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शिव की शरण में रहने वाला हर व्यक्ति हो जाता शिवमय : पंडित प्रदीप मिश्रा

Sun, 14 Jun 2026 12:14 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 12:14 AM IST
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Anyone who seeks refuge in Shiva becomes one with Shiva: Pandit Pradeep Mishra
बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में चल रहे ​शिवपुराण की कथा सुनाते पं. प्रदीप मिश्रा।आयोजक
बांसडीहरोड। बाबा बालखंडी नाथ धाम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के तत्वावधान में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शरणागति, संगति और शिव परिवार की महिमा का वर्णन किया।
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कथा प्रारंभ होने से पूर्व परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, उनकी माता तेतरी देवी, अनुज धर्मेंद्र सिंह तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने व्यासपीठ का पूजन-अर्चन कर पंडित प्रदीप मिश्रा का स्वागत किया। पंडित मिश्रा ने कहा कि माता-पिता, गुरु और भगवान शिव की शरण में रहने वाला व्यक्ति जीवन में सुख, शांति और आनंद प्राप्त करता है।
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उन्होंने मछली और जल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार मछली जल के बिना जीवित नहीं रह सकती, उसी प्रकार मनुष्य भी ईश्वर और अपने संस्कारों की शरण में रहकर ही जीवन को सार्थक बना सकता है। उन्होंने कहा कि शरणागति ही मनुष्य के जीवन की दिशा तय करती है।
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कथावाचक ने कहा कि व्यक्ति का मूल्य उसकी संगति से बढ़ता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान शिव की शरण में पहुंचने वाला व्यक्ति भी शिवमय हो जाता है और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सदैव अच्छे विचारों और श्रेष्ठ संगति को अपनाने का आह्वान किया।
महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए पंडित मिश्रा ने बताया कि द्रौपदी के रोम-रोम में भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण था, इसलिए उनकी पुकार सुनकर भगवान स्वयं उनकी सहायता के लिए पहुंचे थे। जो भक्त सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है, उसकी रक्षा के लिए ईश्वर स्वयं उपस्थित हो जाते हैं। माता पार्वती के बाल्यकाल का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि बाल्यावस्था से ही माता पार्वती भगवान शिव के प्रति समर्पित थीं और पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर उनकी आराधना करती थीं।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि भगवान शिव का परिवार प्रेम, त्याग, समर्पण और स्वीकार्यता का प्रतीक है। इसी कारण देवाधिदेव महादेव के परिवार को विशेष रूप से “शिव परिवार” कहा जाता है। उन्होंने कहा कि शिव परिवार समाज को एकता, सहिष्णुता और पारिवारिक मूल्यों का संदेश देता है।

पूरा परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान रहा और आध्यात्मिक एवं जीवनोपयोगी संदेशों को सुनकर लोग भावविभोर हो उठे।

बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में चल रहे शिवपुराण की कथा सुनाते पं. प्रदीप मिश्रा।आयोजक

बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में चल रहे शिवपुराण की कथा सुनाते पं. प्रदीप मिश्रा।आयोजक

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