्त हो गई है, जिस पर चलना मुश्किल हो गया है। जलस्तर के उतार-चढ़ाव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। नदी अपने साथ प्रभावित इलाकों में गंदगी आदि छोड़ जाती है। बाढ़ ग्रस्त सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छ्परा, वंश गोपाल छपरा, मुरली छपरा, पाण्डेयपुर, नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की नौरंगा, उपाध्याय टोला, शतिघाट, भुसौला, नारदरा सहित सात दर्जन गांवों के लोगों को अभी समस्याओं से जूझ रहे है। अभी बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री, भोजन, शुद्ध जल, रोशनी, पशु चारा, स्वास्थ्य सुविधाओं की दरकरार है। गायघाट से लेकर टेंगरही बंधे, नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की, उपाध्याय टोला, शतिघाट, भुसौला तक अभी भी बाढ़ का पानी जमा है। बाढ़ से लगभग 84 गांवों में 71 हजार की आबादी प्रभावित है। दो हजार एकड़ फसल बर्बाद हो गई हैं। 25 हजार पशुओं को चारा की समस्या उत्पन्न हो गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के पास पीने का साफ पानी और राहत सामग्री की भारी कमी है। पीड़ित दीनानाथ तिवारी का कहना है कि यदि जल्द से जल्द राहत कार्यों को तेज़ी से नहीं बढ़ाया गया, तो स्थिति और विकट हो सकती है। केन्द्रीय जल आयोग गायघाट गेज के अनुसार सोमवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.620 मीटर रिकॉर्ड किया गया। साथ ही आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से नदी का जलस्तर घट रहा है। अभी गंगा नदी खतरा बिन्दु 57.615 मीटर से दो मीटर ऊपर बह रही हैं।
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कई रास्तों पर अब भी तीन फीट तक पानी
दया छपरा। गंगा नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। ग्राम पंचायत दुबे छपरा के उदई छपरा मार्ग और दया छपरा-प्रसाद छपरा मार्ग से बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर गया है। इसके बाद इन मार्गों पर ग्रामीणों का आवागमन भी शुरू हो गया है।
हालांकि, अभी भी कई संपर्क मार्गों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बुधन चक मार्ग, ग्राम पंचायत जगदेवा के चिंतामणि राय के टोला मार्ग तथा पांडेपुर मार्ग पर करीब ढाई से तीन फीट पानी भरा हुआ है।
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डूबा विद्यालय तो हाईवे किनारे चाय की दुकान बनी प्रवेश केंद्र
दया छपरा। गंगा नदी में आई बाढ़ का असर अब शिक्षण व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। दुबे छपरा स्थित पी एन इंटर कॉलेज में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण विद्यालय में छात्रों का पहुंचना मुश्किल हो गया है। ऐसे में विद्यालय के प्रधानाचार्य सुधांशु प्रकाश मिश्रा उर्फ बबलू की देखरेख में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 किनारे स्थित दुबे छपरा की एक चाय की दुकान को ही अस्थायी प्रवेश केंद्र बना दिया गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी पहुंचकर अपना प्रवेश फॉर्म भर रहे हैं।
प्रधानाचार्य सुधांशु प्रकाश मिश्रा ने बताया कि बाढ़ के कारण विद्यालय परिसर में पानी भर गया है। ऐसी स्थिति में छात्रों को विद्यालय तक पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है। विद्यार्थियों का साल खराब न हो और प्रवेश प्रक्रिया समय से पूरी हो सके।
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बांधों की सुरक्षा व्यवस्था परखी, कटान रोकने के दिए निर्देश
दया छपरा। गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र के विभिन्न बांधों का निरीक्षण किया। बाढ़ एवं सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता गंडक विकास कुमार सिंह, ड्रेनेज मंडल बलिया के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार सिंह और अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्रा ने बीबी बांध, बीएसटी बांध के साथ ही सिताबदियारा बांध का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बांधों की स्थिति, नदी के दबाव और संभावित कटान वाले स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद सहायक अभियंता श्रवण कुमार प्रियदर्शी, जूनियर इंजीनियर अमरनाथ वर्मा और वाशिम अहमद को बाढ़ एवं कटान से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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कई रास्तों पर अब भी तीन फीट तक पानी
दया छपरा। गंगा नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आने से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। ग्राम पंचायत दुबे छपरा के उदई छपरा मार्ग और दया छपरा-प्रसाद छपरा मार्ग से बाढ़ का पानी पूरी तरह उतर गया है। इसके बाद इन मार्गों पर ग्रामीणों का आवागमन भी शुरू हो गया है।
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हालांकि, अभी भी कई संपर्क मार्गों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बुधन चक मार्ग, ग्राम पंचायत जगदेवा के चिंतामणि राय के टोला मार्ग तथा पांडेपुर मार्ग पर करीब ढाई से तीन फीट पानी भरा हुआ है।
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डूबा विद्यालय तो हाईवे किनारे चाय की दुकान बनी प्रवेश केंद्र
दया छपरा। गंगा नदी में आई बाढ़ का असर अब शिक्षण व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। दुबे छपरा स्थित पी एन इंटर कॉलेज में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण विद्यालय में छात्रों का पहुंचना मुश्किल हो गया है। ऐसे में विद्यालय के प्रधानाचार्य सुधांशु प्रकाश मिश्रा उर्फ बबलू की देखरेख में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 किनारे स्थित दुबे छपरा की एक चाय की दुकान को ही अस्थायी प्रवेश केंद्र बना दिया गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी पहुंचकर अपना प्रवेश फॉर्म भर रहे हैं।
प्रधानाचार्य सुधांशु प्रकाश मिश्रा ने बताया कि बाढ़ के कारण विद्यालय परिसर में पानी भर गया है। ऐसी स्थिति में छात्रों को विद्यालय तक पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है। विद्यार्थियों का साल खराब न हो और प्रवेश प्रक्रिया समय से पूरी हो सके।
बांधों की सुरक्षा व्यवस्था परखी, कटान रोकने के दिए निर्देश
दया छपरा। गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र के विभिन्न बांधों का निरीक्षण किया। बाढ़ एवं सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता गंडक विकास कुमार सिंह, ड्रेनेज मंडल बलिया के अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार सिंह और अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्रा ने बीबी बांध, बीएसटी बांध के साथ ही सिताबदियारा बांध का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बांधों की स्थिति, नदी के दबाव और संभावित कटान वाले स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद सहायक अभियंता श्रवण कुमार प्रियदर्शी, जूनियर इंजीनियर अमरनाथ वर्मा और वाशिम अहमद को बाढ़ एवं कटान से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

चौकी नौरंगा में नाव की कमी के चलते बाढ़ के पानी में आवागमन करते बाढ़ पीड़ित।संवाद