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अनवर रशीद फारुकी बने चितबड़ागांव नगर पंचायत के प्रशासक
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पाइप लाइन डालने, हैंडपंप रिबोर, कंबल खरीद, टेंडर आदि में हुई अनियमितता के मामले में अप्रैल 2018 में सभासदों की ओर से शिकायत के मामले में एक बार फिर नगर पंचायत चेयरमैन केशरी नंदन त्रिपाठी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारी सीज होने के बाद जिला मजिस्ट्रेट ने डिप्टी कलेक्टर अनवर रशीद फारुकी को चितबड़ागांव नगर पंचायत का प्रशासक नियुक्त किया है। वहीं शासन की ओर से केशरी नंदन त्रिपाठी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 15 दिन में जवाब मांगा है।
शासन की ओर से सभासदों की शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी से मामले की जांच कराई गई। जिलाधिकारी ओर से भेजी गई रिपोर्ट के बाद चेयरमैन को सुनवाई के लिए समय दिया गया, लेकिन वो सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुए। बाद में शासन ने मामले में जनवरी 2020 में चेयरमैन के अधिकारों को सीज कर दिया था। इसके विरोध में चेयरमैन ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाइकोर्ट से उनको राहत मिल गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में फिर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी और जिलाधिकारी से वित्तीय अनियमितता के बारे स्पष्ट अभिमत मांगा गया। वर्ष 2021 में तत्कालीन जिलाधिकारी की ओर से सुनवाई के बाद फिर से अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी इसमें नगर पंचायत में पाइप लाइन डालने और हैंडपंप रिबोर में 2.29 लाख की वित्तीय अनियमितता पाई गई। नगर पंचायत में हुए विकास कार्यों का ब्यौरा सभासदों को उपलब्ध न कराने और नियम विरुद्ध टेंडर कराने का आरोप भी सिद्ध पाया गया। कंबल खरीद में 4.69 लाख की वित्तीय अनियमितता पाई गई। बिना प्रस्ताव के समग्री खरीद में भी 1.40 लाख की वित्तीय अनियमितता मिली। उक्त आरोपों के क्रम में शासन की ओर से चेयरमैन के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को सीज करते हुए जिलाधिकारी को अध्यक्ष पद के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों के संचालन के लिए प्रशासक की तैनाती के निर्देश दिए थे।
डिप्पी कलेक्टर अनवर रशीद फारुकी को चितबड़ागांव का प्रशासक बनाया गया है। वह चेयरमैन पद के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों का संचालन करेंगे।
सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी
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शासन की ओर से सभासदों की शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी से मामले की जांच कराई गई। जिलाधिकारी ओर से भेजी गई रिपोर्ट के बाद चेयरमैन को सुनवाई के लिए समय दिया गया, लेकिन वो सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुए। बाद में शासन ने मामले में जनवरी 2020 में चेयरमैन के अधिकारों को सीज कर दिया था। इसके विरोध में चेयरमैन ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाइकोर्ट से उनको राहत मिल गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में फिर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी और जिलाधिकारी से वित्तीय अनियमितता के बारे स्पष्ट अभिमत मांगा गया। वर्ष 2021 में तत्कालीन जिलाधिकारी की ओर से सुनवाई के बाद फिर से अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी इसमें नगर पंचायत में पाइप लाइन डालने और हैंडपंप रिबोर में 2.29 लाख की वित्तीय अनियमितता पाई गई। नगर पंचायत में हुए विकास कार्यों का ब्यौरा सभासदों को उपलब्ध न कराने और नियम विरुद्ध टेंडर कराने का आरोप भी सिद्ध पाया गया। कंबल खरीद में 4.69 लाख की वित्तीय अनियमितता पाई गई। बिना प्रस्ताव के समग्री खरीद में भी 1.40 लाख की वित्तीय अनियमितता मिली। उक्त आरोपों के क्रम में शासन की ओर से चेयरमैन के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार को सीज करते हुए जिलाधिकारी को अध्यक्ष पद के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों के संचालन के लिए प्रशासक की तैनाती के निर्देश दिए थे।
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डिप्पी कलेक्टर अनवर रशीद फारुकी को चितबड़ागांव का प्रशासक बनाया गया है। वह चेयरमैन पद के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों का संचालन करेंगे।
सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी