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36 लाख की आबादी पर जिले में मात्र चार एनेस्थीसिया के डॉक्टर
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बलिया। जनपद की आबादी करीब 36 लाख है, लेकिन जनपद में मात्र चार एनेस्थीसिया के डॉक्टर है। जिला अस्पताल दो तथा बसंतपुर स्थित एल-2 अस्पताल में दो एनेस्थीसिया डाक्टर की तैनाती है। कमी के कारण सीएचसी और पीएचसी पर आपरेशन की कोई सुविधा नहीं है। मरीजों को जिले की दौड़ लगानी पड़ती है।
बता दें कि जनपद में कुल 10 सीएचसी, 13 पीएचसी एवं 67 न्यू पीएचसी संचालित होती है। जिले में दर्जनों प्राइवेट नर्सिंग होम संचालित होते हैं, जहां छोटे-बड़े ऑपरेशन किया जाता है, लेकिन सीएचसी और पीएचसी पर एनेस्थीसिया डाक्टर के अभाव में आपरेशन नहीं किया जाता है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार जिले में मात्र चार ही एनेस्थीसिया के डाक्टर हैं। जनपद में इन दिनों मात्र चार एनेस्थीसिया डाक्टर तैनात है। इसमें डाक्टर दीपक शाह एवं डा. गुंजन कुमार जिला अस्पताल में तैनात है। बसंतपुर स्थित एल-2 अस्पताल में डा. अभिषेक कुमार एवं डा. उज्जवल को तैनात किया गया है। यदि जिला महिला अस्पताल में कोई ऑपरेशन वाला मरीज आ गया तो उसे बेहोशी के डाक्टर के अभाव में रेफर कर दिया जाता है। इससे वह प्राइवेट नर्सिंग होम में आपरेशन करवाने के लिए लाचार व विवश होता है।
जनपद में एनेस्थीसिया डाक्टर की काफी कमी है। दो डाक्टर जिला अस्पताल और दो कोविड अस्पताल में तैनात हैं। एनेस्थीसिया डाक्टर के अभाव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑपरेेशन नहीं हो पा रहा है। एनेस्थीसिया डाक्टरों की डिमांड के लिए शासन-प्रशासन को पत्रक भेजा गया है। जनपद में कम से कम 10 एनेस्थीसिया डाक्टर होने चाहिए। - डा. राजेंद्र प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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- जिला अस्पताल में एनेस्थीसिया के डा. दीपक शाह एवं डा. गुंजन कुमार तैनात है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन चार से पांच मेजर आपरेशन किए जाते है। पूर्व में इन्हें महिला अस्पताल में भी जाना पड़ता था। जिससे दिक्कतें होती थी, लेकिन वर्तमान में अब नहीं जाना पड़ रहा है। जिससे अब स्थिति ठीक है। - डा. बीपी सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल, बलिया
जिला महिला अस्पताल में बसंतपुर स्थित एल-2 अस्पताल में तैनात एनेस्थीसिया के डाक्टर अभिषेक कुमार को सीएमओ द्वारा सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक तैनात किया गया था लेकिन वर्तमान में बेहोशी के डाक्टर का अभाव है। गंभीर मरीजों का ऑपरेशन नहीं किया जाता है, ज्यादा दिक्कत होने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है। स्थायी रूप से अपने यहां एनेस्थीसिया का कोई डाक्टर तैनात नहीं है। - डा. सुमिता सिन्हा, सीएमएस, जिला महिला चिकित्सालय, बलिया
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बता दें कि जनपद में कुल 10 सीएचसी, 13 पीएचसी एवं 67 न्यू पीएचसी संचालित होती है। जिले में दर्जनों प्राइवेट नर्सिंग होम संचालित होते हैं, जहां छोटे-बड़े ऑपरेशन किया जाता है, लेकिन सीएचसी और पीएचसी पर एनेस्थीसिया डाक्टर के अभाव में आपरेशन नहीं किया जाता है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार जिले में मात्र चार ही एनेस्थीसिया के डाक्टर हैं। जनपद में इन दिनों मात्र चार एनेस्थीसिया डाक्टर तैनात है। इसमें डाक्टर दीपक शाह एवं डा. गुंजन कुमार जिला अस्पताल में तैनात है। बसंतपुर स्थित एल-2 अस्पताल में डा. अभिषेक कुमार एवं डा. उज्जवल को तैनात किया गया है। यदि जिला महिला अस्पताल में कोई ऑपरेशन वाला मरीज आ गया तो उसे बेहोशी के डाक्टर के अभाव में रेफर कर दिया जाता है। इससे वह प्राइवेट नर्सिंग होम में आपरेशन करवाने के लिए लाचार व विवश होता है।
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जनपद में एनेस्थीसिया डाक्टर की काफी कमी है। दो डाक्टर जिला अस्पताल और दो कोविड अस्पताल में तैनात हैं। एनेस्थीसिया डाक्टर के अभाव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑपरेेशन नहीं हो पा रहा है। एनेस्थीसिया डाक्टरों की डिमांड के लिए शासन-प्रशासन को पत्रक भेजा गया है। जनपद में कम से कम 10 एनेस्थीसिया डाक्टर होने चाहिए। - डा. राजेंद्र प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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- जिला अस्पताल में एनेस्थीसिया के डा. दीपक शाह एवं डा. गुंजन कुमार तैनात है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन चार से पांच मेजर आपरेशन किए जाते है। पूर्व में इन्हें महिला अस्पताल में भी जाना पड़ता था। जिससे दिक्कतें होती थी, लेकिन वर्तमान में अब नहीं जाना पड़ रहा है। जिससे अब स्थिति ठीक है। - डा. बीपी सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल, बलिया
जिला महिला अस्पताल में बसंतपुर स्थित एल-2 अस्पताल में तैनात एनेस्थीसिया के डाक्टर अभिषेक कुमार को सीएमओ द्वारा सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक तैनात किया गया था लेकिन वर्तमान में बेहोशी के डाक्टर का अभाव है। गंभीर मरीजों का ऑपरेशन नहीं किया जाता है, ज्यादा दिक्कत होने पर उन्हें रेफर कर दिया जाता है। स्थायी रूप से अपने यहां एनेस्थीसिया का कोई डाक्टर तैनात नहीं है। - डा. सुमिता सिन्हा, सीएमएस, जिला महिला चिकित्सालय, बलिया