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नकलविहीन परीक्षा के लिए देना होगा शपथ्ा पत्र

Mon, 30 Oct 2017 10:43 PM IST
ballia
ballia Updated Mon, 30 Oct 2017 10:43 PM IST
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An affidavit to be given for unencrypted examination
Atul Maheshwari Scholarship Examination-2017
बोर्ड परीक्षा को इस साल नकलविहीन कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। कुछ दिन पहले बोर्ड की ओर से विद्यालयों के डाटा ऑनलाइन करने के निर्देश के बाद उसकी पड़ताल को लेकर जिला प्रशासन की ओर से एक बार निर्धारित प्रारुप पर ब्योरा मांगा है। इस प्रारुप पर प्रबंधक व प्रधानाचार्य दोनों के हस्ताक्षर होंगे और साथ ही विद्यालय के पांच फोटोग्राफ भी देने होंगे। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी स्कूूलों को प्रारुप भेजा है। बोर्ड के मानकों पर खरा उतरने वाले स्कूलों को ही परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी है।    
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कुछ दिनों पहले माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने के लिए स्कूलों को ऑनलाइन आवेदन मांगा था। बोर्ड की ओर से आवेदनों में कई मानक निर्धारित किए गए थे और यह भी व्यवस्था की गई थी कि निर्धारित ऐप को विद्यालय में मौजूद रहकर डाटा भरे जाएंगे। इस एप में अक्षांश व देशांतर भी भरना अनिवार्य था ताकि इसकी मॉनिटरिंग सेटेलाइट से की जा सके। इसके बाद बोर्ड ने ऑनलाइन भरे आवेदनों का सत्यापन जिला विद्यालय निरीक्षक से कराया तो कई गड़बड़ियां सामने आईं। कई स्कूल संचालकों की ओर से सीसीटीवी कैमरा नहीं होने के बावजूद उसके मौजूद होने की इंट्री कर दी थी। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक अमर नाथ राय की मानें तो सभी स्कूलों को एक निर्धारित प्रारुप भेजा गया है जिसमें वह विद्यालय का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराएंगे साथ ही यह घोषणा पत्र भी देंगे कि वह नकलविहीन परीक्षा कराएंगे और इसमें गड़बड़ी मिलने पर जिला प्रशासन कार्रवाई को स्वतंत्र होगा। उन्होंने बताया कि इस प्रारूप के मिलने के बाद संबंधित स्कूलों की ओर से किए गए ऑनलाइन आवेदनों से मिलान किया जाएगा और सत्यापन के बाद बोर्ड के मानकों पर खरा उतरने वाले स्कूलों को ही केंद्र बनाया जाएगा। जिला प्रशासन के इस सख्ती के चलते केंद्र के नाम पर खेल करने वाले स्कूल संचालकों की टेंशन बढ़ गई है। उधर, सरकार के निर्देश को देखते हुए केंद्र निर्धारण को लेकर जिला प्रशासन भी फूंक-फूंक कर कदम उठा रहा है।
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