फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Arrest of two accused in food scam created panic

खाद्यान्न घोटाला में दो आरोपियों की गिरफ्तारी से मची खलबली

Sun, 03 Apr 2022 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 11:27 PM IST
विज्ञापन
Arrest of two accused in food scam created panic
बलिया। खाद्यान्न घोटाला का जिन्न एक बार फिर बाहर आने लगा है। करीब दो दशक पहले इस घोटाले की अब भी जारी है और रुक रुक हो रही गिरफ्तारी को लेकर अन्य आरोपियों में खलबली मची है।जिले में दो दशक पहले हुए करोड़ों के खाद्यान्न घोटाले में शनिवार को जिले के दो तत्कालीन कोटेदार बरमेश्वर मिश्रा कंचनपुर रेवती व कामता सिंह पुत्र रामजनम सिंह निवासी ग्राम पचरूखा रेवती को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि यह कार्रवाई करीब डेढ़ वर्ष बाद हुई है। रुक-रुक कर खाद्यान्न घोटाले में हो रही कार्रवाई को लेकर जनपद के अन्य आरोपियों में खलबली मची है।
विज्ञापन

बता दें कि जिले में वर्ष 2002-03 से वर्ष 2005-06 के बीच संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत करोड़ों के खाद्यान्न घोटाले का मामला सामने आया। वर्ष 2005 में सबसे पहले सीबीसीआईडी ने 17 ब्लॉकों में हुई गड़बड़ी को देखते हुए अलग-अलग थानों में कुल 51 मुकदमे दर्ज कर जांच शुरु कर दी। इन मुकदमों में 2002-03 से वर्ष 2005-06 के बीच रहे सभी सीडीओ, पीडी, डीडीओ, बीडीओ, तहसीलदार, पूर्ति निरीक्षक, ट्रांसपोर्टर, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव आदि समेत कुल 6055 अधिकारियों व कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया। जांच शुरु होते ही जिले में हड़कंप मच गया और मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा। इसके बाद इस जांच को शासन ने ईओडब्लू को दे दी। इसी बीच जिले के कुछ लोगों ने इस घोटाले की सीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दिया। हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने आठ मुकदमों को अपने अधीन लेते हुए जांच शुुरु कर दी। उधर, ईओडब्लू वाराणसी की ओर से 43 मामलों की जांच की जा रही है। कई मामलों में ईओडब्लू की ओर से कार्रवाई की जा चुकी है। सितंबर 2020 में ईओडब्लू वाराणसी की टीम ने जिले के हनुमानगंज ब्लॉक के तत्कालीन बीडीओ रहे रामफेर राम को अमेठी से गिरफ्तार कर किया था। इसके पूर्व भी टीम कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
विज्ञापन

सीडीओ की पहल पर शासन ने जांच का दिया था आदेश
बलिया। वर्ष 2005 में तत्कालीन सीडीओ व सत्ता दल के जिलाध्यक्ष के बीच विवाद हो गया। इसके बाद सीडीओ ने शासन को पत्र भेजकर आशंका जताया कि एसजीआरवाई के तहत बड़े पैमाने पर घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है जिसकी उच्चस्तरीय जांच कराया जाना आवश्यक है। सीडीओ की रिपोर्ट पर तत्कालीन मुख्यमंत्री ने मामले की जांच सीबीआईडी को दिया। वर्ष 2005 में जिले में पहुंची सीबीसीआईडी की टीम ने प्रथम दृष्टया जांच के बाद सभी 17 ब्लॉकों में हुई गड़बड़ी को देखते हुए कुल 51 मुकदमे दर्ज कराते हुए 6055 अधिकारियों व कर्मचारियों को आरोपी बनाया। वर्ष 2005 में आरोपियों की शिकायत पर शासन ने मामले की जांच ईओडब्लू को दे दी। अभी जांच चल ही रही थी कि हाईकोर्ट ने आठ मामलों की जांच सीबीआई को दे दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed